सुख का भ्रम और दुःख की सच्चाई: बौद्ध दर्शन से जीवन को समझने की यथार्थवादी दृष्टि
आगरा।मानव जीवन में सुख की तलाश सदियों से सबसे बड़ा उद्देश्य और संघर्ष का केंद्र रही है। जन्म से मृत्यु तक मनुष्य जिन वस्तुओं, संबंधों, पदों और उपलब्धियों की आकांक्षा करता है, उनका मूल लक्ष्य सुख-प्राप्ति ही होता है। लेकिन दर्शन, इतिहास और जीवनानुभव यह संकेत करते हैं कि जिसे सामान्यतः सुख माना जाता है, […]
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