
World Desk, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Sat, 07 Feb 2026 12:14 AM IST
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तारलाई/शहजाद टाउन इलाके में एक शिया इमामबाड़ा/मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान आत्मघाती धमाका हुआ। शहर के अस्पतालों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है, जबकि 169 घायल हैं। कई घायलों की हालत नाज़ुक बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में हमलावर के गेट पर रोके जाने, फायरिंग और बाद में खुद को विस्फोट से उड़ाने की बात सामने आई है। पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने क्षेत्र को सील कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

कहाँ हुआ हमला: तारलाई/शहजाद टाउन का इमामबाड़ा
धमाका इमाम बारगाह क़स्र‑ए‑खदीजतुल कुबरा परिसर में जुमे की नमाज के दौरान हुआ। यह इलाका इस्लामाबाद के दक्षिण‑पूर्वी उपनगर में आता है। धमाके के बाद परिसर भीतर‑बाहर अफरा‑तफरी मच गई और लोग अपनी‑अपनी गाड़ियों से घायलों को अस्पताल ले जाते दिखे।
कैसे अंजाम दिया गया: गेट पर रोका गया, फिर विस्फोट
दो पुलिस अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार हमलावर को गेट पर रोका गया, उसने फायरिंग की और फिर खुद को उड़ा लिया। इससे मुख्य नमाज‑हॉल में संभावित बड़े पैमाने की तबाही किसी हद तक टल गई, लेकिन नुकसान भयावह रहा। आसपास के घरों की खिड़कियाँ टूट गईं और मलबा दूर तक बिखरा दिखाई दिया।
हताहत और राहत: शहरभर में मेडिकल इमरजेंसी
मृतकों की संख्या 31 और घायलों की तादाद 169 बताई गई है। प्रमुख अस्पतालों—खासतौर पर PIMS और अन्य सरकारी‑निजी संस्थानों—में इमरजेंसी लागू कर दी गई। कुछ गंभीर मरीजों को बेहतर सुविधाओं के लिए रावलपिंडी भी शिफ्ट किया गया। ब्लड डोनेशन की अपील जारी की गई है और सर्जिकल/ट्रॉमा टीमों को हाई‑अलर्ट पर रखा गया है।
जिम्मेदारी और सुरक्षा परिदृश्य
हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने तत्काल नहीं ली। विश्लेषकों का मानना है कि बीते महीनों में राजधानी और बड़े शहरों में सुरक्षा‑खतरे बढ़े हैं, जबकि शिया उपासना स्थलों पर पहले भी निशाना साधा जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियाँ संभावित मॉड्यूल/लिंक की जांच में जुटी हैं।
सियासी प्रतिक्रिया: ‘इंसानियत के खिलाफ’
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने हमले की कड़ी निंदा की है। सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दोषियों को सख्त सज़ा दिलाने का आश्वासन दिया और राजधानी में सुरक्षा‑व्यवस्था और सख्त करने के निर्देश दिए।
पृष्ठभूमि: राजधानी में धमाकों का सिलसिला और बढ़ता खतरा
इससे पहले 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के जिला न्यायालय परिसर के बाहर भी आत्मघाती धमाका हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक देश के उत्तर‑पश्चिमी इलाकों और बलूचिस्तान में हिंसा/आतंकी घटनाओं की तीव्रता बढ़ने से बड़े शहरी केंद्र भी जोखिम में आए हैं।
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