मिर्जापुर में सनसनीखेज वारदात: मॉर्निंग वॉक पर निकले अधिवक्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, CCTV में कैद हुआ कातिल

Uttar Pradesh Desk, tajnews.in | Saturday, April 11, 2026, 09:30:15 AM IST

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मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बेखौफ बदमाशों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए एक बेहद दुस्साहसिक और सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। शनिवार की सुबह जब शहर अभी पूरी तरह से जागा भी नहीं था, तब कटरा कोतवाली क्षेत्र के पॉश इलाके में एक जाने-माने अधिवक्ता (वकील) और पूर्व ग्राम प्रधान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। 50 वर्षीय राजीव सिंह रोज की तरह अपनी मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) से लौट रहे थे, तभी घात लगाए बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उनके सीने में सटाकर गोली दाग दी और मौके से फरार हो गए। इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे मिर्जापुर शहर और कचहरी परिसर में भारी हड़कंप और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वारदात का पूरा रोंगटे खड़े कर देने वाला लाइव वीडियो पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जिसमें कातिल साफ तौर पर गोली मारता हुआ नजर आ रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक ने खुद मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है और हत्यारों की धरपकड़ के लिए कई तेज-तर्रार पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है। शुरुआती पुलिस जांच में हत्या के पीछे किसी पुरानी रंजिश और गांव की गुटबाजी का संकेत मिल रहा है।

HIGHLIGHTS
  1. दिनदहाड़े खौफनाक कत्ल: मिर्जापुर के कटरा कोतवाली क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक से लौट रहे अधिवक्ता राजीव सिंह की सीने में गोली मारकर हत्या।
  2. CCTV में कैद हुआ हत्यारा: वारदात का लाइव सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें बाइक सवार बदमाश खुलेआम गोली दागते हुए दिख रहे हैं।
  3. पुरानी रंजिश बनी मौत का कारण: पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, मृतक और आरोपी एक ही गांव के हैं और उनके बीच पुराना विवाद चल रहा था।
  4. एसपी ने संभाला मोर्चा: पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित।
मिर्जापुर में अधिवक्ता की हत्या का सीसीटीवी फुटेज

मॉर्निंग वॉक के दौरान बिछाया गया मौत का जाल

मिर्जापुर का कटरा कोतवाली क्षेत्र शहर के व्यस्त और पॉश इलाकों में गिना जाता है। इसी क्षेत्र के कतवारू का पूरा स्थित सद्भावना नगर कॉलोनी में 50 वर्षीय राजीव सिंह अपने परिवार के साथ पिछले कई वर्षों से शांतिपूर्वक जीवन बिता रहे थे। राजीव सिंह पेशे से एक अधिवक्ता (Lawyer) थे और वकालत के साथ-साथ राजनीति में भी उनकी अच्छी खासी पैठ थी। वह विंध्याचल थाना क्षेत्र के देवरी गांव के पूर्व प्रधान रह चुके थे और वर्तमान में प्रधानपति की भूमिका भी निभा रहे थे। शनिवार, 11 अप्रैल की सुबह उनके लिए हमेशा की तरह एक आम सुबह थी। फिटनेस को लेकर जागरूक रहने वाले राजीव सिंह तड़के उठकर अपनी नियमित मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे।

वह सद्भावना नगर की शांत सड़कों पर टहल कर अपने घर की तरफ वापस लौट ही रहे थे कि उनके पीछे मौत उनका साया बनकर चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, जैसे ही राजीव सिंह सद्भावना नगर चौराहे के पास पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार बाइक वहां आकर रुकी। बाइक पर दो लोग सवार थे, जिनके चेहरे संभवतः ढके हुए थे। इससे पहले कि राजीव सिंह कुछ समझ पाते या अपना बचाव कर पाते, बाइक के पीछे बैठे बदमाश ने अचानक एक देसी तमंचा निकाला और बिल्कुल करीब से उनके सीने में एक जोरदार फायर कर दिया। गोली की आवाज ने सुबह के उस सन्नाटे को चीर कर रख दिया। गोली लगते ही राजीव सिंह खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े और तड़पने लगे। आसपास के कुछ लोग जो अपने घरों के बाहर अखबार पढ़ रहे थे या टहल रहे थे, वे गोली की आवाज सुनकर दहशत में आ गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर दोनों हत्यारे अपनी बाइक पर सवार होकर हवा की गति से वहां से भाग निकले।

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ खून से सना वह लाइव मंजर

दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड की खबर जैसे ही इलाके में फैली, वहां कोहराम मच गया। खून से लथपथ राजीव सिंह को स्थानीय लोगों और उनके परिजनों की मदद से तुरंत मंडलीय अस्पताल मिर्जापुर ले जाया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड में तैनात डॉक्टरों ने जांच के बाद राजीव सिंह को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और अस्पताल परिसर में वकीलों तथा उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा होने लगी।

पुलिस के लिए सबसे बड़ी कामयाबी उस वक्त हाथ लगी जब घटनास्थल के ठीक सामने लगे एक निजी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो में हत्या का पूरा खौफनाक मंजर लाइव रिकॉर्ड हो गया है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे बेखौफ बदमाश बिना किसी डर के सड़क पर रुकता है, राजीव सिंह को निशाना बनाता है, और गोली मारने के बाद बेहद इत्मीनान से अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो जाता है। इस वीडियो ने यह तो साबित कर दिया है कि हत्यारे पूरी तरह से पेशेवर और शातिर थे, जिन्होंने इस वारदात को अंजाम देने से पहले राजीव सिंह की दिनचर्या (Routine) की बहुत ही सटीक और गहरी रेकी (Recci) की थी। वे जानते थे कि राजीव सिंह सुबह किस समय और किस रास्ते से टहलने जाते हैं, और उसी के अनुसार उन्होंने यह खूनी जाल बिछाया था।

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पुरानी रंजिश और गांव की राजनीति बनी हत्या की असली वजह?

घटना की सूचना मिलते ही मिर्जापुर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। खुद पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक अपने दल-बल और फोरेंसिक (Forensic) टीम के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया और वहां से कारतूस का खोखा तथा अन्य अहम सुराग जुटाने शुरू कर दिए। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने मीडिया से बात करते हुए इस हत्याकांड के पीछे छिपे कुछ अहम सुरागों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच और परिजनों से की गई पूछताछ में यह साफ हो गया है कि यह कोई लूटपाट या अचानक हुई वारदात नहीं है, बल्कि एक गहरी और पुरानी दुश्मनी का नतीजा है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतक राजीव सिंह और मुख्य आरोपी दोनों विंध्याचल थाना क्षेत्र के देवरी गांव के ही मूल निवासी हैं। गांव में ग्राम प्रधानी के चुनावों और वर्चस्व को लेकर इन दोनों पक्षों के बीच पिछले काफी समय से गहरा विवाद और गुटबाजी चल रही थी। पूर्व में भी इन दोनों पक्षों के बीच कुछ छोटी-मोटी हिंसक झड़पें और कहासुनी हो चुकी थीं, जिसकी शिकायतें स्थानीय थाने में दर्ज हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि उसी पुरानी राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश के चलते आरोपी पक्ष ने इस खूनी खेल की पटकथा लिखी और आज सुबह इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे दिया। गांव की यही गंदी राजनीति एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की बर्बादी का कारण बन गई है।

वकीलों में भारी आक्रोश: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित

राजीव सिंह न केवल एक पूर्व प्रधान थे, बल्कि मिर्जापुर कचहरी के एक जाने-माने और सम्मानित अधिवक्ता भी थे। एक वकील की दिनदहाड़े इस तरह से निर्मम हत्या होने के बाद जिले के पूरे अधिवक्ता समाज (Bar Association) में भारी उबाल और आक्रोश देखने को मिल रहा है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई (जैसे रासुका या गैंगस्टर एक्ट) नहीं की, तो वे अदालती कामकाज ठप कर देंगे और सड़कों पर उतरकर विशाल धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब कानून के रक्षक ही इस तरह से सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी पुलिस से क्या उम्मीद करेगा?

इस बढ़ते दबाव और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मिर्जापुर पुलिस ने एक्शन मोड में आते हुए हत्यारों की धरपकड़ के लिए एक बड़ा जाल बिछा दिया है। एसपी अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल और एसओजी (SOG) की कई संयुक्त टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें शहर से बाहर जाने वाले सभी रास्तों, टोल प्लाजा और संभावित ठिकानों पर सघन चेकिंग अभियान चला रही हैं। इसके साथ ही मृतक के परिजनों द्वारा दी गई नामजद तहरीर के आधार पर कटरा कोतवाली में हत्या (Murder) और आपराधिक साजिश रचने की संगीन धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज को एन्हांस (Enhance) करके आरोपियों के चेहरों और उनकी बाइक के नंबर को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। अब पूरे मिर्जापुर शहर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुलिस इन शातिर और बेखौफ हत्यारों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाकर न्याय दिला पाएगी या नहीं।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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