आगरा: SNMC में ‘फार्मेकोविजिलेंस’ पर CME आयोजित, डॉ. प्रशांत गुप्ता बोले- दवाओं के साइड इफेक्ट्स की रिपोर्टिंग से बचेगी जान

Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 23 Feb 2026, 06:00 pm IST

आगरा (Agra): सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC), आगरा के फार्मेकोलॉजी विभाग एवं नोडल डीआरटीबी सेन्टर द्वारा आज ‘फार्मेकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ़ इंडिया’ (गाजियाबाद) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण निरंतर चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य विषय “स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा दवाइयों से होने वाले साइड इफेक्ट/रिएक्शन की रिपोर्टिंग की आवश्यकता” रहा, जिसमें सुरक्षित भविष्य के लिए दवाओं के दुष्प्रभावों की जानकारी देने पर जोर दिया गया।

HIGHLIGHTS
  • एसएनएमसी में सीएमई: ‘फार्मेकोविजिलेंस’ पर आयोजित महत्वपूर्ण संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने किया मंथन।
  • प्राचार्य का संदेश: डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा- मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, साइड इफेक्ट्स की रिपोर्टिंग से बचती है जान।
  • विशेषज्ञों की राय: दवाइयों के दुष्प्रभावों की वैज्ञानिक रिपोर्टिंग से दवाओं को और सुरक्षित बनाने में मिलती है मदद।
  • रिपोर्टिंग का तरीका: दवाओं के दुष्प्रभाव (ADR) की जानकारी टोल फ्री नंबर 18001803024 पर दें।
SNMC Agra CME Pharmacovigilance Lamp Lighting

(एसएन मेडिकल कॉलेज में आयोजित सीएमई का शुभारंभ करते अतिथिगण)

मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: डॉ. प्रशांत गुप्ता

इस अवसर पर एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने अपने संदेश में कहा, “मरीजों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। दवाइयों के अनचाहे प्रभावों की समय पर रिपोर्टिंग न केवल मरीजों की जान बचाती है, बल्कि इससे नियामक संस्थाओं को दवाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण डेटा मिलता है।” उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से चिकित्सा कर्मियों में जागरूकता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।

विशेषज्ञों ने बताया साइड इफेक्ट्स रिपोर्टिंग का महत्व

कार्यक्रम में राजकीय मेडिकल कॉलेज, कन्नौज से आईं डॉ. शुचि जैन ने दवाइयों के साइड इफेक्ट्स और उनकी वैज्ञानिक रिपोर्टिंग की प्रक्रियाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया। वहीं, एसएनएमसी के फार्मेकोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अलका यादव, डॉ. अनुराग जैन, डॉ. विपिन कुमार एवं डॉ. अंकित गुप्ता ने फार्मेकोविजिलेंस के वैश्विक और राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला।

SNMC Agra CME Pharmacovigilance Panel Discussion

(सीएमई के दौरान आयोजित पैनल डिस्कशन में हिस्सा लेते शहर के प्रमुख चिकित्सक)

पैनल डिस्कशन में शहर के दिग्गजों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम के दौरान एक उच्च स्तरीय पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया। इसमें एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, जिला इम्यूनाइजेशन अधिकारी डॉ. उपेंद्र, आईएमए सचिव डॉ. रजनीश मिश्रा, डॉ. प्रोफेसर नीरज कुमार (बाल रोग), डॉ. प्रोफेसर प्रभात अग्रवाल (मेडिसिन), डॉ. प्रोफेसर रुचिका गर्ग (स्त्री रोग), डॉ. कर्मवीर सिंह (चर्मरोग), डॉ. सचिन गुप्ता (टीबी एवं छाती रोग) एवं एफएच मेडिकल कॉलेज से डॉ. प्रोफेसर मीक्षी मौर्या जैसे शहर के प्रमुख विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

दवाओं के दुष्प्रभाव की ऐसे करें रिपोर्ट

विशेषज्ञों ने बताया कि दवाओं से होने वाले किसी भी दुष्प्रभाव (ADR – Adverse Drug Reaction) की जानकारी रोगी, उनके परिजन या कोई भी स्वास्थ्यकर्मी आसानी से दे सकते हैं। इसके लिए टोल फ्री नम्बर: 18001803024 पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा, एसएन मेडिकल कॉलेज के फार्मेकोलॉजी विभाग स्थित एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर (ADR Monitoring Center) पर भी संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में फार्मेकोविजिलेंस एसोसिएट डॉ. शिवप्रकाश राजपूत एवं फार्मेकोलॉजी विभाग के समस्त रेजिडेंट डॉक्टर्स की सराहनीय भूमिका रही।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News

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