पीएम मोदी का इजरायल दौरा: बेंजामिन नेतन्याहू के साथ ऐतिहासिक मुलाकात

पीएम मोदी का इजरायल दौरा: एयरपोर्ट पर बेंजामिन नेतन्याहू ने सपरिवार किया भव्य स्वागत, नई रक्षा और AI डील पर टिकी दुनिया की नजरें

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Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 25 Feb 2026, 05:00 pm IST

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Taj News International Desk

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यरुशलम/नई दिल्ली (Jerusalem/New Delhi): पीएम मोदी का इजरायल दौरा आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है और पूरी दुनिया की नजरें इस ऐतिहासिक कूटनीतिक यात्रा पर टिक गई हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अपनी दो दिवसीय यात्रा के लिए बुधवार (25 फरवरी 2026) को तेल अवीव (Tel Aviv) पहुंचे। बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही उनका जोरदार और भव्य राजकीय स्वागत किया गया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी की अगवानी की। पीएम मोदी का इजरायल दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया एक नए भू-राजनीतिक बदलाव और मध्य पूर्व (Middle East) के तनावपूर्ण हालातों से गुजर रही है। इस दौरे को भारत और इजरायल के बीच रक्षा, साइबर सुरक्षा और आधुनिक तकनीक की साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।

HIGHLIGHTS
  • भव्य स्वागत: बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी ने गले लगाकर भव्य स्वागत किया।
  • तकनीक और रक्षा समझौते: इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली और तेल अवीव के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम तकनीक और साइबर सुरक्षा पर बड़े समझौते होने की उम्मीद है।
  • नेसेट (Knesset) में संबोधन: पीएम मोदी इजरायल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करेंगे, जिसे सम्मान में भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाया गया है।
  • विपक्ष का हमला: कांग्रेस नेता जयराम रमेश और तारिक अनवर ने गाजा युद्ध का हवाला देते हुए इस दौरे पर कड़े सवाल उठाए हैं।

पीएम मोदी का इजरायल दौरा: 9 साल बाद इतिहास दोहराने की तैयारी

आपको बता दें कि पीएम मोदी का इजरायल दौरा नौ साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहा है। इससे पहले साल 2017 में नरेंद्र मोदी ने इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा की थी, जो किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इजरायल यात्रा थी। उस यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को औपचारिक रूप से एक “रणनीतिक साझेदारी” (Strategic Partnership) में बदल दिया था। अब 2026 में पीएम मोदी का इजरायल दौरा एक बार फिर से इस साझेदारी को आधुनिक समय की चुनौतियों के हिसाब से ढालने का काम करेगा।

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार (Reuven Azar) ने इस यात्रा को एक निर्णायक क्षण बताया है। अपने एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि दोनों देश सुरक्षा व्यवस्था को अपडेट करने और संवेदनशील क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। राजदूत ने कहा, “जब भारत और इजरायल एक साथ आते हैं, तो यह सिर्फ एक बैठक नहीं होती है। यह विश्वास पर बनी एक गहरी साझेदारी है, जो नवाचार (Innovation) द्वारा संचालित है और हमारे समय की चुनौतियों की स्पष्ट समझ द्वारा निर्देशित है।”

रक्षा, AI और साइबर सुरक्षा पर होगी बड़ी साझेदारी

इस बार पीएम मोदी का इजरायल दौरा पारंपरिक कूटनीति से कहीं आगे का है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, नई दिल्ली और तेल अवीव एक उन्नत ‘सुरक्षा समझौते’ (Updated Security Agreement) की घोषणा करने वाले हैं। दोनों देश अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), क्वांटम प्रौद्योगिकियों (Quantum Technologies) और साइबर सुरक्षा (Cybersecurity) जैसे उभरते डोमेन (Emerging Domains) में घनिष्ठ सहयोग करना चाहते हैं।

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2020 और 2024 के बीच इजरायल दुनिया का आठवां सबसे बड़ा हथियार निर्यातक था, जिसकी वैश्विक हथियारों के निर्यात में 3.1 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी। भारत, इजरायली रक्षा उपकरणों (विशेषकर ड्रोन, मिसाइल रक्षा प्रणाली और रडार) का एक बहुत बड़ा खरीदार रहा है। ऐसे में इस यात्रा के दौरान मेक इन इंडिया (Make in India) के तहत रक्षा उत्पादन में संयुक्त उद्यम (Joint Ventures) स्थापित करने पर भी मुहर लग सकती है।

पीएम मोदी का इजरायल दौरा: मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम (Itinerary)

नरेंद्र मोदी के इस दो दिवसीय दौरे का शेड्यूल बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण बैठकों से भरा हुआ है। 25 फरवरी का आधिकारिक कार्यक्रम इस प्रकार है (स्थानीय समयानुसार):

  • दोपहर 12:45 बजे: बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शानदार आगमन और राजकीय स्वागत।
  • दोपहर 1:10 से 1:45 बजे: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एकांत में द्विपक्षीय वार्ता (Tête-à-tête)।
  • दोपहर 2:25 बजे: प्रसिद्ध होटल किंग डेविड (Hotel King David) में आगमन।
  • शाम 4:30 से 6:00 बजे: इजरायल की संसद ‘नेसेट’ (Knesset) में ऐतिहासिक संबोधन।
  • शाम 6:25 से 6:55 बजे: इजरायल में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों और नवाचारों की विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन।
  • रात 7:50 बजे: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा आयोजित विशेष ‘प्राइवेट डिनर’ में शिरकत।

अपनी संसद को भारतीय तिरंगे की रोशनी से सजा हुआ देखकर पीएम मोदी ने आभार व्यक्त किया और कहा कि वे इजरायली संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करने के लिए बेहद उत्सुक हैं।

विपक्ष का कड़ा प्रहार: गाजा युद्ध का साया

भले ही कूटनीतिक हलकों में पीएम मोदी का इजरायल दौरा एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा हो, लेकिन भारत की घरेलू राजनीति में इस पर घमासान मच गया है। मध्य पूर्व के वर्तमान तनाव और गाजा (Gaza) में चल रहे संघर्ष के कारण विपक्षी दल इस दौरे की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर हमला बोलते हुए लिखा, “वह एक अलग युग था। अब भारतीय प्रधानमंत्री बेशर्मी से इजरायल के उस प्रधानमंत्री को गले लगा रहे हैं, जिसने गाजा को मलबे और धूल में बदल दिया है और जो कब्जे वाले वेस्ट बैंक (West Bank) में अवैध बस्तियों के विस्तार को अंजाम दे रहा है।”

वहीं, कांग्रेस सांसद तारिक अनवर (Tariq Anwar) ने कहा कि नरेंद्र मोदी को गाजा में हजारों निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार का मुद्दा मजबूती से उठाना चाहिए। अनवर ने मांग की है कि भारत को शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए इस खून-खराबे को खत्म करने के लिए इजरायल पर भारी दबाव डालना चाहिए।

वैश्विक समीकरण: भारतीय प्रवासियों का उत्साह और नया ‘वर्ल्ड ऑर्डर’

इन राजनीतिक विवादों से इतर, इजरायल में रहने वाले भारतीय प्रवासी (Indian Diaspora) अपने प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए अत्यधिक उत्साहित हैं। यरुशलम (Jerusalem) की सड़कों को भारतीय और इजरायली झंडों से पाट दिया गया है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जबरदस्त तैयारियां की गई हैं।

विदेशी मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव (Robinder Sachdev) ने इस दौरे का विश्लेषण करते हुए कहा कि पीएम मोदी का इजरायल दौरा ऐसे नाजुक समय में हो रहा है जब दुनिया एक बड़े मंथन (Churn) से गुजर रही है और एक नई विश्व व्यवस्था (New World Order) का निर्माण हो रहा है। ऐसे में भारत का यह कदम कूटनीतिक संतुलन (Diplomatic Balancing) का एक शानदार उदाहरण है। एक तरफ भारत अरब देशों के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है, तो दूसरी तरफ वह इजरायल जैसी तकनीकी और सैन्य महाशक्ति के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को भी नई धार दे रहा है। अगले 48 घंटे अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बेहद दिलचस्प होने वाले हैं।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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