आंबेडकर और आरएसएस के विचारों में सामाजिक समरसता

अखण्ड और विकसित भारत की परिकल्पना में सामाजिक समरसता: आंबेडकर और आरएसएस के साझा वैचारिक आधार

Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 29 January 2026, 08:10 PM IST “अखण्ड और विकसित भारत” की परिकल्पना केवल आर्थिक प्रगति या भौगोलिक एकता तक सीमित नहीं है, और लेखक डॉ प्रमोद कुमार इस लेख में तर्क देते हैं कि सामाजिक समरसता, समानता और न्याय के बिना राष्ट्र-निर्माण अधूरा है, क्योंकि आंबेडकर के सामाजिक […]

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UGC अधिनियम और गरीब-केंद्रित शिक्षा सुधार

UGC अधिनियम: शिक्षा सुधार का रास्ता गरीब-केंद्रित क्यों होना चाहिए

Political Desk, Taj News | Updated: Wednesday, 28 January 2026, 09:20 PM IST भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित नए UGC अधिनियम को उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नियमन के सुधार के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन लेखक देवेंद्र गौतम अपने इस विचारात्मक लेख में स्पष्ट करते हैं कि किसी भी शिक्षा कानून की असली […]

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भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए समझौते पर हस्ताक्षर

भारत–यूरोपीय संघ एफटीए: सौदों की अम्मा या मोदी का मास्टरस्ट्रोक?

Political Desk, Taj News | Updated: Wednesday, 28 January 2026, 08:10 PM IST दो दशकों की कूटनीतिक रस्साकशी के बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेखक बृज खंडेलवाल वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का बड़ा टर्निंग पॉइंट मानते हैं, जहाँ ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच यूरोप से […]

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भारत में कोचिंग उद्योग और छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव

भारत का कोचिंग उद्योग: सपनों का बाज़ार, टूटती उम्मीदें और दबाव की फैक्ट्री

Political Desk, Taj News | Updated: Sunday, 25 January 2026, 10:40 AM IST महंगी फीस, झूठे वादों और असहनीय मानसिक दबाव के बीच पिसते लाखों छात्रों की हक़ीक़त को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारात्मक आलेख में सामने रखते हैं, जहाँ कोचिंग अब शिक्षा का सहारा नहीं बल्कि डर और मजबूरी का उद्योग बन चुकी […]

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उत्तर प्रदेश की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांस्कृतिक सहअस्तित्व

उत्तर प्रदेश: गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवंत विरासत, सहअस्तित्व और सांस्कृतिक सौहार्द की भूमि

Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 24 January 2026, 04:40 PM IST भारत की सांस्कृतिक आत्मा और साझा सभ्यता की बहुरंगी परंपरा को रेखांकित करते हुए लेखक डॉ. प्रमोद कुमार अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में उत्तर प्रदेश को गंगा-जमुनी तहज़ीब का जीवंत प्रतीक बताते हैं, जहाँ गंगा और यमुना के संगम की तरह ही […]

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Davos में बोर्ड ऑफ पीस और संयुक्त राष्ट्र की नई भूमिका

क्या Davos से जन्म ले रही है एक नई UN? ट्रंप, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ और भारत की दुविधा

Political Desk, Taj News | Updated: Saturday, 24 January 2026, 11:10 AM IST संयुक्त राष्ट्र को वर्षों तक “बेकार टॉक शॉप” कहकर उपहास उड़ाने वाले डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Davos में प्रस्ताव 2803 की छत्रछाया में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ जैसी नई व्यवस्था खड़ी करने की पहल को लेखक बृज खंडेलवाल वैश्विक राजनीति के गहरे विरोधाभास के […]

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विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम बदलाव और अकादमिक स्वतंत्रता पर संकट

ज्ञान की गर्दन और हिंदुत्व की तलवार: विश्वविद्यालयों में विचार की घेराबंदी

Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 23 January 2026, 06:55 PM IST दिल्ली विश्वविद्यालय सहित देश के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमों को लेकर बढ़ते वैचारिक हस्तक्षेप और अकादमिक स्वतंत्रता पर मंडराते संकट को लेखक अपूर्वानंद अपने इस तीखे आलेख में सामने रखते हैं, जहाँ जेंडर, भेदभाव, समाज, विश्व इतिहास और आधुनिक सामाजिक विज्ञान जैसे […]

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भारत में प्रेम संबंधों से जुड़े अपराध और सामाजिक बदलाव

जब मोहब्बत जानलेवा हो जाए: शायरी से पोस्टमार्टम तक रिश्तों का पतन

Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 23 January 2026, 11:05 AM IST नाकाम मोहब्बत के बदलते चेहरे और प्रेम से जुड़ी बढ़ती हिंसा को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में बेहद सख़्त सामाजिक यथार्थ के साथ रखते हैं, जहाँ कभी टूटे दिलों से शायरी और गीत जन्म लेते थे, वहीं आज प्रेम […]

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भारत में चुनाव आयोग, मतदाता सूची और लोकतंत्र पर संकट

जनतंत्र की खोखली होती नींव: चुनाव, संस्थाएं और तानाशाही की बढ़त

Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 22 January 2026, 06:35 PM IST आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर उठते गंभीर सवालों को लेखक राजेंद्र शर्मा अपने इस आलेख में सघन मतदाता पुनरीक्षण (SIR), चुनाव आयोग की निष्पक्षता और सत्ता के चुनावी दुरुपयोग के संदर्भ में सामने रखते […]

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भारत में शिष्टाचार और सभ्यता के पतन पर आलेख

काहे के विश्व गुरु? जब सभ्यता, शिष्टाचार और तहज़ीब की भाषा ही लुप्त हो रही हो

Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 22 January 2026, 10:55 AM IST तेज़ तकनीकी प्रगति और डिजिटल आत्मनिर्भरता के दावों के बीच समाज में घुलती जा रही बदज़ुबानी, असहिष्णुता और शिष्टाचारहीन व्यवहार को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारप्रधान आलेख में एक गहरे सांस्कृतिक संकट के रूप में देखते हैं, जहाँ कबीर की “ऐसी […]

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बंगाल राजनीति में ईडी सीबीआई छापेमारी और ध्रुवीकरण

बंगाल की राजनीति को ध्रुवीकृत करने का तमाशा: चुनाव, एजेंसियां और असली मुद्दों से भटकाव

Political Desk, Taj News | Updated: Wednesday, 21 January 2026, 07:15 PM IST चुनाव नज़दीक आते ही केंद्रीय जांच एजेंसियों की अचानक सक्रियता को लेखक मोहम्मद सलीम अपने इस आलेख में महज़ भ्रष्टाचार-रोधी कार्रवाई नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति को जानबूझकर ध्रुवीकृत करने की रणनीति बताते हैं, जहाँ ईडी और सीबीआई की छापेमार कार्रवाइयाँ बार-बार […]

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सभ्यता का पतन और धर्मग्रंथों की चेतावनी पर आलेख

सभ्यता का पतन या नैतिक थकान? क्यों धर्मग्रंथ भविष्य को लेकर चेतावनी देते हैं

Political Desk, Taj News | Updated: Tuesday, 20 January 2026, 11:25 AM IST भविष्य को लेकर फैले भय, पतन की आशंकाओं और सभ्यता की आंतरिक थकान को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में धार्मिक ग्रंथों और आधुनिक अनुभवों के बीच से टटोलते हैं, जहाँ रामचरितमानस से लेकर बाइबिल, क़ुरआन, बौद्ध, जैन और सिख […]

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