नासिक में दर्दनाक हादसा: कुएं में कार गिरने से एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत, 6 मासूम बच्चे भी शामिल

National Desk, tajnews.in | 📍नासिक, महाराष्ट्र | Saturday, April 4, 2026, 09:22:05 AM IST

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नासिक: महाराष्ट्र के नासिक जिले में शुक्रवार रात एक बहुत ही खौफनाक और हृदयविदारक घटना घटी है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, डिंडोरी कस्बे के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर गहरे कुएं में जा गिरी। दरअसल, इस भयानक हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। गौरतलब है कि, मृतकों में छह छोटे और मासूम बच्चे भी पूरी तरह से शामिल हैं। इसलिए, इस घटना की खबर मिलते ही पूरे राज्य में भारी शोक की लहर तुरंत दौड़ गई। नतीजतन, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने मौके पर पहुंचकर अपना भारी बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, कुएं की गहराई बहुत ज्यादा होने के कारण बचाव दल किसी भी व्यक्ति की जान नहीं बचा सका। इसके अलावा, यह पूरा परिवार एक समारोह से खुशी-खुशी अपने घर वापस लौट रहा था। इसी बीच, मौत ने अचानक उनका रास्ता रोक लिया और उनकी सारी खुशियां हमेशा के लिए मातम में बदल गईं।

HIGHLIGHTS
  • खौफनाक दुर्घटना: नासिक के डिंडोरी इलाके में शुक्रवार रात एक अनियंत्रित कार गहरे कुएं में जा गिरी, जिससे 9 लोगों की मौत हो गई।
  • मासूमों ने गंवाई जान: इस भयानक हादसे में दरगुड़े परिवार के 6 छोटे बच्चों ने भी पानी में डूबकर अपना दम तोड़ दिया।
  • क्रेन से निकाली कार: पुलिस और गोताखोरों की टीम ने भारी मशक्कत और क्रेन की मदद से आधी रात को कार कुएं से बाहर निकाली।
  • समारोह से वापसी: यह दुर्भाग्यपूर्ण परिवार एक स्थानीय समारोह में शामिल होने के बाद अपने इंदोरे गांव वापस लौट रहा था।

नासिक में दर्दनाक हादसा: समारोह की खुशियां बदलीं भयानक मातम में

यह रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे के आसपास हुआ। दरअसल, नासिक जिले के डिंडोरी तालुका में स्थित इंदोरे गांव का दरगुड़े परिवार एक समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गया हुआ था। गौरतलब है कि, कार्यक्रम खत्म होने के बाद सभी नौ सदस्य अपनी कार में सवार होकर वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी बीच, डिंडोरी कस्बे के शिवाजी नगर इलाके से गुजरते समय चालक ने कार के स्टीयरिंग से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो दिया। नतीजतन, तेज रफ्तार कार सड़क किनारे बने एक बहुत गहरे कुएं में सीधे जा गिरी।

चूंकि रात का घना अंधेरा था, इसलिए आसपास मौजूद लोगों को तुरंत इस हादसे का पता बिल्कुल नहीं चल पाया। इसके परिणामस्वरूप, कार के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का कोई भी मौका नहीं मिला। अंततः, पानी में डूबने और दम घुटने से सभी नौ लोगों ने वहीं अपनी अंतिम सांस ली। इसके अलावा, ग्रामीण सड़कों पर रात के समय कोई स्ट्रीट लाइट भी चालू नहीं रहती है। इसलिए, अंधेरे और संकरे रास्तों ने इस दुर्घटना की गंभीरता को और भी ज्यादा बढ़ा दिया।

नासिक में दर्दनाक हादसा: क्रेन और गोताखोरों ने चलाया बचाव अभियान

हादसे की भयंकर आवाज सुनकर आसपास के कुछ स्थानीय लोग तुरंत उस कुएं की तरफ दौड़े। दरअसल, उन्होंने पानी के अंदर एक कार को डूबते हुए देखा और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी बड़ी सूचना दी। गौरतलब है कि, सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं की कई टीमें घटनास्थल पर बहुत तेजी से पहुंच गईं। चूंकि कुआं बहुत ज्यादा गहरा था और उसमें पानी लबालब भरा हुआ था। इसलिए, पुलिस ने बचाव अभियान को तेज करने के लिए दो बड़ी क्रेन और कई पेशेवर गोताखोरों को तुरंत मौके पर बुला लिया।

इसके अलावा, गोताखोरों ने भारी जोखिम उठाते हुए गहरे पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने रस्सियों की मदद से कार को क्रेन से बहुत ही मजबूती से बांधा। नतीजतन, आधी रात के बाद भारी मशक्कत करके बचाव दल ने कार को पानी से बाहर निकाला। इसके परिणामस्वरूप, मौके पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ ने भी अपनी तरफ से टॉर्च जलाकर बचाव कार्य में पुलिस की भारी मदद की। हालांकि, तब तक बहुत ज्यादा देर हो चुकी थी और कार सवार सभी लोगों की मौत हो चुकी थी।

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नासिक में दर्दनाक हादसा: छह मासूम बच्चों ने तोड़ा अपना दम

इस हादसे का सबसे दर्दनाक और रुला देने वाला पहलू छह मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत है। दरअसल, पुलिस ने सभी नौ मृतकों की आधिकारिक पहचान पूरी तरह से कर ली है। गौरतलब है कि, मृतकों में 32 वर्षीय सुनील दत्तू दरगुड़े, उनकी पत्नी रेशमा और 32 वर्षीय आशा अनिल दरगुड़े मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा, परिवार के छह छोटे बच्चों ने भी इस खौफनाक हादसे में अपनी जान हमेशा के लिए गंवा दी है।

पुलिस के अनुसार, इन मृत बच्चों में पांच लड़कियां हैं, जिनकी उम्र सिर्फ 7 से 14 वर्ष के बीच है। इसी बीच, परिवार के एक 11 वर्षीय लड़के की भी डूबने से मौत हो गई है। नतीजतन, दरगुड़े परिवार का पूरा चिराग ही हमेशा के लिए बुझ गया है। इसलिए, जब बचाव दल ने इन मासूम बच्चों के निर्जीव शरीर कुएं से बाहर निकाले, तो वहां मौजूद हर पुलिसकर्मी और ग्रामीण की आंखें बुरी तरह छलक पड़ीं। मुख्य रूप से, बच्चों के शवों को देखकर अस्पताल के कर्मचारियों का दिल भी बहुत बुरी तरह दहल गया।

नासिक में दर्दनाक हादसा: इंदोरे गांव में पसरा भारी सन्नाटा

दरगुड़े परिवार की मौत की मनहूस खबर जैसे ही इंदोरे गांव पहुंची, वहां एक भारी कोहराम मच गया। दरअसल, गांव के लोग इस भयानक खबर पर बिल्कुल भी अपना विश्वास नहीं कर पा रहे थे। गौरतलब है कि, जो परिवार कुछ घंटे पहले हंसता-खेलता गांव से निकला था, अब उनकी सिर्फ लाशें ही वापस लौट रही थीं। इसलिए, पूरे गांव में आज किसी भी घर में चूल्हा बिल्कुल नहीं जला है। ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलकर दरगुड़े परिवार के घर के बाहर भारी संख्या में जमा हो गए हैं।

इसके अलावा, पुलिस ने मौके पर पंचनामा भरकर सभी नौ शवों को डिंडोरी के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चूंकि पुलिस अब इस बात की भी बहुत गहराई से जांच कर रही है कि क्या कार में कोई तकनीकी खराबी आई थी या चालक को नींद की झपकी आ गई थी। नतीजतन, पुलिस अधिकारियों ने मामला दर्ज करके अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई बहुत ही तेजी से शुरू कर दी है। इसके अतिरिक्त, आरटीओ (RTO) विभाग की टीम भी दुर्घटनाग्रस्त कार का तकनीकी मुआयना करेगी।

नासिक में दर्दनाक हादसा: खुले कुएं और सुरक्षा पर उठे कड़े सवाल

इस जघन्य और भयानक हादसे ने एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा की भारी पोल खोल दी है। दरअसल, हाईवे और ग्रामीण सड़कों के किनारे बने ऐसे खुले कुएं हमेशा से हादसों को अपना खुला निमंत्रण देते रहे हैं। गौरतलब है कि, स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर अपनी भारी नाराजगी और गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि इस कुएं के चारों तरफ कोई भी मजबूत बाउंड्री वॉल या लोहे की जाली बिल्कुल नहीं लगी थी।

इसलिए, अंधेरे में गाड़ी का संतुलन बिगड़ते ही वह सीधे मौत के मुंह में समा गई। इसके अलावा, ग्रामीणों ने राज्य सरकार से दरगुड़े परिवार के बचे हुए रिश्तेदारों को तुरंत भारी मुआवजा देने की कड़ाई से मांग की है। इसी बीच, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वे भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए खुले कुओं की तुरंत घेराबंदी करवाएंगे। अंततः, ताज न्यूज़ इस पूरे मामले की हर छोटी-बड़ी अपडेट आप तक लगातार पहुंचाता रहेगा।

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Pawan Singh

Pawan Singh

Chief Editor, Taj News

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