Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 26 Feb 2026, 10:15 pm IST
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यरुशलम/नई दिल्ली (Jerusalem/New Delhi): भारत के ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (Unified Payments Interface – UPI) ने पूरी दुनिया में अपनी तकनीकी धाक जमा ली है। इसी कड़ी में अब ‘मेड इन इंडिया’ डिजिटल पेमेंट सिस्टम ने मध्य पूर्व (Middle East) के सबसे बड़े तकनीकी हब में अपनी दस्तक दे दी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अपनी ऐतिहासिक दूसरी इजरायल यात्रा पर हैं, और इस दौरे के बीच दोनों देशों ने इजरायल में यूपीआई को लॉन्च करने का एक युगंतकारी समझौता किया है। मोदी सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक के बाद भारत और इजरायल ने अपनी डिजिटल और वित्तीय साझेदारी (Financial Partnership) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का ऐलान किया है। इजरायल में यूपीआई के इस सीमा पार उपयोग (Cross-border Use) की सुविधा शुरू होने से दोनों देशों के व्यवसायों (Businesses), छात्रों और पर्यटकों को सबसे बड़ा लाभ मिलने वाला है। इससे न केवल लेनदेन की लागत (Transaction Costs) में भारी कमी आएगी, बल्कि पेमेंट सेटलमेंट का समय भी काफी घट जाएगा।
इजरायल में यूपीआई: ग्लोबल बिजनेस के लिए कैसे बनेगा वरदान?
जब भी कोई व्यवसायी दूसरे देश के साथ व्यापार करता है, तो सबसे बड़ी समस्या ‘क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट’ (Cross-Border Payment) की होती है। पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम जैसे SWIFT आदि के जरिए पैसा ट्रांसफर करने में कई दिन लग जाते हैं और भारी-भरकम ‘कनवर्जन चार्ज’ (Conversion Charge) भी चुकाना पड़ता है। लेकिन इजरायल में यूपीआई की शुरुआत इन सभी अड़चनों को हमेशा के लिए खत्म कर देगी। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत इजरायल के घरेलू भुगतान ढांचे (Domestic Payments Framework) को भारत के यूपीआई नेटवर्क के साथ सीधे जोड़ दिया जाएगा।
इसके परिणामस्वरूप, डिजिटल लेनदेन अब ‘रीयल-टाइम’ (Real-time) यानी पलक झपकते ही और बहुत ही किफायती दरों पर हो सकेगा। विशेष रूप से उन भारतीय टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स (Startups) को इजरायल में यूपीआई से भारी राहत मिलेगी, जो इजरायल के इनोवेशन हब के साथ लगातार व्यापार करते हैं। व्यापार के अलावा, इजरायल में रहने वाले भारतीय प्रवासियों (Indian Diaspora) और वहां यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए भी अब क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करके पेमेंट करना अपने ही देश जितना आसान हो जाएगा।
पीएम मोदी का बयान: “मुझे खुशी है कि इजरायल में यूपीआई…”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय रणनीतिक यात्रा के अंतिम दिन इस वित्तीय समझौते पर हस्ताक्षर के गवाह बने। इजरायल में यूपीआई के लॉन्च पर बात करते हुए पीएम मोदी ने इसे भारत-इजरायल संबंधों के एक नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि तकनीक (Technology) दोनों देशों की साझेदारी का मूल आधार बन चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने ‘क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप’ (Critical and Emerging Technologies Partnership) स्थापित करने का एक अहम फैसला लिया है। यह समझौता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) जैसे भविष्य के क्षेत्रों में हमारे सहयोग को एक नई गति और दिशा प्रदान करेगा।” यूपीआई के संदर्भ में बात करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, “मुझे यह जानकर अत्यंत खुशी है कि अब इजरायल में यूपीआई के उपयोग को लेकर दोनों देशों के बीच पूर्ण समझौता हो गया है। यह हमारी वित्तीय प्रणाली की मजबूती और वैश्विक स्वीकार्यता का स्पष्ट प्रमाण है।”
भारत की ‘डिजिटल डिप्लोमेसी’ (Digital Diplomacy) का मास्टरस्ट्रोक
इजरायल में यूपीआई का लॉन्च होना कोई सामान्य व्यापारिक समझौता नहीं है; यह भारत की सॉफ्ट पावर और ‘डिजिटल डिप्लोमेसी’ का एक बहुत बड़ा मास्टरस्ट्रोक है। एक समय था जब पश्चिमी देश, खासकर अमेरिका और यूरोप (VISA, Mastercard), पूरी दुनिया के पेमेंट सिस्टम पर राज करते थे। लेकिन भारत ने यूपीआई विकसित करके इस एकाधिकार (Monopoly) को तोड़ दिया है। फ्रांस, यूएई (UAE), सिंगापुर, श्रीलंका और मॉरीशस जैसे देशों में भारतीय यूपीआई पहले ही अपने झंडे गाड़ चुका है।
इजरायल को दुनिया भर में ‘स्टार्टअप नेशन’ (Startup Nation) और साइबर सुरक्षा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे तकनीकी रूप से उन्नत देश का भारत के पेमेंट सिस्टम को स्वीकार करना इस बात की मुहर लगाता है कि इजरायल में यूपीआई और भारतीय फिनटेक (Fintech) सेक्टर पर दुनिया का कितना गहरा भरोसा है। यह समझौता भारतीय रुपये (Indian Rupee) के अंतरराष्ट्रीयकरण (Internationalization) की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।
रक्षा और कृषि से आगे बढ़ी भारत-इजरायल की दोस्ती
पिछले कई दशकों से भारत और इजरायल के संबंध मुख्य रूप से रक्षा सौदों, हथियारों की खरीद और कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहयोग तक ही सीमित थे। लेकिन अब दुनिया बदल रही है और दोनों देशों के संबंधों का दायरा भी विस्तृत हो रहा है। पीएम मोदी की यह दूसरी इजरायल यात्रा इस बात का संकेत है कि अब दोनों राष्ट्र डिजिटल इकोसिस्टम, साइबर सुरक्षा और वित्तीय प्रौद्योगिकी (Financial Technology) में एक साथ मिलकर दुनिया का नेतृत्व करना चाहते हैं। इजरायल में यूपीआई को मिली यह हरी झंडी निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर के नए व्यापारिक रास्ते खोलेगी, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को भारी बल मिलेगा।
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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