दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026: सीएम रेखा गुप्ता द्वारा ऐलान

दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026: राजधानी में पहली बार सजेगा विश्व सिनेमा का मंच, सीएम रेखा गुप्ता ने किया 125 फिल्मों का ऐलान

दिल्ली/NCR

Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 25 Feb 2026, 10:45 pm IST

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Taj News Metro Desk

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नई दिल्ली (New Delhi): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निवासियों और सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। अब दिल्लीवासियों को विश्व स्तरीय सिनेमा का आनंद लेने के लिए गोवा या कान्स (Cannes) जाने की आवश्यकता नहीं होगी। दिल्ली में पहली बार दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 (International Film Festival Delhi – IFFD) का भव्य आयोजन होने जा रहा है। दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने इस ऐतिहासिक महोत्सव का ‘कर्टेन रेज़र’ (Curtain Raiser) लॉन्च किया। दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 को राजधानी के सांस्कृतिक और सिनेमैटिक इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो दिल्ली को वैश्विक पटल पर एक प्रमुख फिल्म हब के रूप में स्थापित करेगा।

HIGHLIGHTS
  • सिनेमा का महाकुंभ: दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 का आयोजन 25 से 31 मार्च तक दिल्ली के प्रतिष्ठित स्थानों पर किया जाएगा।
  • 125 फिल्मों का प्रदर्शन: इस भव्य आयोजन में दुनियाभर की 125 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाली अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी।
  • भारत मंडपम बनेगा केंद्र: इस फेस्टिवल के मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली के ऐतिहासिक ‘भारत मंडपम’ (Bharat Mandapam) में आयोजित किए जाएंगे।
  • सीएम रेखा गुप्ता का विजन: मुख्यमंत्री ने इसे दिल्ली की रचनात्मक शक्ति और आधुनिक दृष्टिकोण का प्रतीक बताया है।

दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026: 25 मार्च से शुरू होगा सिनेमाई जश्न

सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और विचारों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। इसी विचार को धरातल पर उतारते हुए, दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 का आयोजन 25 मार्च से 31 मार्च 2026 तक किया जाएगा। यह पूरे शहर में फैला एक व्यापक महोत्सव होगा, जिसकी स्क्रीनिंग दिल्ली के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों और ऑडिटोरियम में की जाएगी। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण प्रगति मैदान स्थित ‘भारत मंडपम’ होगा, जहां दुनिया भर के जाने-माने फिल्मकार, अभिनेता और तकनीकी विशेषज्ञ एक छत के नीचे जुटेंगे।

इस महोत्सव में कुल 125 अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिनमें विश्व सिनेमा की मास्टरपीस, वृत्तचित्र (Documentaries), शॉर्ट फिल्म्स और विशेष प्रस्तुतियां शामिल होंगी। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता की पहुंच विश्व सिनेमा तक सुनिश्चित करना है ताकि दिल्ली के लोग उच्च गुणवत्ता वाली फिल्मों का मुफ़्त में या बेहद कम कीमत पर आनंद ले सकें।

सिर्फ एक इवेंट नहीं, दिल्ली की रचनात्मकता का उत्सव है यह महोत्सव

लॉन्च इवेंट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 केवल एक रूटीन फिल्म इवेंट नहीं है। यह दिल्ली की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, यहां की असीम रचनात्मक शक्ति और एक आधुनिक, प्रगतिशील शहर के दृष्टिकोण (Modern Outlook) का भव्य उत्सव है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य इस फेस्टिवल को एक सार्वजनिक उत्सव (Public Festival) बनाना है, जहां समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो। हम चाहते हैं कि दिल्ली का हर नागरिक विश्व सिनेमा के उस जादू को महसूस करे, जो अक्सर केवल कुछ खास लोगों तक ही सीमित रह जाता है।”

इस दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 के माध्यम से स्थानीय और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं (Indie Filmmakers) को भी एक विशाल अंतरराष्ट्रीय मंच (International Exposure) प्राप्त होगा। यहां उन्हें वैश्विक स्तर के निर्देशकों और टैलेंट के साथ संवाद करने, अपने विचारों का आदान-प्रदान करने और सिनेमा की नई तकनीकों को सीखने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

दिल्ली सरकार की नई फिल्म नीति: सिंगल-विंडो क्लीयरेंस का जादू

दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 का यह आयोजन दिल्ली सरकार की नई और महत्वाकांक्षी ‘फिल्म नीति’ (Film Policy) का ही एक अहम हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली सरकार ने राजधानी को भारत की नई ‘सिनेमैटिक कैपिटल’ (Cinematic Capital) बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए सरकार ने ‘सिंगल-विंडो क्लीयरेंस’ (Single-window Clearances) प्रणाली लागू की है। इसका मतलब है कि अब निर्माताओं को शूटिंग की अनुमति के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ते; 15 दिन के भीतर ऑनलाइन माध्यम से उन्हें सभी मंजूरियां मिल जाती हैं।

इसके अलावा, सरकार फिल्म निर्माण के लिए प्रोडक्शन सपोर्ट और वित्तीय सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। इन सभी पहलों ने दिल्ली को शूटिंग के लिए एक बेहद आकर्षक गंतव्य (Filming Destination) बना दिया है। दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 इस दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो विदेशी प्रोडक्शन हाउसों को भी दिल्ली में निवेश करने के लिए प्रेरित करेगा।

AVGC सेक्टर, फिल्म टूरिज्म और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का प्रभाव केवल रूपहले पर्दे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह उस शहर की पूरी अर्थव्यवस्था को गति देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 के आयोजन से दिल्ली में ‘फिल्म टूरिज्म’ (Film Tourism) को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। जब दुनिया भर के फिल्मकार दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों और सड़कों को अपने कैमरे में कैद करेंगे, तो वैश्विक स्तर पर दिल्ली का पर्यटन ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा।

इसके साथ ही, यह दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 AVGC (Animation, Visual Effects, Gaming, and Comics) सेक्टर के लिए संजीवनी साबित होगा। भारत में एनिमेशन और वीएफएक्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इस महोत्सव में रचनात्मक उद्योगों (Creative Industries) पर विशेष कार्यशालाएं (Workshops) आयोजित की जाएंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के कौशल विकास (Talent Development) में मदद मिलेगी। होटल, परिवहन, इवेंट मैनेजमेंट और तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार (Employment Generation) पैदा होंगे। कुल मिलाकर, 25 मार्च से शुरू हो रहा यह महाकुंभ दिल्ली के लिए सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि चौतरफा विकास का एक नया सवेरा लेकर आ रहा है।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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