Indian Army Operation Trashi Kishtwar encounter terrorists January 2026

Kishtwar Encounter: किश्तवाड़ के जंगलों में जैश के आतंकियों से भीषण मुठभेड़, सेना के 8 जवान घायल; ‘ऑपरेशन त्राशी’ जारी

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राष्ट्रीय डेस्क, Taj News | Updated: Monday, 19 Jan 2026 12:45 AM IST

जम्मू/किश्तवाड़: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों और पाकिस्तानी आतंकवादियों के बीच रविवार को रोंगटे खड़े कर देने वाली मुठभेड़ हुई। छात्रू के दुर्गम और घने जंगलों में घात लगाकर बैठे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकियों ने सेना के जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग की और ग्रेनेड फेंके। इस हमले में भारतीय सेना के 8 जवान घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे एयरलिफ्ट कर उधमपुर कमांड हॉस्पिटल ले जाया गया है। व्हाइट नाइट कोर ने इस मुठभेड़ को ‘ऑपरेशन त्राशी’ नाम दिया है।

HIGHLIGHTS
  1. किश्तवाड़ के सोननाड़-सिंहपोरा जंगल में ‘ऑपरेशन त्राशी’ के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों का आमना-सामना।
  2. जैश-ए-मोहम्मद के 2-3 विदेशी आतंकियों ने किया ग्रेनेड हमला, 8 जवान घायल।
  3. सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से सर्च ऑपरेशन तेज किया।
  4. गणतंत्र दिवस से पहले आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए घाटी में हाई अलर्ट जारी।

जंगल में घात लगाकर बैठे थे विदेशी आतंकी

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11:15 बजे जब सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम सोननाड़-सिंहपोरा क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही थी, तभी पहले से घात लगाकर बैठे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों ने जवानों को भारी नुकसान पहुँचाने के लिए कई ग्रेनेड भी फेंके। अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों को अधिकतर चोटें ग्रेनेड के स्प्लिंटर (छर्रे) लगने की वजह से आई हैं।

ड्रोन और खोजी कुत्तों से घेराबंदी, ‘ऑपरेशन त्राशी’ तेज

व्हाइट नाइट कोर के अनुसार, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और घने जंगल का फायदा उठाकर आतंकी भागने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन घेराबंदी को और सख्त कर दिया गया है। आधुनिक निगरानी उपकरणों, ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से आतंकियों के ठिकाने का पता लगाया जा रहा है। शाम 5:40 बजे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। स्थानीय प्रशासन ने सिंहपोरा इलाके में लाउडस्पीकर के जरिए घोषणा कर लोगों को घरों में ही रहने की हिदायत दी है।

पाकिस्तान की बड़ी साजिश: गणतंत्र दिवस पर अशांति फैलाने का लक्ष्य

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे आतंकी आका गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू संभाग में बड़ी वारदात करने की फिराक में हैं। इस साल जम्मू क्षेत्र में यह तीसरी बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ के जंगलों में भी आतंकियों से सामना हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार से और अधिक आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसे नाकाम करने के लिए सेना ने घाटी के वन क्षेत्रों में व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान छेड़ रखा है।

किश्तवाड़ के जंगलों में जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ जारी ‘ऑपरेशन त्राशी’ पर केंद्र सरकार ने अपनी पैनी नजर बना रखी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सेना के साहस को सलाम किया है। वहीं, उधमपुर कमांड हॉस्पिटल ने मुठभेड़ में घायल हुए जवानों का ताजा मेडिकल बुलेटिन जारी कर दिया है।

रक्षा मंत्री का कड़ा रुख: ‘आतंकियों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी’

नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किश्तवाड़ में हमारे जवानों पर हमला कायरतापूर्ण कृत्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना को आतंकियों के खिलाफ पूरी छूट दी गई है। उन्होंने कहा, “हमारी सेना के वीर जवानों ने विषम परिस्थितियों में भी अदम्य साहस दिखाया है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का अंत निश्चित है और इस हमले के जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

मेडिकल बुलेटिन: कैसी है घायल जवानों की हालत?

उधमपुर कमांड हॉस्पिटल द्वारा जारी ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, एयरलिफ्ट कर लाए गए गंभीर रूप से घायल जवान के शरीर से स्प्लिंटर्स (छर्रे) निकाल दिए गए हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है और वर्तमान में उनकी स्थिति ‘स्थिर’ (Stable) बताई गई है। वहीं, अन्य 7 जवान जो किश्तवाड़ के स्थानीय सैन्य अस्पताल में भर्ती हैं, खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। उनमें से अधिकतर के हाथ और पैरों में मामूली चोटें आई हैं।

ग्राउंड अपडेट: ड्रोन और पैरा कमांडोज की तैनाती

मुठभेड़ स्थल पर ‘ऑपरेशन त्राशी’ अभी भी जारी है। रात के समय अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग न सकें, इसके लिए ‘नाइट विजन’ वाले हाई-टेक ड्रोन और थर्मल इमेजिंग कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सेना ने सोननाड़-सिंहपोरा के जंगलों में विशेष पैरा कमांडोज की टुकड़ी को भी उतारा है। पूरे इलाके को 5 किलोमीटर के दायरे में सील कर दिया गया है ताकि आतंकियों की सप्लाई लाइन काटी जा सके।

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✍️ संपादन: ठाकुर पवन सिंह
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