वेनेजुएला संकट के बीच रूसी नौसेना की पनडुब्बी, अमेरिकी जब्ती से टैंकर को एस्कॉर्ट करते हुए

वेनेजुएला संकट में रूस की एंट्री, अमेरिकी जब्ती से टैंकर बचाने को पनडुब्बी तैनात

अंतरराष्ट्रीय

Wednesday, 08 January 2026, 10:30:00 AM. International Desk

पिछले दिनों अमेरिका द्वारा काराकास पर हमले और निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी को कब्जे में लिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस कार्रवाई की रूस समेत कई देशों ने कड़ी निंदा की थी। अब इसी तनावपूर्ण माहौल में रूस ने वेनेजुएला के पास संभावित अमेरिकी जब्ती से एक तेल टैंकर को बचाने के लिए पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक संसाधन तैनात किए हैं।

वेनेजुएला संकट के बीच रूसी नौसेना की पनडुब्बी, अमेरिकी जब्ती से टैंकर को एस्कॉर्ट करते हुए

रूस लंबे समय से वेनेजुएला का रणनीतिक समर्थक रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूसी पनडुब्बी की यह तैनाती न केवल अमेरिका-रूस टकराव को और गहरा कर सकती है, बल्कि कैरेबियाई और अटलांटिक क्षेत्र में सैन्य तनाव को भी बढ़ा सकती है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि रूस ने उत्तरी अटलांटिक में एक खराब हालत वाले तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक संपत्तियां तैनात की हैं। यह टैंकर, जो अब मरीनरा नाम से परिचालित हो रहा है, वेनेजुएला के पास के जलक्षेत्र से निकलने के बाद से ही यूनाइटेड स्टेट्स कोस्ट गार्ड की निगरानी में है।

हालांकि टैंकर फिलहाल खाली है और तकनीकी रूप से खराब स्थिति में बताया जा रहा है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के लिए इसकी गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। अमेरिका इसे उस वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा मानता है, जो रूस और अन्य प्रतिबंधित देशों से जुड़े अवैध तेल की तस्करी में शामिल बताया जाता है।

बेला-1 से मरीनरा तक का सफर

पहले बेला-1 नाम से पहचाने जाने वाला यह टैंकर पिछले दो हफ्तों से अधिक समय तक वेनेजुएला के पास अमेरिकी नेतृत्व वाली उस नाकाबंदी से बचने की कोशिश करता रहा, जिसका उद्देश्य प्रतिबंधित तेल शिपमेंट को रोकना था। रिपोर्ट के अनुसार, जहाज अटलांटिक की ओर बढ़ने से पहले किसी बंदरगाह पर डॉक कर कच्चा तेल लोड करने में असफल रहा।

तेल न होने के बावजूद, अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने टैंकर की निगरानी जारी रखी। यह कार्रवाई उस व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत अमेरिका ब्लैक-मार्केट एनर्जी सप्लाई नेटवर्क पर शिकंजा कसना चाहता है। इसमें पश्चिमी प्रतिबंधों के बाहर रूस द्वारा बेचे जा रहे तेल को ले जाने वाले जहाज भी शामिल बताए जाते हैं।

नाम बदला, रूस में कराया रजिस्ट्रेशन

दिसंबर 2025 में, खुले समुद्र में जाने से पहले अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जहाज पर चढ़ने की कोशिश को चालक दल ने नाकाम कर दिया था। इसके बाद टैंकर पर मोटे अक्षरों में रूसी झंडा बनाया गया, उसका नाम बदलकर मरीनरा कर दिया गया और उसका रजिस्ट्रेशन रूस में करा लिया गया।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना सामान्य निरीक्षण और औपचारिकताओं के किसी जहाज को अपने झंडे के तहत रजिस्टर करने की रूस की अनुमति असामान्य है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम उन जहाजों की अमेरिकी जब्ती को लेकर मॉस्को की बढ़ती चिंता को दर्शाता है, जिन पर अवैध रूसी तेल ढोने का आरोप लगाया जा रहा है।

✍️ संपादन: ठाकुर पवन सिंह
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