Thursday, 27 November 2025, Sports Desk, New Delhi
गुवाहाटी टेस्ट में भारत की शर्मनाक हार ने भारतीय टेस्ट टीम की वर्तमान स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। साउथ अफ्रीका ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-0 से जीतकर टीम इंडिया को एकतरफा मात दी। गुवाहाटी टेस्ट के पांचवें दिन 549 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम केवल 140 रन पर ऑलआउट हो गई। दक्षिण अफ्रीका ने मुकाबला 408 रन से जीता।
यह टीम इंडिया की 93 साल की टेस्ट इतिहास में पहली बार 400+ रनों की हार है। इससे साफ झलकता है कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट घर में भी अब पहले जैसी मजबूती नहीं रखता।
पिछले एक साल में भारत की घरेलू पिचों पर स्थिति इतनी कमजोर रही है कि वह 7 में से 5 टेस्ट हार चुका है और दो बार क्लीन स्वीप का शिकार हो चुका है। इससे भी खास बात यह है कि इस अवधि में पाकिस्तान जैसा संघर्षरत देश भी भारत से बेहतर घरेलू टेस्ट रिकॉर्ड रखता है।

भारत का घरेलू टेस्ट प्रदर्शन एक साल में क्यों ढह गया?
पिछले 13 महीनों में भारतीय टीम ने घर पर तीन टेस्ट सीरीज खेलीं।
- न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से हराया
- साउथ अफ्रीका ने भारत को 2-0 से क्लीन स्वीप किया
- केवल वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 जीत दर्ज हुईं
इन आंकड़ों के अनुसार भारत ने 7 में से 5 घरेलू टेस्ट गंवाए, जो टीम इंडिया के हालिया इतिहास की सबसे खराब घरेलू रनिंग है।
पाकिस्तान भारत से बेहतर? आंकड़े स्पष्ट तस्वीर दिखाते हैं
पाकिस्तान को अक्सर टेस्ट फॉर्मेट में भारत से कमजोर माना जाता है, लेकिन पिछले एक साल यानी अक्टूबर 2024 से अब तक के घरेलू रिकॉर्ड में पाकिस्तान भारत से कहीं बेहतर रहा है।
पिछले 13 महीनों में पाकिस्तान ने घर में 7 टेस्ट खेले:
- 4 जीते
- 3 हारे
वहीं भारत:
- 7 में से 5 टेस्ट हारा
- केवल 2 जीते
जिसने भारत को क्लीन स्वीप किया, उसी साउथ अफ्रीका को पाकिस्तान ने कड़ी टक्कर दी
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस साउथ अफ्रीकी टीम ने भारत को एकतरफा मात दी, उसी टीम के खिलाफ पाकिस्तान ने पिछले महीने सीरीज 1-1 से ड्रॉ कराई।
- पाकिस्तान ने पहला टेस्ट जीता
- साउथ अफ्रीका ने दूसरा टेस्ट जीता
- दोनों मैच रोमांचक रहे
इसके मुकाबले भारत दोनों टेस्ट एकतरफा ढंग से हार गया।
भारत की गिरावट के 3 बड़े कारण
अब सवाल यह है कि टीम इंडिया अचानक इतना कमजोर कैसे हुई?
नीचे वे 3 मुख्य कारण हैं जिनका बार-बार विश्लेषण में जिक्र हो रहा है।
1. गौतम गंभीर की रणनीति टीम के लिए असरदार नहीं
गौतम गंभीर ने कोचिंग संभालने के बाद टीम की रणनीति में बड़े बदलाव किए।
उनका फोकस स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों के बजाय ऑलराउंडर्स पर अधिक रहा है।
इसका परिणाम यह हुआ कि टीम न तो मजबूत बल्लेबाजों पर भरोसा कर सकी और न मजबूत गेंदबाजों पर।
साउथ अफ्रीका टेस्ट में भारत ने दोनों मैचों में केवल तीन स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों को खिलाया।
ऑलराउंडर्स न गेंदबाज़ी में टिक पाए, न ही बल्ले से जिम्मेदारी निभा सके।
टीम चयन को लेकर पूर्व खिलाड़ियों और फैन्स दोनों ने सवाल उठाए हैं।
2. युवा खिलाड़ियों का लगातार खराब प्रदर्शन
भारतीय टेस्ट टीम युवा प्रतिभाओं पर भारी निवेश कर रही है, लेकिन पिछले एक साल में ये निवेश उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
उदाहरण:
- यशस्वी जायसवाल: पिछली 4 पारियों में 20 से नीचे 3 बार
- साई सुदर्शन: पिछली 2 पारियों में 15 और 14 रन
- ध्रुव जुरेल: बड़ी पारी खेलने में नाकाम
- वॉशिंगटन सुंदर: न गेंद से प्रभाव, न बल्ले से
- नीतीश रेड्डी: छिटपुट प्रदर्शन, स्थिरता नहीं
जब आपके कई युवा एक साथ फेल होने लगें, तो टेस्ट टीम की रीढ़ कमजोर पड़ जाती है।
3. भारतीय बल्लेबाज न पेस खेल पा रहे, न स्पिन
यह भारत के पतन का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ दोनों टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने कुल 38 विकेट गंवाए:
- 13 विकेट पेसर्स को
- 25 विकेट स्पिनर्स को
यानी भारतीय बल्लेबाज दोनों तरह की गेंदबाज़ी के खिलाफ संघर्षरत दिखे।
कप्तान शुभमन गिल गर्दन की समस्या के कारण दोनों पारियों में बाहर रहे, जिससे बैटिंग लाइनअप और भी कमजोर हो गया।
पिछले 1 साल के आंकड़े भारतीय बल्लेबाज़ी की पोल खोलते हैं
16 अक्टूबर 2024 से अब तक भारत ने घरेलू टेस्ट में 280 विकेट गंवाए:
- 182 पेसर्स के खिलाफ
- 97 स्पिनर्स के खिलाफ
सिर्फ भारतीय पिचों पर:
- पेसर्स के खिलाफ आउट: 34
- स्पिनर्स के खिलाफ आउट: 73
यह दिखाता है कि भारतीय बल्लेबाजी तकनीक हर तरह से टूट चुकी है।
टीम इंडिया: एक साल पहले अपराजेय, अब सबसे कमजोर घरेलू टीमों में शामिल
एक साल पहले तक घरेलू टेस्ट में अजेय मानी जाने वाली टीम इंडिया अब स्थिति में इतनी नीचे आ गई है कि
- क्लीन स्वीप घरेलू मैदान पर
- 400+ रनों की पहली शर्मनाक हार
- युवा खिलाड़ियों की नाकामी
- टीम चयन पर सवाल
- कोचिंग रणनीति पर विवाद
ये सभी कारक मिलकर भारत को उन टीमों की सूची में ले आए हैं, जिनमें जिम्बाब्वे के बाद भारत घरेलू टेस्ट में दूसरे सबसे ज्यादा मैच हारने वाली टीम बन गई है।
टीम इंडिया के लिए बदलाव जरूरी, वरना गिरावट जारी रहेगी
भारत की टेस्ट टीम आज एक चौराहे पर खड़ी है।
ऐसे समय में
- टीम चयन
- कोचिंग रणनीति
- खिलाड़ियों की फॉर्म
- बैटिंग तकनीक
- मानसिक मजबूती
इन सभी पर बड़ा पुनर्विचार आवश्यक है।
अगर टीम प्रबंधन ने समय रहते सुधार नहीं किए, तो भारत आने वाले सालों में टेस्ट क्रिकेट में और भी नीचे जा सकता है।
संपादन: ठाकुर पवन सिंह | ताज न्यूज – आईना सच का
ईमेल: pawansingh@tajnews.in
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भारत को टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी हार, दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी टेस्ट 408 रन से जीता, सीरीज 2-0 से अपने नाम








