Thursday, 27 November 2025, Washington DC, United States
वाशिंगटन डीसी में बुधवार शाम व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर हुई गोलीबारी ने पूरे अमेरिका को झकझोर दिया। इस हिंसक घटना में वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सैनिकों की मौत हो गई, जबकि फायरिंग में शामिल संदिग्ध भी घायल होने के बाद गिरफ्त में है। गोलीबारी 17th और H Street NW के कॉर्नर पर हुई, जो राष्ट्रपति आवास से केवल दो ब्लॉक दूर है।
इस घटना को अमेरिका की राजधानी में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और नेशनल गार्ड की हालिया तैनाती विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

वाशिंगटन डीसी के गवर्नर ने मौत की पुष्टि की
वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने दोनों सैनिकों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि घटना की गहन जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और संघीय एजेंसियां लगातार संपर्क में हैं और हर पहलू की जांच की जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही
- यूएस सीक्रेट सर्विस
- ATF (Bureau of Alcohol, Tobacco, Firearms and Explosives)
- जॉइंट डीसी टास्क फोर्स
की टीमें मौके पर पहुँचीं और इलाके को तत्काल घेराबंदी में ले लिया।
एक गार्ड के सिर में गोली लगी: एपी का दावा
AP की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि एक गार्ड के सिर में गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरा सैनिक अस्पताल में दम तोड़ गया।
संदिग्ध की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है, पर यह साफ है कि उसे भी गोली लगी और उसे हिरासत में ले लिया गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान: “वह इसकी बहुत भारी कीमत चुकाएगा”
राष्ट्रपति ट्रंप ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए संदिग्ध को “जानवर” कहा और कहा कि वह अपने कृत्य की “बहुत भारी कीमत चुकाएगा।”
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा—
“हमारे महान नेशनल गार्ड और सुरक्षा बलों पर हमें गर्व है। मैं और मेरी पूरी टीम उनके साथ है।”
घटना पर व्हाइट हाउस की आधिकारिक प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने भी X पर लिखा कि “सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है, सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।”
नेशनल गार्ड की तैनाती पहले से विवादों में थी
वाशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती पिछले कई महीनों से राजनीतिक विवाद का केंद्र बनी हुई है।
अगस्त में ट्रंप प्रशासन ने बढ़ते अपराधों का हवाला देकर डीसी पुलिस को फेडरलाइज किया था और 8 राज्यों से नेशनल गार्ड बुलाया था।
हालांकि वह आदेश एक महीने बाद समाप्त हो गया, लेकिन सैनिकों की तैनाती जारी रही।
बीते हफ्ते एक संघीय जज ने शहर में नेशनल गार्ड की तैनाती हटाने का आदेश दिया, लेकिन अपील के लिए 21 दिनों का समय भी दिया।
इसी बीच यह हिंसक घटना सामने आई।
गोलीबारी के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई, इलाका सील
घटना के तुरंत बाद 17th स्ट्रीट से व्हाइट हाउस की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया।
सीक्रेट सर्विस ने आसपास के फुटपाथ, पार्किंग, सरकारी इमारतों और पैदल आवागमन को नियंत्रित कर दिया है।
ड्रोन से भी इलाके की निगरानी जारी है।
अमेरिका में बढ़ते सैन्य ठिकानों पर हमले
यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका में सैन्य ठिकानों पर हमले बढ़ते नजर आ रहे हैं।
6 अगस्त को जॉर्जिया के फोर्ट स्टीवर्ट मिलिट्री बेस पर एक सैनिक ने ही गोलीबारी कर दी थी, जिसमें पाँच जवान घायल हुए थे।
बेस को घंटों सीज रखना पड़ा और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की सर्चिंग की थी।
डीसी में सुरक्षा एजेंसियों का हाई-अलर्ट मोड
राष्ट्रपति कार्यालय से केवल दो ब्लॉक दूर गोलीबारी होना किसी साधारण घटना की निशानी नहीं है।
सीक्रेट सर्विस, FBI, ATF और डीसी पुलिस मिलकर संदिग्ध की पृष्ठभूमि की जांच कर रही हैं।
घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- व्हाइट हाउस के इतने करीब हथियारबंद व्यक्ति कैसे पहुंचा?
- क्या यह रैंडम शूटिंग थी या किसी साजिश का हिस्सा?
- क्या नेशनल गार्ड की तैनाती को निशाना बनाया गया?
अभी जांच एजेंसियों ने इन सवालों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
निष्कर्ष: राजधानी की सुरक्षा पर भारी सवाल
व्हाइट हाउस से दो ब्लॉक दूर गोलीबारी में दो नेशनल गार्ड सैनिकों की मौत अमेरिका के लिए एक बड़ा सुरक्षा झटका है।
राजधानी में पहले से ही तैनाती के मुद्दे पर विवाद चल रहा था और यह घटना उस बहस को और भड़का सकती है।
आने वाले दिनों में यह मामला अमेरिकी राजनीति, कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है।
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संपादन: ठाकुर पवन सिंह | ताज न्यूज – आईना सच का
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