Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 9 March 2026, 09:14 PM IST
आगरा जनपद के विकास, जल संकट, किसानों की समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया और पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आगरा की विभिन्न जनसमस्याओं और विकास परियोजनाओं से संबंधित विस्तृत ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया।
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आगरा के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करतीं जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया और पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह।
जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर चिंता
ज्ञापन में बताया गया कि आगरा जनपद में जल जीवन मिशन योजना अभी तक पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की समस्या बनी हुई है। डॉ. मंजू भदौरिया ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जब तक यह योजना पूरी तरह लागू नहीं होती, तब तक जिला पंचायत को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गांवों में सबमर्सिबल पंप, पानी की टंकियां और पाइपलाइन व्यवस्था स्थापित करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सौर ऊर्जा से संचालित जल मीनार स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है।
उटंगन नदी पर स्लूस गेट बांध का प्रस्ताव
डॉ. मंजू भदौरिया ने आगरा की प्रमुख उटंगन नदी में जल संचयन के लिए बड़ी योजना का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि फतेहाबाद तहसील के रेहावली गांव के पास स्लूस गेट युक्त बांध का निर्माण कराया जाए। यह नदी राजस्थान के करौली क्षेत्र से होकर आती है और इसमें पर्याप्त जलराशि रहती है। यदि यहां बांध का निर्माण किया जाए तो इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और बाह तथा फतेहाबाद क्षेत्र के किसानों को सिंचाई और पेयजल दोनों के लिए लाभ मिलेगा।
तेरह मोरी और खानुआ बांध की मरम्मत की मांग
फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक तेरह मोरी बांध और खानुआ बांध की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया गया। डॉ. भदौरिया ने कहा कि इन बांधों की मरम्मत कर जल संचयन को मजबूत किया जा सकता है। यदि इन जलाशयों में जल संग्रहण की व्यवस्था सुधारी जाए तो यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन सकता है और स्थानीय पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
आगरा में फार्मा पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आगरा में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में फार्मा पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के सामने रखा गया। डॉ. मंजू भदौरिया ने कहा कि ललितपुर की तर्ज पर आगरा में फार्मा पार्क बनने से गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
यमुना संरक्षण और बैराज निर्माण का मुद्दा
यमुना नदी के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में यमुना की सिल्ट सफाई, गंदे नालों को टेप करने, दिल्ली और हरियाणा से आने वाले प्रदूषित पानी को रोकने तथा आगरा के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को प्रभावी ढंग से संचालित करने की मांग की गई। साथ ही ताजमहल के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में प्रस्तावित बैराज निर्माण की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी गई।
आलू किसानों के लिए समर्थन मूल्य तय करने की मांग
किसानों की समस्याओं को उठाते हुए डॉ. भदौरिया ने बताया कि आगरा में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन किसानों को लागत से भी कम कीमत मिल रही है। उन्होंने आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति क्विंटल तय करने, बाजार हस्तक्षेप योजना लागू करने तथा कोल्ड स्टोरेज के बिजली बिल में राहत देने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
मुख्यमंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मंजू भदौरिया द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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