Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 24 Feb 2026, 03:05 pm IST
Taj News Breaking Desk
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आगरा (Agra): ताजनगरी आगरा से इस वक्त एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। आगरा के दीवानी कोर्ट (Agra Civil Court) परिसर में बम होने की धमकी मिली है, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियां और दीवानी परिसर की सुरक्षा में तैनात एसएसएफ (SSF – Special Security Force) तुरंत एक्शन में आ गई हैं। एहतियात के तौर पर पूरे दीवानी परिसर को आनन-फानन में खाली कराया जा रहा है और चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी शुरू कर दी गई है।
ब्रेकिंग न्यूज़: मुख्य अंश (Highlights)
- आगरा दीवानी न्यायालय परिसर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर आया बम का धमकी भरा मेल।
- एडीजे-1 (ADJ-1) को सीधे तौर पर ईमेल भेजकर दी गई है परिसर को उड़ाने की धमकी।
- सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर मौजूद।
- सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के सभी गेट बंद, अधिवक्ताओं और वादकारियों को निकाला गया बाहर।
▲ बम की सूचना पर दीवानी परिसर को खाली कराते हुए सुरक्षाकर्मी।
एडीजे-1 को मिला ईमेल, मची अफरातफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब आगरा दीवानी परिसर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक अज्ञात सेंडर द्वारा धमकी भरा मेल भेजा गया। इस ईमेल में विशेष रूप से एडीजे-1 (अपर जिला जज-प्रथम) को टारगेट किया गया है और दावा किया गया है कि न्यायालय परिसर के भीतर एक शक्तिशाली विस्फोटक (बम) रखा गया है। जैसे ही कोर्ट प्रशासन की नज़र इस ईमेल पर पड़ी, उन्होंने बिना एक भी पल गंवाए तुरंत शीर्ष पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना दी।
चूंकि न्यायालय परिसर में रोज़ाना हजारों की संख्या में वकील, जज, वादकारी (Litigants) और आम लोग मौजूद रहते हैं, इसलिए इस धमकी को बेहद गंभीरता से लिया गया। कोर्ट में चल रही सभी बहसों और मुकदमों की सुनवाई को तुरंत रोक दिया गया। जजों को उनके कक्ष से सुरक्षित बाहर निकाला गया और वकीलों से भी अपने चैंबर खाली करने की अपील की गई। चंद मिनटों के भीतर ही पूरे दीवानी परिसर में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए गेट की तरफ भागने लगे।
▲ बम की सूचना मिलने पर भारी संख्या में तैनात एसएसएफ जवानों ने लोगों को कैंपस से बाहर कर दिया।
एक्शन में डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता
सूचना मिलते ही आगरा पुलिस का आला अमला भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गया। दीवानी परिसर की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले विशेष सुरक्षा बल (SSF) के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सबसे पहले न्यायालय परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों (Gates) को बंद कर दिया गया ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति अंदर प्रवेश न कर सके। इसके बाद, परिसर के अंदर मौजूद सभी वादकारियों (मुकदमे के सिलसिले में आए लोगों) को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बम की वास्तविक मौजूदगी की पुष्टि करने और उसे निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad – BDS) और डॉग स्क्वायड (Dog Squad) की विशेष टीमों को मौके पर बुलाया गया है। ये टीमें न्यायालय के मुख्य भवनों, इजलास, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग एरिया और अधिवक्ताओं के चैंबरों की सघन जांच कर रही हैं। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है। डस्टबिन, लावारिस वाहनों और सीढ़ियों के नीचे के कोनों की भी बारीकी से चेकिंग की जा रही है।
▲ कोर्ट के बाहर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। डॉग स्क्वायड की मदद से चप्पे-चप्पे पर तलाशी जारी है।
डीजीसी राधा कृष्ण गुप्ता का बयान: ‘दहशत फैलाने की कोशिश’
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) राधा कृष्ण गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती तौर पर यह किसी शरारती तत्व द्वारा केवल भय और दहशत बनाने की कोशिश लग रही है। उन्होंने कहा, “न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने और शहर में दहशत फैलाने के उद्देश्य से इस तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। हालांकि, हम किसी भी सूचना को हल्के में नहीं ले सकते। एहतियात के तौर पर पुलिस और प्रशासन द्वारा पूरी चेकिंग की जा रही है। इसी वजह से सभी अधिवक्ताओं और आम लोगों को कोर्ट परिसर से बाहर किया गया है, ताकि सुरक्षा एजेंसियां अपना काम बिना किसी रुकावट के कर सकें।”
इसके साथ ही, जिला जज महोदय ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सामान्य अधिवक्ताओं से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि कोर्ट परिसर या चैंबर के आसपास कोई भी संदिग्ध वस्तु, लावारिस बैग या अनजान पैकेट दिखाई दे, तो तुरंत दीवानी प्रशासन या वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को उसकी सूचना दें। किसी भी संदिग्ध वस्तु को हाथ न लगाएं और अफवाहों से बचें।
साइबर सेल अलर्ट पर, IP एड्रेस की हो रही ट्रैकिंग
जहां एक तरफ ग्राउंड पर बम की तलाश जारी है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की साइबर सेल (Cyber Cell) भी पूरी तरह से एक्टिव हो गई है। जिस ईमेल आईडी से यह धमकी भरा मैसेज एडीजे-1 और दीवानी कोर्ट प्रशासन को भेजा गया है, उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। साइबर एक्सपर्ट्स उस ईमेल का आईपी एड्रेस (IP Address) ट्रेस करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सेंडर (भेजने वाले) की असली लोकेशन का पता लगाया जा सके।
अक्सर देखा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी वीपीएन (VPN) या डार्क वेब का इस्तेमाल करके अपनी असली पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं। लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे। अगर यह सूचना महज़ एक अफवाह (Hoax) भी निकलती है, तब भी अफवाह फैलाने वाले शख्स के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भारतीय दंड संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी न्यायिक संस्थाओं को इस तरह धमकाने की हिम्मत न कर सके।
न्यायिक कामकाज पूरी तरह ठप, वादकारी परेशान
इस बम की धमकी का सीधा असर शहर की कानून व्यवस्था और न्यायिक कामकाज पर पड़ा है। दीवानी परिसर खाली कराए जाने की वजह से आज होने वाली सभी महत्वपूर्ण सुनवाइयां, गवाहियां और जमानत अर्जियों पर होने वाली बहसें टल गई हैं। दूर-दराज के गांवों से न्याय की आस में कोर्ट पहुंचे गरीब वादकारियों को निराश होकर बिना तारीख लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। कोर्ट के बाहर एमजी रोड और भगवान टॉकीज की तरफ जाने वाले रास्तों पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिसकी वजह से पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट (Traffic Divert) करना पड़ा है।
फिलहाल आगरा पुलिस का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। जब तक बम निरोधक दस्ता पूरे परिसर को ‘क्लीन चिट’ (Safe Certificate) नहीं दे देता, तब तक किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। आम जनता से अपील है कि वे कोर्ट परिसर की तरफ जाने से बचें और सोशल मीडिया (WhatsApp/Facebook) पर बिना पुष्टि किए कोई भी भ्रामक जानकारी शेयर न करें। (खबर लगातार अपडेट की जा रही है…)
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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