Thu, 20 Nov 2025 03:42 PM IST, आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत।
बिहार की नई एनडीए सरकार में शामिल मंत्रियों की सूची में सबसे चर्चित और युवा नाम श्रेयसी सिंह का है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटर और अर्जुन अवॉर्ड विजेता श्रेयसी सिंह ने जमुई विधानसभा क्षेत्र से प्रचंड बहुमत की जीत दर्ज की थी। अब उन्हें नीतीश कुमार की 10वीं कैबिनेट में भाजपा कोटे से मंत्री बनाकर श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार के रूप में राजनीति में एक नया मुकाम हासिल किया है। उनके चयन को बिहार की राजनीति में राजपूत नेता, युवा चेहरा और महिला सशक्तिकरण के रूप में देखा जा रहा है। श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार बनने के साथ ही उनकी राजनीतिक विरासत भी चर्चा में आ गई है, क्योंकि उनके पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह थे और मां पुतुल कुमारी भी सांसद रह चुकी हैं। नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में उनकी मौजूदगी ने खास आकर्षण पैदा किया और अब वह जमुई सहित पूरे बिहार के विकास को प्राथमिकता देने की बात कर रही हैं। यह विस्तृत 1250+ शब्दों का विश्लेषण श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार के राजनीतिक सफर, उनके चयन के कारणों और आगामी चुनौतियों पर गहन प्रकाश डालता है।

⭐ श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार: मंत्रिमंडल का सबसे चर्चित चेहरा
बिहार की राजनीति में युवा और खेल जगत से आने वाले चेहरों को अक्सर अहमियत मिलती रही है, लेकिन श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार का दर्जा प्राप्त करने वाली सबसे प्रभावशाली शख्सियत बनकर उभरी हैं। जमुई विधानसभा (क्षेत्र-241) से विधायक बनने के बाद अब उन्हें मंत्री बनाया गया है। यह फैसला कई मायनों में भाजपा के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधता है:
- युवा और महिला प्रतिनिधित्व: वह युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं और मंत्रिमंडल में महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करती हैं। जदयू की ओर से जहां लेशी सिंह को शामिल किया गया है, वहीं भाजपा ने श्रेयसी सिंह को मौका दिया है।
- राजपूत नेता: वह राजपूत समुदाय से आती हैं, और जमुई इलाके में उनका मजबूत आधार है। भाजपा ने उन्हें मंत्री बनाकर इस समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत की है।
- अंतरराष्ट्रीय पहचान: अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटर और अर्जुन अवॉर्ड विजेता होने के कारण उनकी पहचान बिहार की राजनीति से परे राष्ट्रीय स्तर पर है।
श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार बनने के बाद यह स्पष्ट है कि एनडीए सरकार युवाओं, महिलाओं और विभिन्न समुदायों को साथ लेकर चलने का संदेश दे रही है।
🥇 अंतरराष्ट्रीय शूटर से MLA तक का सफर
श्रेयसी सिंह ने खेल जगत में अपनी पहचान बनाने के बाद राजनीति की राह पकड़ी। उनका खेल करियर शानदार रहा है:
- गोल्ड मेडलिस्ट: उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में देश के लिए कई पदक जीते हैं, जिनमें गोल्ड मेडल प्रमुख हैं।
- अर्जुन अवॉर्ड: उन्हें खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत के सर्वोच्च खेल सम्मानों में से एक अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
खेल जगत में देश का नाम रोशन करने के बाद, उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। जमुई के लोगों ने उन्हें भारी बहुमत से जिताया। उनकी ऐतिहासिक जीत को जमुई के लोगों ने गर्व का क्षण बताया था। विधायक बनने के बाद उन्होंने क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई और अब श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार बनकर अपनी सक्रियता को और आगे बढ़ाएंगी।
👨👩👧👦 राजनीतिक विरासत और पारिवारिक पृष्ठभूमि
श्रेयसी सिंह का राजनीतिक सफर भले ही अभी शुरू हुआ हो, लेकिन उनकी जड़ें बिहार की गहरी राजनीतिक परंपरा से जुड़ी हुई हैं।
- पिता: उनके पिता दिग्विजय सिंह एक प्रतिष्ठित राजनेता थे। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे थे और उनकी बिहार की राजनीति में गहरी पैठ थी।
- मां: उनकी मां पुतुल कुमारी भी सांसद रह चुकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि श्रेयसी सिंह को राजनीतिक माहौल विरासत में मिला है।
अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए, श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार की जिम्मेदारी संभालकर यह सुनिश्चित करेंगी कि जमुई और आसपास के क्षेत्रों में विकास की गति तेज हो।
🗳️ जमुई की जनता का अपार समर्थन
जमुई विधानसभा क्षेत्र ने श्रेयसी सिंह को प्रचंड बहुमत से जीत दिलाई। यह जीत केवल उनके व्यक्तिगत आकर्षण की नहीं, बल्कि उनके परिवार के राजनीतिक प्रभाव और भाजपा पर जनता के विश्वास का भी परिणाम थी।
- स्थानीय खुशी: उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने से समर्थकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जमुई मुख्यालय स्थित कचहरी चौक पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की।
- उम्मीदें: स्थानीय लोगों को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में शिक्षा, खेल और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े क्षेत्रों में एक नई शुरुआत देखने को मिलेगी, क्योंकि श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार बनने के बाद इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे सकती हैं।
यह जीत दर्शाती है कि जमुई की जनता ने एक युवा, शिक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले नेता पर भरोसा जताया है।
🚀 मंत्री के रूप में प्राथमिकताएं और भविष्य की चुनौतियां
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद श्रेयसी सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं। उन्होंने कहा कि वह जमुई सहित पूरे बिहार के विकास को प्राथमिकता देंगी और क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगी।
उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल हो सकते हैं:
- खेलों को बढ़ावा: अपनी पृष्ठभूमि को देखते हुए, वह राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
- बुनियादी सुविधाएं: जमुई जैसे क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर देना।
- महिला सुरक्षा और विकास: महिला मंत्री होने के नाते, वह महिला सुरक्षा और उनके विकास से जुड़ी नीतियों को आगे बढ़ा सकती हैं।
श्रेयसी सिंह मंत्री बिहार के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब अपने राजनीतिक और खेल जगत की उपलब्धियों के बीच संतुलन बनाकर प्रशासनिक जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाना होगा। उन्हें जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा और एनडीए गठबंधन के लिए एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित होना होगा।
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संपादन: ठाकुर पवन सिंह | “pawansingh@tajnews.in”
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