Big Breaking: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’, 118 सांसदों ने खोला मोर्चा!

Edited By: ठाकुर पवन सिंह (Chief Editor) Date: 10 Feb 2026, 03:45 PM IST Location: नई दिल्ली

Om Birla

नई दिल्ली: संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) का नोटिस दिया है।

मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंपे गए इस नोटिस पर विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष ने स्पीकर पर सदन का संचालन करते समय “पक्षपातपूर्ण रवैया” अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है।

Brief Highlights

  • No Confidence Motion: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ 118 सांसदों ने दिया अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस.
  • संविधान के अनुच्छेद 94(C) के तहत दिया गया नोटिस, स्पीकर पर ‘खुलेआम पक्षपात’ का आरोप.
  • बड़ा विवाद: राहुल गांधी को न बोलने देने और 8 सांसदों के निलंबन पर विपक्ष हमलावर.
  • हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस, सपा और DMK शामिल, लेकिन TMC ने बनाई दूरी.
  • स्पीकर ने लोकसभा महासचिव को दिए जांच के निर्देश, कहा- नियमों के तहत होगी कार्यवाही.

संविधान के अनुच्छेद 94(C) के तहत नोटिस

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि स्पीकर को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 94(C) के तहत लोकसभा सचिवालय को नोटिस दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि स्पीकर लगातार विपक्षी सांसदों को जनहित के मुद्दे उठाने से रोक रहे हैं।

विपक्ष ने अपने नोटिस में यह भी कहा कि:

  • विपक्ष के 8 सांसदों को मनमाने ढंग से बजट सत्र से निलंबित किया गया।
  • विपक्षी नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जो उनका मौलिक अधिकार है।
  • केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए सांसदों को दंडित किया जा रहा है।

राहुल गांधी और पीएम मोदी का मामला

लोकसभा में राहुल गांधी को न बोलने देने का आरोप लगाते हुए विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है। 2 फरवरी को राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सरकार पर निशाना साधा था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार के दबाव में स्पीकर ने राहुल गांधी को सदन में नहीं बोलने दिया।

इसके बाद 4 फरवरी को पीएम मोदी का संबोधन रद्द होने पर स्पीकर ने कहा था कि “विपक्षी सांसदों का व्यवहार उग्र था और पीएम की सुरक्षा को देखते हुए संबोधन टाला गया।” विपक्ष ने स्पीकर के इस दावे को “संवैधानिक पद का अपमान” और कांग्रेस सांसदों पर “फर्जी आरोप” बताया है।

TMC ने बनाई दूरी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नोटिस पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस, डीएमके और सपा के सांसद शामिल हैं। कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने यह नोटिस सौंपा। हालांकि, एक चौंकाने वाली बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

फिलहाल, स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वे नोटिस की जांच करें और नियमों के तहत आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करें।

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