विकसित भारत आंकड़े बनाम आम आदमी की ज़िंदगी पर लेख

क्या बदला है भारत में? सिर्फ़ आंकड़े — विकसित भारत की चमक के नीचे थका हुआ आदमी

Political Desk, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Monday, 19 January 2026, 10:30 AM IST सुबह का अलार्म बजते ही जिस भारत की GDP, ग्रोथ और ग्लोबल रैंकिंग अख़बारों की सुर्ख़ियों में चमकती है, उसी भारत का एक चेहरा लेखक बृज खंडेलवाल अपने लेख “विकसित भारत की चमक के नीचे थका […]

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उत्तर और दक्षिण भारत में महिलाओं की स्थिति का अंतर, सामाजिक विश्लेषण

जब एक बयान आईना बन जाए, सुबह की दो तस्वीरें, एक देश

आगरा डेस्क, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Friday, 16 January 2026 08:55 AM IST वरिष्ठ स्तंभकार बृज खंडेलवाल लिखते हैं कि भारत की राजनीति कई बार किसी बयान पर नहीं, बल्कि उस बयान में दिखाए गए आईने पर भड़क उठती है। हालिया विवाद ने भी यही किया—देश को खुद की […]

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ताज की छाया में बदलती प्रेम कथाएँ Taj Mahal

संगमरमर में बसी मोहब्बत, मोबाइल पर पनपता इश्क़: ताज की छाया में बदलती प्रेम कथाएँ

Sunday, 11 January 2026. Agra, Uttar Pradesh ताजमहल केवल इतिहास की एक इमारत नहीं, बल्कि प्रेम की बदलती परिभाषाओं का मूक साक्षी है। जहाँ कभी शाहजहाँ ने मोहब्बत को संगमरमर में अमर किया, वहीं आज उसी ताज की छाया में मोबाइल स्क्रीन, मिस्ड कॉल और डेटिंग ऐप्स नए रिश्तों की भाषा गढ़ रहे हैं। यह […]

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माता सावित्रीबाई फुले का मानवतावादी नारीवाद और शिक्षा संघर्ष

स्त्री-अधिकार से मानवता की आवाज तक: माता सावित्रीबाई फुले का व्यापक नारीवाद

Friday, 03 January 2026, 6:45:00 AM. Agra, Uttar Pradesh भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले को केवल स्त्री-अधिकारों की प्रतीक मानना उनके संघर्ष की व्यापकता को सीमित करना होगा। सावित्रीबाई फुले का नारीवाद स्त्रियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह शोषित, वंचित और दलित मानवता की सामूहिक मुक्ति का विचार था। […]

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