Swami Vivekanand

स्वामी विवेकानंद: सेवा-चेतना द्वारा आध्यात्मिकता का सामाजिक रूपांतरण

आगरा डेस्क, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Monday, 12 Jan 2026 12:45 PM IST स्वामी विवेकानंद भारतीय चिंतन-परंपरा के उन विरले विचारकों में हैं, जिन्होंने आध्यात्मिकता को व्यक्तिगत मोक्ष की सीमाओं से बाहर निकालकर सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा। उनके लिए अध्यात्म का अर्थ संसार से पलायन नहीं, बल्कि समाज के दुःखों के […]

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सुख और दुःख पर बौद्ध दर्शन आधारित यथार्थवादी जीवन दृष्टि

सुख का भ्रम और दुःख की सच्चाई: बौद्ध दर्शन से जीवन को समझने की यथार्थवादी दृष्टि

आगरा।मानव जीवन में सुख की तलाश सदियों से सबसे बड़ा उद्देश्य और संघर्ष का केंद्र रही है। जन्म से मृत्यु तक मनुष्य जिन वस्तुओं, संबंधों, पदों और उपलब्धियों की आकांक्षा करता है, उनका मूल लक्ष्य सुख-प्राप्ति ही होता है। लेकिन दर्शन, इतिहास और जीवनानुभव यह संकेत करते हैं कि जिसे सामान्यतः सुख माना जाता है, […]

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