Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 26 Feb 2026, 10:45 pm IST
Taj News National & Defense Desk
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पोखरण/नई दिल्ली (Pokhran/New Delhi): भारतीय वायुसेना (Indian Air Force – IAF) एक बार फिर दुश्मन देशों, खासकर पाकिस्तान और चीन को अपनी अजेय और विनाशकारी ताकत का सीधा प्रमाण देने जा रही है। राजस्थान के रेतीले धोरों और पाकिस्तान की सीमा से सटे पोखरण फायरिंग रेंज (Pokhran Firing Range) में दुनिया की सबसे घातक हवाई वॉर-ड्रिल वायुशक्ति-26 (Vayushakti-26) का शंखनाद होने वाला है। भारतीय वायुसेना ने इस महा-युद्धाभ्यास के लिए अपनी ‘फुल ड्रेस रिहर्सल’ (Full Dress Rehearsal) सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। अब शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों का अंतिम और सबसे खौफनाक प्रदर्शन (Final Demonstration) होने जा रहा है। वायुशक्ति-26 कोई सामान्य अभ्यास नहीं है; यह एक ऐसा शक्ति प्रदर्शन है जिसमें राफेल (Rafale) और स्वदेशी तेजस (Tejas) जैसे घातक फाइटर जेट्स आग उगलते नजर आएंगे। इस बार का युद्धाभ्यास विशेष रूप से ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की अपार सफलता का जश्न भी मनाएगा, जिसने दुश्मन के हौसले पूरी तरह पस्त कर दिए थे।
पाकिस्तान बॉर्डर के पास वायुशक्ति-26: दुश्मनों के लिए स्पष्ट संदेश
पोखरण फायरिंग रेंज रणनीतिक और भौगोलिक (Geopolitical) दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। यह वही ऐतिहासिक जगह है जहां भारत ने अपना सफल परमाणु परीक्षण किया था। पाकिस्तान की सीमा से इसकी नजदीकी इसे एक आदर्श सैन्य परीक्षण स्थल बनाती है। वायुशक्ति-26 का आयोजन इसी स्थान पर करके भारतीय रक्षा मंत्रालय और वायुसेना स्पष्ट रूप से पश्चिमी पड़ोसी (पाकिस्तान) को एक कड़ा संदेश दे रही है।
जब राफेल और सुखोई-30MKI जैसे विमान सुपरसोनिक गति से पोखरण के आसमान को चीरते हुए जमीन पर डमी टारगेट्स को नेस्तनाबूद करेंगे, तो उसकी गूंज सीमा पार बैठे आतंकी आकाओं और उनके संरक्षकों तक साफ सुनाई देगी। वायुशक्ति-26 यह प्रदर्शित करेगा कि भारत अब केवल अपनी सीमाओं की रक्षा नहीं करता, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर दुश्मन के घर में घुसकर ‘प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक’ (Pre-emptive Strike) करने में भी पूरी तरह सक्षम है।
वायुशक्ति-26 में आसमान पर राज करेंगे ये घातक फाइटर जेट्स
भारतीय वायुसेना (IAF) ने वायुशक्ति-26 के लिए अपने बेड़े के सबसे खतरनाक और उन्नत हथियारों को मैदान में उतारा है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस एयर शो और वॉर-ड्रिल में उच्च श्रेणी के लड़ाकू विमान (High-end Fighter Jets), भारी-भरकम परिवहन विमान और अटैक हेलीकॉप्टर शामिल होंगे।
लड़ाकू विमानों के बेड़े में 4.5 पीढ़ी का राफेल (Rafale), देश की शान ‘तेजस’ (LCA Tejas), जगुआर (Jaguar), बालाकोट स्ट्राइक का हीरो मिराज-2000 (Mirage-2000), सुखोई-30MKI (Sukhoi-30MKI) और मिग-29 (MiG-29) आसमान से आग बरसाएंगे। इसके अलावा, पायलटों को एडवांस ट्रेनिंग देने वाला हॉक (Hawk) विमान भी करतब दिखाएगा।
लॉजिस्टिक्स और एयरलिफ्ट ताकत को दर्शाने के लिए C-130J सुपर हरक्यूलिस, आधुनिक C-295 और विशालकाय C-17 ग्लोबमास्टर जैसे परिवहन विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा। हेलीकॉप्टर फ्लीट में स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ (LCH), टैंक किलर अपाचे (Apache), भारी वजन उठाने वाला चिनूक (Chinook), एमआई-17 IV (Mi-17 IV) और एएलएच एमके-IV (ALH MK-IV) हेलीकॉप्टर वायुशक्ति-26 में अपनी ताकत का लोहा मनवाएंगे।
एडवांस वेपन सिस्टम और रात के अंधेरे में पिनपॉइंट अटैक
आधुनिक युद्ध अब केवल दिन के उजाले में नहीं लड़े जाते हैं। इसलिए, वायुशक्ति-26 को तीन अलग-अलग चरणों में डिजाइन किया गया है— दिन (Daytime), ढलती शाम (Dusk), और रात (Night)। इसका उद्देश्य यह साबित करना है कि भारतीय वायुसेना 24 घंटे और किसी भी मौसम में दुश्मन को खत्म करने के लिए तैयार है। रात के घुप अंधेरे में जब लड़ाकू विमान लेजर-गाइडेड बमों (Laser-guided Bombs) और मिसाइलों से लक्ष्य को सटीक निशाना बनाएंगे, तो वह दृश्य अकल्पनीय होगा।
इस युद्धाभ्यास में केवल एयरक्राफ्ट ही नहीं, बल्कि जमीन से हवा में मार करने वाली ‘आकाश’ (Akash) और ‘स्पायडर’ (SpyDer) जैसी अचूक मिसाइल प्रणालियों का भी लाइव फायर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शॉर्ट रेंज लॉयटरिंग म्यूनिशंस (SRLM) यानी कामिकाज़ ड्रोन, रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) और दुश्मन के ड्रोन्स को हवा में ही भस्म करने वाले ‘काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम’ (CUAS) का भी अभूतपूर्व प्रदर्शन वायुशक्ति-26 का मुख्य आकर्षण होगा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और वायुशक्ति-26 का सीधा कनेक्शन
इस बार के वायुशक्ति-26 अभ्यास का सबसे बड़ा और कूटनीतिक पहलू ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की यादों से जुड़ा है। आपको बता दें कि मई 2025 में जब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने पहलगाम में कायराना हमला किया था, तब भारतीय वायुसेना और थल सेना ने मिलकर PoK और पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया था।
वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, वायुशक्ति-26 इस बात को रेखांकित करेगा कि कैसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने एयरोस्पेस डोमिनेंस (Aerospace Dominance) हासिल किया था। इस अभ्यास में लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता (Long-range precision) और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस (Multi-domain operations) की रणनीतियों को दोहराया जाएगा, जिससे दुनिया जान सके कि भारत अपने दुश्मनों के घर में घुसकर कितनी गहराई तक वार कर सकता है।
‘आत्मनिर्भर भारत’ का सशक्त विजन: स्वदेशी हथियारों का डंका
वायुशक्ति-26 केवल विदेशों से खरीदे गए हथियारों का प्रदर्शन नहीं है; यह भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Aatmanirbhar Bharat) के दीर्घकालिक विजन का एक जीता-जागता स्वरूप है। इस युद्धाभ्यास में स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स और रक्षा प्रणालियों का भारी उपयोग किया जा रहा है। तेजस फाइटर जेट, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH), आकाश मिसाइल सिस्टम, और देश में ही विकसित रडार एवं ड्रोन प्रणालियां यह दर्शाती हैं कि भारत अब रक्षा निर्माण के क्षेत्र में स्वावलंबी हो रहा है।
निष्कर्ष के तौर पर, 27 फरवरी को पोखरण में होने वाला वायुशक्ति-26 भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति, आधुनिक तकनीक और अदम्य साहस का प्रतीक बनेगा। यह अभ्यास यह सुनिश्चित करेगा कि भारत का आसमान महफूज है और किसी भी दुस्साहस का जवाब भारतीय वायुसेना पूरी क्रूरता और सटीकता के साथ देने के लिए तैयार है।
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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