उमर खालिद–शरजील इमाम जमानत मामला: विपक्ष की चुप्पी पर सवाल

उमर खालिद और शरजील इमाम पर विपक्ष को रुख तय करना चाहिए

Tuesday, 13 January 2026. New Delhi सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार किया जाना केवल दो व्यक्तियों से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह भारत में संवैधानिक लोकतंत्र, असहमति के अधिकार और न्यायिक संतुलन पर गहरे सवाल खड़े करता है। उसी मामले में अन्य पाँच आरोपियों को राहत […]

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TamilNadu election Politiccs

चुनावी रणभूमि में सब ग्रे शेड्स: न कोई खलनायक, न कोई हीरो

Monday, 12 January 2026. From Down South फिल्मों से प्रभावित राजनीति के प्लॉट में सस्पेंस बरकरार कॉलम लेखक: बृज खंडेलवाल 2026 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव किसी फिल्मी पटकथा जैसा है—जहाँ नायक स्पष्ट नहीं, खलनायक भी तय नहीं और हर किरदार ग्रे शेड में खड़ा है। अमित शाह की चुनावी मशीनरी, द्रविड़ राजनीति का अभेद्य किला, […]

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ताज की छाया में बदलती प्रेम कथाएँ Taj Mahal

संगमरमर में बसी मोहब्बत, मोबाइल पर पनपता इश्क़: ताज की छाया में बदलती प्रेम कथाएँ

Sunday, 11 January 2026. Agra, Uttar Pradesh ताजमहल केवल इतिहास की एक इमारत नहीं, बल्कि प्रेम की बदलती परिभाषाओं का मूक साक्षी है। जहाँ कभी शाहजहाँ ने मोहब्बत को संगमरमर में अमर किया, वहीं आज उसी ताज की छाया में मोबाइल स्क्रीन, मिस्ड कॉल और डेटिंग ऐप्स नए रिश्तों की भाषा गढ़ रहे हैं। यह […]

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SIR In west Begal

पश्चिम बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा: सियासत, दुष्प्रचार और वोट बैंक की रणनीत

Saturday, 11 January 2026. Agra, Uttar Pradesh पश्चिम बंगाल में कथित बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया में किसी भी विदेशी घुसपैठिए के न मिलने के बावजूद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इसे आगामी विधानसभा चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाए जाने से […]

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वैश्विक हिंदी दिवस: नागपुर से विश्वपटल तक हिंदी की सांस्कृतिक, बौद्धिक और मानवीय यात्रा

Friday, 10 January 2026. Agra, Uttar Pradesh हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाने वाला वैश्विक हिंदी दिवस केवल एक भाषायी आयोजन नहीं, बल्कि हिंदी की उस ऐतिहासिक यात्रा का उत्सव है, जिसने उसे नागपुर के अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन से निकालकर विश्व मानवता की साझा अभिव्यक्ति की भाषा बनाया। यह लेख हिंदी की सांस्कृतिक जड़ों, […]

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शिक्षा बनाम खेल पर ब्रज खंडेलवाल का विचार लेख

पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो… ब्रांड एम्बेसडर

Saturday, 10 January 2026, 8:45:00 AM. India यह कॉलम उस बदलती सामाजिक मानसिकता पर सवाल उठाता है जहाँ शिक्षा की जगह शोहरत और खेल को सफलता का एकमात्र पैमाना बना दिया गया है। ब्रज खंडेलवाल तर्क देते हैं कि खेल और मंच प्रदर्शन पैदा करते हैं, लेकिन विचार नहीं—और एक-आयामी सफलता समाज को सोच में […]

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बौद्ध दर्शन और भारतीय ज्ञान परम्परा की वैचारिक भूमिका पर आलेख

बौद्ध दर्शन: भारतीय ज्ञान परम्परा की आत्मा

Friday, 09 January 2026, 8:15:00 AM. Agra, Uttar Pradesh भारतीय ज्ञान परम्परा को यदि केवल वेद, उपनिषद और दर्शनों तक सीमित किया जाए, तो वह अधूरी रह जाती है। यह विचारोत्तेजक आलेख बताता है कि बौद्ध दर्शन कैसे करुणा, तर्क, नैतिकता और मानव-मूल्यों के माध्यम से भारतीय बौद्धिक परम्परा की आत्मा के रूप में विकसित […]

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वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला

वेनेज़ुएला : सत्ता में सरकार और दृढ़-प्रतिज्ञ लोग

Friday, 03 January 2026, 10:00:00 AM. International Affair वेनेज़ुएला पर अमेरिका द्वारा किए गए भीषण सैन्य हमले के बाद यह विश्लेषण बताता है कि कैसे हाइपर-इंपीरियलिज़्म के इस दौर में संप्रभु राष्ट्रों की सरकारें और आम लोग प्रतिरोध की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। लेख में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, लैटिन अमेरिका की बदलती राजनीतिक […]

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अमेरिका की वैश्विक राजनीति और साम्राज्यवादी विरासत पर ब्रज खंडेलवाल का विचार लेख

अमेरिका की विरासत: इंसानियत को पैगाम, सामर्थ्यवान को कोई दोष नहीं

Thursday, 08 January 2026, 8:30:00 AM. International Affairs वैश्विक राजनीति में अमेरिका की भूमिका को लेकर यह विचारोत्तेजक कॉलम उस दोहरे नैतिक ढांचे पर सवाल उठाता है, जिसमें युद्ध को शांति, लूट को लोकतंत्र और वर्चस्व को मानवाधिकार कहा जाता है। वेनेज़ुएला से लेकर पश्चिम एशिया तक, यह लेख अमेरिकी साम्राज्यवाद की विरासत, पूंजीवादी लालच […]

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अरावली पर्वतमाला में खनन और पर्यावरण संकट पर केंद्रित वैचारिक लेख

अरावली : संतुष्ट होने की कोई गुंजाइश नहीं

Wednesday, 07 January 2026, 9:30:00 AM. India सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली पर्वत श्रृंखला से जुड़ी नई परिभाषा पर रोक लगाए जाने के बाद भी पर्यावरणविदों और स्थानीय समुदायों की चिंता खत्म नहीं हुई है। यह आलेख बताता है कि क्यों अरावली केवल एक पहाड़ी श्रृंखला नहीं, बल्कि उत्तर भारत की जीवनरेखा है—और कैसे कॉर्पोरेट लालच, […]

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उत्तर भारत में घूंघट प्रथा से बाहर निकलती महिला की सामाजिक बदलाव की कहानी

घूंघट की घुटन से मुक्ति: खामोश बगावत की आहट

Wednesday, 07 January 2026, 8:00:00 AM. Uttar Pradesh उत्तर भारत में घूंघट सिर्फ़ एक परंपरा नहीं, बल्कि औरत की पहचान पर एक क्वेश्चन मार्क है। यह लेख एक महिला की ज़िंदगी के ज़रिये उस ख़ामोश क़ैद और धीमी आज़ादी की कहानी कहता है, जहाँ तालीम, काम और आत्मसम्मान ने घूंघट की घुटन को तोड़ा। यह […]

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दो बैलों की जोड़ी से ट्रैक्टर तक, खेत से लैब तक

दो बैलों की जोड़ी से ट्रैक्टर तक, खेत से लैब तक: आज का किसान लिख रहा है भारतीय खेती की नई कहानी

Tuesday, 06 January 2026, 9:30:00 AM. Western Uttar Pradesh वरिष्ठ पत्रकार और लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस फीचर लेख में भारतीय खेती के उस ऐतिहासिक बदलाव को रेखांकित करते हैं, जिसमें परंपरा और तकनीक का संगम दिखाई देता है। बैलों और हल से शुरू हुई खेती आज ड्रोन, सेंसर, मोबाइल ऐप और प्रयोगशालाओं तक पहुँच […]

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