Agra News Desk, Taj News | 📍आगरा, उत्तर प्रदेश | Thursday, April 2, 2026, 06:05:20 AM IST

आगरा: आगरा में तीन को फांसी की सख्त सजा सुनाकर अदालत ने एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला दिया है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ था। न्यायालय ने इस बेहद गंभीर मामले में अपना अंतिम और कड़ा फैसला सुना दिया है। अपर जिला जज-26 अमरजीत की अदालत ने तीन मुख्य आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें मृत्युदंड की सजा दी है। गौरतलब है कि, यह दर्दनाक वारदात एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के सुशील नगर में लगभग पौने चार साल पहले घटी थी। दोषियों ने एक बेबस महिला और उसके मौसेरे देवर की बहुत ही बेरहमी से जान ले ली थी।
- कड़ी सजा: आगरा में तीन को फांसी की सजा मिली, कोर्ट ने पति गौरव, ससुर मदन और देवर अभिषेक को मृत्युदंड दिया।
- दोहरा हत्याकांड: दोषियों ने 27 मई 2022 को पूजा और उसके मौसेरे देवर शिवम की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी।
- दहेज का लालच: ससुराल वाले लगातार कार और पांच लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहे थे, मांग न पूरी होने पर हत्या की।
- अदालत की टिप्पणी: जज ने अपने कड़े आदेश में कहा कि दोषियों को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उनकी मौत न हो जाए।
दोषियों में मृतका पूजा का पति गौरव, ससुर मदन और देवर अभिषेक मुख्य रूप से शामिल हैं। अदालत ने इन तीनों खतरनाक हत्यारों पर एक-एक लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है। वहीं दूसरी ओर, सबूतों के अभाव और संदेह के लाभ के कारण सास नीलम को बरी कर दिया गया। गौरतलब है कि, यह पूरा विवाद भारी दहेज की मांग को लेकर शुरू हुआ था। लालची ससुराल वालों ने क्रूरता की सारी हदें पूरी तरह से पार कर दी थीं। आगरा में तीन को फांसी के इस बड़े फैसले ने समाज में न्याय के प्रति एक बहुत ही गहरी उम्मीद जगा दी है।
पुलिस ने इस पूरे मामले की बहुत ही सघन और तेजी से अपनी जांच की थी। उन्होंने सभी पुख्ता सबूतों को समय पर अदालत के सामने पूरी ईमानदारी से पेश किया। इसके चलते ही, अदालत अपना यह ऐतिहासिक फैसला बहुत ही मजबूती से सुना पाई। पीड़ित परिवार को इतने लंबे और कठिन संघर्ष के बाद आखिरकार पूरा न्याय मिल गया। आगरा में तीन को फांसी की खबर पूरे जिले में इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। हर कोई अदालत के इस कड़े और बेहतरीन फैसले की खूब ज्यादा तारीफ कर रहा है।
आगरा में तीन को फांसी: दहेज के लालच में हुई दोहरी हत्या
आगरा में तीन को फांसी के इस मामले की शुरुआत बहुत ही ज्यादा दर्दनाक थी। गौरतलब है कि, यह भयानक घटना 27 मई 2022 को घटी थी। थाना इरादतनगर क्षेत्र के डुंडीपुरा गांव की रहने वाली पूजा की शादी छह साल पहले हुई थी। उसने एत्माद्दौला के ब्रह्मपुरी गली निवासी गौरव के साथ अपना घर बसाया था। पूजा की मां इंद्रा देवी ने पुलिस को अपनी विस्तृत शिकायत में कई चौंकाने वाली बातें बताई थीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी में अपनी हैसियत से बढ़कर खूब दान-दहेज दिया था। लेकिन, लालची ससुराल वालों का पेट इतने से बिल्कुल भी नहीं भरा।
शादी के कुछ ही दिनों बाद पति गौरव, ससुर मदन और अन्य घरवाले पूजा को बुरी तरह प्रताड़ित करने लगे। वे लगातार एक नई कार और पांच लाख रुपये नकद की अतिरिक्त मांग कर रहे थे। जब पूजा के मायके वाले यह भारी मांग पूरी नहीं कर पाए, तो उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न शुरू हो गया। गौरतलब है कि, समाज के कई सम्मानित लोगों ने पंचायत बैठाकर ससुराल वालों को काफी समझाया भी था। लेकिन, उन लालची भेड़ियों पर किसी की भी बात का कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने अपनी घिनौनी और जानलेवा हरकतें लगातार चालू रखीं।
लगातार बढ़ते उत्पीड़न से तंग आकर पूजा ने 10 अप्रैल 2022 को थाने में अपनी शिकायत भी दर्ज कराई थी। उस समय पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ससुराल वालों ने एक झूठा राजीनामा कर लिया था। वे पूजा को बहला-फुसलाकर वापस अपने घर ले गए थे। इसी बीच, पूजा का मौसेरा देवर शिवम उसकी बहुत ज्यादा मदद करता था। वह पूजा के साथ होने वाले हर अत्याचार की खबर उसके मायके वालों को तुरंत देता था। आगरा में तीन को फांसी के इस फैसले से यह साफ है कि आरोपियों ने शिवम को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी।
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आगरा में तीन को फांसी: सीसीटीवी फुटेज से खुला बड़ा राज
आगरा में तीन को फांसी दिलाने में इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की बहुत ही बड़ी और अहम भूमिका रही है। घटना वाले दिन आरोपियों ने एक बहुत ही खौफनाक और गहरी साजिश रची थी। उन्होंने किसी बहाने से 21 वर्षीय शिवम को अपने घर पर बुला लिया था। जैसे ही शिवम उनके घर पहुंचा, उन्होंने अचानक उस पर अपना बहुत ही जानलेवा हमला कर दिया। पूजा ने जब शिवम को बचाने की कोशिश की, तो हत्यारों ने उसे भी नहीं बख्शा। उन्होंने लाठी-डंडों और लोहे के भारी बांके से दोनों को बुरी तरह से काट डाला।
गौरतलब है कि, आरोपियों ने क्रूरता की सारी सीमाएं पार करते हुए दोनों को मौके पर ही मौत की नींद सुला दिया। लेकिन, अपराधियों को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनकी यह हैवानियत कैमरे में कैद हो रही है। घर के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे ने इस पूरे खूनी खेल को बहुत ही स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड कर लिया था। पुलिस ने वारदात के तुरंत बाद उस अहम सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया था। यही फुटेज आगरा में तीन को फांसी के फैसले का सबसे बड़ा आधार बना।
इसके अलावा, शिवम का भाई अभिषेक इस पूरी जघन्य वारदात का सबसे बड़ा और मुख्य चश्मदीद गवाह था। उसने अपनी आंखों के सामने अपने भाई और पूजा को तड़प-तड़प कर मरते हुए देखा था। पुलिस ने तुरंत अपनी सख्त कार्रवाई करते हुए सभी हत्यारों को मौके से ही हिरासत में ले लिया था। इसके बाद, पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश करके सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था। पुलिस के विवेचक ने इस मामले में बहुत ही तेजी से अपनी चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी।
आगरा में तीन को फांसी: कोर्ट ने दिया मृत्युदंड का कड़ा आदेश
आगरा में तीन को फांसी का यह फैसला अभियोजन पक्ष की शानदार और दमदार पैरवी का ही नतीजा है। मुकदमे के पूरे ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 14 अहम गवाहों को अदालत में पेश किया। इन सभी गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ बहुत ही स्पष्ट और पुख्ता गवाही दी। मुख्य रूप से, चश्मदीद गवाह अभिषेक की साहसिक गवाही ने इस केस को बहुत ही ज्यादा मजबूत बना दिया। इसके साथ ही, अदालत ने पुलिस द्वारा पेश किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को पूरी तरह सही माना।
गौरतलब है कि, मुकदमे का ट्रायल 17 अप्रैल 2023 को अदालत में विधिवत रूप से शुरू हुआ था। अदालत ने हर एक पहलू की बहुत ही बारीकी और निष्पक्षता से अपनी लंबी जांच की। अंततः, जज अमरजीत ने सभी सबूतों और गवाहों को देखने के बाद अपना सबसे कड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने गौरव, अभिषेक और मदन को इस दोहरे हत्याकांड का मुख्य और एकमात्र दोषी पाया। जज ने अपने आदेश में बहुत ही सख्त लहजे में टिप्पणी की। उन्होंने आदेश दिया कि इन तीनों दोषियों को तब तक गर्दन में फांसी लगाकर लटकाया जाए, जब तक उनकी मृत्यु न हो जाए।
नतीजतन, अदालत का यह फैसला सुनते ही तीनों दोषियों के चेहरे पूरी तरह से पीले पड़ गए। उनके चेहरों पर अब मौत का साफ खौफ नजर आ रहा था। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों दोषियों को तुरंत अदालत से वापस जेल भेज दिया है। आगरा में तीन को फांसी की यह सजा उन सभी लालची लोगों के लिए एक सीधा और कड़ा सबक है। यह फैसला बताता है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और अपराध कभी छिपता नहीं है। एक न एक दिन हर अपराधी को उसके किए की सख्त सजा जरूर मिलती है।
आगरा में तीन को फांसी: पीड़ित परिवार को मिला न्याय
आगरा में तीन को फांसी के इस ऐतिहासिक फैसले ने पीड़ित परिवार के आंसुओं को थोड़ा जरूर पोंछा है। पूजा की बुजुर्ग मां ने अपनी बेटी और एक युवा भतीजे को हमेशा के लिए खो दिया था। उनके लिए पिछले तीन साल और दस महीने का समय किसी गहरे नर्क से कम नहीं था। वे हर रोज न्याय के लिए अदालत और पुलिस के लगातार चक्कर काट रही थीं। लेकिन, उन्होंने अपनी हिम्मत बिल्कुल भी नहीं हारी और हत्यारों को सजा दिलाने के लिए डटी रहीं। अंततः, न्याय के देवता ने उनकी दर्द भरी पुकार सुन ली।
गौरतलब है कि, दहेज जैसी कुप्रथा आज भी हमारे समाज के माथे पर एक बहुत बड़ा और काला कलंक है। लालच में अंधे होकर लोग अक्सर इंसानियत और रिश्तों की सभी मर्यादाओं को पूरी तरह भूल जाते हैं। एक नई नवेली दुल्हन, जो बड़े अरमानों के साथ अपना ससुराल आती है, उसे ही वे अपना सबसे बड़ा शिकार बना लेते हैं। ऐसे लालची लोगों का समाज से पूरी तरह बहिष्कार होना सबसे ज्यादा जरूरी है। आगरा में तीन को फांसी का यह फैसला समाज को अपनी पुरानी और सड़ी हुई सोच बदलने पर मजबूर करेगा।
हमें अपनी बेटियों को सिर्फ शादी के लिए नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पढ़ाना चाहिए। महिलाओं को भी अपने अधिकारों के प्रति बहुत ज्यादा जागरूक होना चाहिए। अगर ससुराल में कोई दहेज के लिए प्रताड़ित करे, तो उन्हें तुरंत पुलिस और महिला आयोग का दरवाजा खटखटाना चाहिए। खामोश रहकर जुल्म सहना भी एक बहुत बड़ा अपराध है। यह कड़ा फैसला उन सभी बेबस महिलाओं को अपनी आवाज उठाने की एक नई ताकत देगा। आगरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई भी इस मामले में बहुत सराहनीय है।
पुलिस ने इस केस को फास्ट ट्रैक की तरह बहुत ही गंभीरता और तेजी से लिया। आगरा में तीन को फांसी की खबर अब सोशल मीडिया पर भी बहुत तेजी से वायरल हो रही है। लोग पुलिस और न्यायपालिका के इस कड़े कदम की खुलकर बहुत ज्यादा तारीफ कर रहे हैं। गौरतलब है कि, ऐसे कड़े फैसलों से ही अपराधियों के अंदर कानून का असली खौफ पैदा होता है। जब तक अपराधियों को फांसी जैसी कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक अपराध पूरी तरह से रुक नहीं सकते। समाज को भी हमेशा पुलिस का पूरा साथ देना चाहिए।
आगरा में तीन को फांसी का यह पूरा घटनाक्रम आने वाले कई सालों तक कानून की किताबों में एक बड़ी मिसाल के तौर पर याद रखा जाएगा। यह फैसला साबित करता है कि सत्य परेशान जरूर हो सकता है, लेकिन वह कभी पराजित नहीं মহাসकता। न्याय की चक्की भले ही बहुत धीमी पीसती है, लेकिन वह बहुत ही बारीक और सटीक पीसती है। अब ये तीनों दोषी काल कोठरी में अपनी मौत के दिन का भारी डर के साथ इंतजार करेंगे। उनका लालच ही उनके इस बुरे अंत का सबसे बड़ा कारण बन गया।
अंत में, ताज न्यूज़ हमेशा समाज के ऐसे गंभीर मुद्दों को सबसे प्रमुखता से उठाता रहेगा। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ खबर देना ही नहीं, बल्कि समाज में एक सकारात्मक और बड़ी जागरूकता फैलाना भी है। हम आशा करते हैं कि भविष्य में किसी भी घर की ‘पूजा’ इस तरह लालच की बलि नहीं चढ़ेगी। आगरा में तीन को फांसी का यह आदेश न्यायपालिका की गरिमा और ताकत को बहुत ही मजबूती से सलाम करता है। न्याय की यह शानदार जीत निश्चित रूप से पूरे देश के लिए एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर है।
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Thakur Sahab
Chief Editor, Taj News
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