Brij Khandelwal article on Valentine market and modern love

दिल, बिकता है तो बिकने दे, आंसु न बहा, फरियाद न कर, बस संत वेलेंटाइन से प्रार्थना कर!! Say yes to love, No to शादी! भारत में वैलेंटाइन और बाजार के हवाले होता इश्क का जलसा

Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 01 Mar 2026, 12:15 pm IST Taj News Opinion Desk विशेष संपादकीय लेख बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक बृज खंडेलवाल ने अपने इस लेख में आधुनिक प्रेम, वैलेंटाइन डे के बाज़ारीकरण और नई पीढ़ी के विवाह को लेकर बदलते नज़रिए पर तीखा […]

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