Monday, 01 December 2025, 01:03 PM. Agra, Uttar Pradesh
अलीगढ़ के जवां थाना क्षेत्र के चंदौखा गांव में हुई 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला चंद्रवती की हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। घटना के 21 दिन बाद जब पुलिस ने मामले का पर्दाफाश किया, तो यह सिर्फ एक हत्या का केस नहीं रहा — बल्कि इंसानी रिश्तों के टूटते मूल्य, विकृत प्रेम, और घर के भीतर चल रहे गहरे षड्यंत्र की भयावह कहानी बनकर सामने आया।
जो सच सामने आया, उसने परिवार, गांव और पुलिस — सभी को स्तब्ध कर दिया।
हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसी घर की पोती रूबी ने अपने प्रेमी रविशंकर के साथ मिलकर कराई थी।
और वजह?
अपनी शादी रुकवाना, ताकि वह प्रेमी के साथ भागकर शादी कर सके।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि—
पोती रूबी ने अपनी दादी की हत्या के लिए घर में शादी के लिए रखे गए पैसों में से 10,000 रुपये चुराकर अपने प्रेमी को तमंचा और कारतूस खरीदने के लिए दिए थे।
इतना ही नहीं, हत्या के तुरंत बाद भी शादी टली नहीं और रूबी की शादी 18 नवंबर को नियत तारीख पर कर दी गई।
और तीन दिन बाद वह चूड़ा पहने, मेहंदी लगे हाथों के साथ ससुराल विदा भी हो गई।
इस दिल दहला देने वाली घटना की पूरी कहानी, पुलिस जांच, मोबाइल सर्विलांस, व्हाट्सएप चैट्स, मुखबिरी, हत्या की मिनट-दर-मिनट प्लानिंग, और दोनों आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर नीचे विस्तार से पढ़िए—

हत्या की रात — एक खौफनाक शाम जिसने सब बदल दिया
11 नवंबर की शाम हर दिन की तरह ही शुरू हुई।
गांव चंदौखा की 65 वर्षीय चंद्रवती घेर से पशुओं को घर ला रही थीं।
पोती रूबी उनके साथ ही आती थी, लेकिन उस दिन वह योजना के मुताबिक थोड़ी जल्दी निकल गई।
शाम लगभग 8:30 बजे, गांव के तिराहे पर लोग एक बुजुर्ग महिला को खून से लथपथ बेहोश पड़ी देखकर दंग रह गए।
सिर में गोली का निशान था।
परिवार उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शुरुआती जांच में कोई दुश्मनी नहीं मिली।
पुलिस को लगा कि शायद किसी बाहरी शरारती ने यह अपराध किया है।
लेकिन सच बहुत ज्यादा जटिल और खतरनाक था।
प्रेम कहानी जो हत्या तक पहुंच गई — रूबी और रविशंकर का रिश्ता
रविशंकर, गांव कस्तली का रहने वाला, चंदौखा मोड़ पर पिछले छह साल से बाइक मरम्मत की दुकान चलाता था।
उसकी दुकान मुंशीलाल की दुकानों के पीछे थी, जहां रूबी (मुंशीलाल की बेटी) का परिवार रहता था।
यहीं दोनों की मुलाकातें शुरू हुईं।
धीरे-धीरे रिश्ता प्रेम में बदल गया।
चंद्रवती (रूबी की दादी) को उनके संबंधों का पता चल गया।
इसके बाद वह लगातार रूबी पर निगरानी रखने लगीं।
उन्होंने परिवार पर दबाव डालकर रूबी की शादी कहीं और तय करवा दी।
रूबी के लिए यह रिश्ता स्वीकार करना आसान नहीं था।
वह किसी भी कीमत पर रविशंकर से अलग नहीं होना चाहती थी।
दोनों के बीच समझौता हुआ कि—
“अगर घर में मौत हो जाए, तो शोक में शादी टल जाएगी… और हम दोनों भागकर शादी कर लेंगे।”
इस खतरनाक सोच ने हत्या की नींव रख दी।
10 हज़ार की चोरी और हथियार की खरीद — साजिश का पहला कदम
घर में शादी के लिए पैसे इकट्ठा किए गए थे।
उन्हीं पैसों में से रूबी ने 10,000 रुपये चोरी करके प्रेमी रविशंकर को दिए।
इससे उसने—
✔ गांव कस्तली के दोस्त रोहित की मदद से
✔ आईटीआई रोड के “आयुष” नामक युवक से
✔ एक तमंचा और कारतूस खरीदे।
यह हत्या का पहला ठोस कदम था।
हत्या वाले दिन की योजना — सेकंड-बाय-सेकंड षड्यंत्र
हत्या का समय फिक्स था।
चंद्रवती रोज़ जिस रास्ते से भैंस लेकर लौटती थीं, वहीं हत्या होनी थी।
➡ रूबी पहले से तय समय से थोड़ा पहले घर से निकली।
➡ उसने रविशंकर को व्हाट्सएप के जरिए सूचना दी:
“अम्मा आ गई हैं… अब निकलो।”
➡ रविशंकर पापड़ी के पेड़ और झाड़ियों के पीछे छिप गया।
➡ रूबी जानबूझकर जल्दी निकलकर दूर हो गई, ताकि हत्या के समय वह खुद आसपास न हो।
कुछ ही मिनट बाद, जैसे ही चंद्रवती वहां पहुंचीं—
रविशंकर ने नजदीक से गोली मार दी।
गोली सीधे सिर में लगी।
हत्या के बाद वह तमंचा झाड़ियों में फेंककर अंधेरे में गायब हो गया।
पुलिस जांच — मोबाइल सर्विलांस ने फोड़ा केस
पहले सप्ताह कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
लेकिन—
📌 मोबाइल सर्विलांस में एक नंबर लगातार हत्या के आसपास एक्टिव मिल रहा था — रविशंकर का नंबर
📌 लोकेशन मैच हुई
📌 कॉल डिटेल रिपोर्ट (CDR) से पता चला कि हत्या से ठीक पहले रूबी और रविशंकर के बीच कई बार बात हुई
📌 हत्या के दिन शाम को दोनों की लोकेशन एक ही दिशा में पाई गई
शक गहराया।
जब पुलिस ने रविशंकर को पुछताछ में पकड़ा, वह टूट गया।
उसने पूरी साजिश कबूल ली।
इस कबूलनामे के बाद जब रूबी को उठाया गया, तो उसने भी स्वीकार किया कि—
“हां, मैंने ही हत्या कराई… ताकि शादी रुक जाए और मैं अपने प्रेमी से शादी कर सकूं।”
हत्या के बाद भी शादी — सबसे चौंकाने वाला मोड़
हत्या के बाद परिवार सदमे में था।
किसी को अंदेशा भी नहीं था कि इस घटना के पीछे रूबी और उसका प्रेमी है।
घरवालों ने सोचा —
“मौत हो गई है, लेकिन रिश्ता अचानक तोड़ना ठीक नहीं होगा…”
और रूबी की शादी 18 नवंबर को नियत तारीख पर कर दी।
शादी इतनी जल्दी होने से रूबी भी बेबस थी।
वह रविशंकर से संपर्क करने की कोशिश करती रही।
लेकिन स्थिति उसके हाथ से निकल चुकी थी।
रविवार को पुलिस ने उसे ससुराल से बुलाया —
वह मेहंदी लगे हाथों, चूड़ा पहने ही पहुंची।
पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गांव में लोग क्या कह रहे हैं?
गांव चंदौखा में दहशत का माहौल है।
लोगों का कहना है—
✔ ऐसी घटना हमारे गांव में कभी नहीं हुई
✔ लड़की इतनी क्रूर हो सकती है, किसी ने कल्पना नहीं की
✔ दादी का हमेशा पोती से स्नेह भरा रिश्ता था
✔ शादी रोकने के लिए हत्या? यह समाज के लिए चेतावनी है
पुलिस का बयान
सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार—
- मामला पूरी तरह “प्रेम संबंध” और “शादी टलवाने” की साजिश पर आधारित है
- सर्विलांस, चैट रिकॉर्ड और कबूलनामे ने पूरा केस स्पष्ट कर दिया
- हत्या में इस्तेमाल तमंचा झाड़ियों से बरामद किया जा चुका है
- दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है
रिश्तों का गिरता स्तर, खतरनाक मानसिकता
यह सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं है।
यह एक सामाजिक चेतावनी है—
👉 प्रेम में अंधापन
👉 परिवार से डर
👉 जल्दबाजी
👉 ग़लत सलाह
👉 और अपराध की आसान राह
ये सब मिलकर एक पूरी पीढ़ी को गलत दिशा की ओर ले जा रहे हैं।
रूबी, जो प्रेम में पड़ी एक सामान्य लड़की लग रही थी, वह अचानक एक ऐसी राह पर चली गई जिससे अब उसकी जिंदगी जेल की अंधेरी कोठरी में बीतेगी।
परिवार, गांव और समाज — सभी के लिए यह एक झटका है।
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✍️ संपादन: ठाकुर पवन सिंह | ताज न्यूज़ – आईना सच का | www.tajnews.in | pawansingh@tajnews.in
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