चीनी CCTV से जासूसी: दिल्ली-पंजाब की फुटेज जा रही पाकिस्तान, ISI की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश

National Desk, tajnews.in | Monday, April 13, 2026, 03:28:50 PM IST

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नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक बेहद गंभीर और अदृश्य खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, हमारे घरों, दफ्तरों और चौराहों पर सुरक्षा के लिए लगे कैमरे ही हमारी जासूसी कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में लगे चीनी सीसीटीवी (CCTV) कैमरे भारत की अहम जानकारियां लीक कर रहे हैं। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, इन कैमरों की लाइव फुटेज सीधे दुश्मन देश पाकिस्तान पहुंच रही है। यह सब एक बेहद गहरी और खतरनाक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है। इसके अलावा, इस पूरे जासूसी नेटवर्क के पीछे ‘चाइनीज आई’ (Chinese EYE) का सीधा हाथ बताया जा रहा है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस बहुत बड़े नेक्सस का भंडाफोड़ किया है। गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) पूरी तरह से बौखला गई है। इसलिए, उसने भारत की पल-पल की जासूसी करने के लिए चीनी तकनीक का सहारा लिया है। निश्चित रूप से, यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा और चिंताजनक अलार्म है। जांच एजेंसियों ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया है।

HIGHLIGHTS
  1. चीनी कैमरों से जासूसी: दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में लगे चीनी CCTV कैमरों की लाइव फुटेज सीधे पाकिस्तान पहुंच रही है।
  2. EseeCloud ऐप का खेल: सौर ऊर्जा से चलने वाले इन कैमरों का डाटा EseeCloud नामक चीनी ऐप के जरिए लीक हो रहा है।
  3. ऑपरेशन सिंदूर की बौखलाहट: खुफिया एजेंसियों के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद ISI ने भारत की जासूसी का यह नया तरीका खोजा है।
  4. खुफिया एजेंसियों का अलर्ट: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस बड़े खतरे को भांपते हुए देश भर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

ऑपरेशन सिंदूर की चोट और ISI की खतरनाक साजिश

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। दरअसल, इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की कमर तोड़ कर रख दी थी। परिणामस्वरूप, पाकिस्तान के कई बड़े आतंकी नेटवर्क और स्लीपर सेल पूरी तरह से तबाह हो गए थे। इसी करारी हार से बौखलाकर आईएसआई ने अब ‘डिजिटल युद्ध’ (Cyber Warfare) का नया मोर्चा खोल दिया है। चूंकि पाकिस्तान सीधे तौर पर भारत से नहीं लड़ सकता, इसलिए उसने पीठ पीछे वार करने की योजना बनाई है।

आईएसआई ने भारत की सीमा और सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक मास्टरप्लान तैयार किया है। इसके लिए उसने अपने सदाबहार दोस्त चीन से हाथ मिला लिया है। चीन की मदद से भारतीय बाजारों में बेहद सस्ते और एडवांस सीसीटीवी कैमरे उतारे गए। दरअसल, आम जनता इन कैमरों को सुरक्षा के लिहाज से खरीद लेती है। लेकिन, उन्हें यह बिल्कुल नहीं पता होता कि ये कैमरे उनके घर की तस्वीरें सीधे रावलपिंडी भेज रहे हैं। इसलिए, यह जासूसी का एक बेहद सुरक्षित और अदृश्य तरीका बन गया है। खुफिया एजेंसियों ने अब इस गहरी चाल का पर्दाफाश कर दिया है।

EseeCloud ऐप और चीनी कैमरों का खौफनाक जाल

यह पूरा जासूसी नेटवर्क एक खास तरह की तकनीक पर काम करता है। बाजार में इन दिनों सौर ऊर्जा (Solar Power) से चलने वाले आधुनिक चीनी कैमरे भारी मात्रा में बिक रहे हैं। चूंकि इनमें वाईफाई (Wi-Fi) और 4G सिम (SIM) डालने की सुविधा होती है, इसलिए इन्हें कहीं भी आसानी से लगाया जा सकता है। इसके अलावा, इन कैमरों को मोबाइल से कंट्रोल करने के लिए ‘EseeCloud’ नामक एक चीनी ऐप डाउनलोड करना पड़ता है। यहीं से इस पूरी खतरनाक जासूसी का असली और घिनौना खेल शुरू होता है।

जैसे ही उपयोगकर्ता इस EseeCloud ऐप को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता है, कैमरे का पूरा एक्सेस विदेशी सर्वर पर चला जाता है। इसके बाद, कैमरा जो कुछ भी रिकॉर्ड करता है, वह सीधा चीनी सर्वर पर सेव होने लगता है। दरअसल, चीनी कंपनियां इस संवेदनशील डाटा को चुपचाप आईएसआई के साथ साझा कर रही हैं। आईएसआई के हैंडलर्स पाकिस्तान में बैठकर दिल्ली और पंजाब की सड़कों का लाइव नजारा देखते हैं। इसलिए, वे आसानी से भारतीय सेना और वीआईपी मूवमेंट (VIP Movement) की सटीक जानकारी जुटा लेते हैं। निश्चित रूप से, यह डाटा सुरक्षा में एक बहुत बड़ी और जानलेवा सेंधमारी है।

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दिल्ली, हरियाणा और पंजाब ही निशाने पर क्यों?

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने जासूसी के लिए मुख्य रूप से तीन राज्यों को ही क्यों चुना, यह एक बड़ा सवाल है। दरअसल, दिल्ली देश की राजधानी है और यहां सभी महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें मौजूद हैं। यहां हमेशा बड़े नेताओं और सेना के आला अधिकारियों का मूवमेंट रहता है। इसलिए, दिल्ली की हर सड़क की निगरानी करना आईएसआई का सबसे बड़ा और प्राथमिक लक्ष्य है। दूसरी ओर, पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है जो सीधा पाकिस्तान से सटा हुआ है। पंजाब में भारतीय सेना की कई छावनियां (Cantonments) और महत्वपूर्ण एयरबेस मौजूद हैं।

इसके अलावा, हरियाणा दिल्ली को तीन तरफ से घेरता है और यहां से फौजी काफिले लगातार गुजरते रहते हैं। आईएसआई इन तीनों राज्यों में अपनी डिजिटल आंखें गड़ाकर भारत की हर सामरिक तैयारी का सुराग हासिल करना चाहती है। चूंकि इन इलाकों में इंटरनेट की सुविधा बहुत अच्छी है, इसलिए यहां चीनी कैमरों का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है। लोग सस्ते के चक्कर में बिना सोचे-समझे इन स्मार्ट कैमरों को अपने घरों और दुकानों के बाहर लगा लेते हैं। यही मासूम सी दिखने वाली गलती अब देश की सबसे बड़ी सुरक्षा चूक बन चुकी है। खुफिया विभाग ने इसे लेकर कड़ी चेतावनी जारी कर दी है।

खुफिया अलर्ट और भारत सरकार का कड़ा एक्शन

जैसे ही इस सनसनीखेज ‘चाइनीज आई’ (Chinese EYE) जासूसी कांड का खुलासा हुआ, पूरा सुरक्षा महकमा हरकत में आ गया। गृह मंत्रालय ने तुरंत एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और सभी राज्यों को एक सख्त खुफिया अलर्ट (Intelligence Alert) जारी कर दिया है। इसके बाद, सभी सरकारी कार्यालयों, सैन्य छावनियों और संवेदनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सघन ऑडिटिंग (Auditing) शुरू कर दी गई है। जिन स्थानों पर EseeCloud ऐप से जुड़े कैमरे पाए गए हैं, उन्हें तुरंत उखाड़ फेंका जा रहा है। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा एजेंसियों को भी इस पूरे नेटवर्क को ब्लॉक करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

सरकार अब आम जनता को भी जागरूक करने का एक बड़ा अभियान चला रही है। नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे सस्ते चीनी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अज्ञात ऐप्स से पूरी तरह बचें। दरअसल, साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे उपकरणों में ‘बैकडोर एंट्री’ (Backdoor Entry) के छिपे हुए प्रोग्राम होते हैं। इसलिए, भारत सरकार अब ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) के तहत स्वदेशी सुरक्षा उपकरणों को बढ़ावा देने पर सबसे ज्यादा जोर दे रही है। यह घटना इस बात का स्पष्ट और कड़ा प्रमाण है कि आज के डिजिटल युग में डाटा ही सबसे बड़ा हथियार है। अगर हम अपनी डाटा सुरक्षा को लेकर लापरवाह रहेंगे, तो दुश्मन हमें बिना गोली चलाए भी भारी नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उन आयातकों (Importers) पर भी शिकंजा कस रही हैं जो इस जासूसी उपकरण को भारी मात्रा में भारतीय बाजार में धकेल रहे हैं।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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