Railway Desk, Taj News | Updated: Thursday, 12 March 2026, 12:36 AM IST
भारतीय रेल में ट्रेनों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई स्वदेशी ‘कवच’ ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। संसद में एक सांसद द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह प्रणाली भारतीय रेल की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि ‘कवच’ एक अत्याधुनिक और जटिल तकनीकी प्रणाली है, जो रेल संचालन के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और ट्रेनों की गति तथा सिग्नलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
क्या है कवच प्रणाली
‘कवच’ भारतीय रेल द्वारा विकसित एक स्वदेशी ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसे विशेष रूप से रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तैयार किया गया है। यह प्रणाली सिग्नलिंग, ट्रैक और ट्रेन के बीच लगातार डेटा का आदान-प्रदान करती है। यदि किसी कारण से लोको पायलट सिग्नल का पालन नहीं कर पाता या ट्रेन निर्धारित सीमा से अधिक गति से चलती है, तो यह तकनीक स्वतः सक्रिय होकर ट्रेन की गति को नियंत्रित कर सकती है। इससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
रेल मंत्री ने बताया कि कवच प्रणाली में पाँच प्रमुख उप-प्रणालियों का समन्वित संचालन होता है। इनमें ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क, दूरसंचार टावर, स्टेशन डेटा सेंटर, ट्रैकसाइड उपकरण और लोकोमोटिव में स्थापित ऑनबोर्ड सिस्टम शामिल हैं। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त संचालन से ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा की कई परतें तैयार होती हैं।
भारतीय रेल नेटवर्क पर कवच प्रणाली से जुड़ी ट्रैक और सिग्नलिंग व्यवस्था का दृश्य।
रेल नेटवर्क पर तेजी से हो रहा विस्तार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि कवच प्रणाली के विस्तार में भारतीय रेल ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। अब तक 8,570 किलोमीटर लंबा ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क बिछाया जा चुका है। यह नेटवर्क इस प्रणाली के लिए आधारभूत संरचना का काम करता है और ट्रेनों, स्टेशनों तथा नियंत्रण केंद्रों के बीच तेज़ी से डेटा संचार सुनिश्चित करता है।
इसके अलावा लगभग 1,100 दूरसंचार टावर स्थापित किए जा चुके हैं। ये टावर ट्रेन और नियंत्रण प्रणाली के बीच संचार को मजबूत बनाते हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन टावरों के माध्यम से ट्रेन संचालन से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाती है, जिससे किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
स्टेशनों और ट्रैक पर भी लग रहे उपकरण
रेल मंत्री ने बताया कि 767 रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन डेटा सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। ये सेंटर ट्रेनों की गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं को एकत्रित करते हैं और आवश्यकतानुसार उन्हें नियंत्रण प्रणाली तक पहुंचाते हैं। इसके अलावा 6,776 किलोमीटर रेलमार्ग पर ट्रैकसाइड उपकरण भी लगाए जा चुके हैं।
ये उपकरण ट्रैक की स्थिति, सिग्नल और ट्रेन की गति पर लगातार निगरानी रखते हैं। यदि किसी प्रकार की असामान्य स्थिति उत्पन्न होती है तो यह प्रणाली तुरंत सक्रिय होकर लोकोमोटिव के ऑनबोर्ड सिस्टम को चेतावनी देती है।
भारतीय रेल के लोकोमोटिव में स्थापित कवच ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का तकनीकी प्रदर्शन।
लोकोमोटिव में भी स्थापित की जा रही तकनीक
कवच प्रणाली केवल ट्रैक और स्टेशन तक सीमित नहीं है बल्कि इसे लोकोमोटिव में भी स्थापित किया जा रहा है। रेल मंत्री के अनुसार अब तक 4,154 किलोमीटर के दायरे में संचालित होने वाले लोकोमोटिवों में यह तकनीक स्थापित की जा चुकी है। इससे ट्रेन चालक को वास्तविक समय में सिग्नल और ट्रैक से संबंधित जानकारी मिलती रहती है।
यदि ट्रेन निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज़ हो जाती है या चालक सिग्नल का पालन करने में चूक करता है, तो कवच प्रणाली स्वतः ट्रेन को नियंत्रित कर सकती है। इससे संभावित टक्कर या अन्य दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।
विकास और परीक्षण की लंबी प्रक्रिया
रेल मंत्री ने बताया कि कवच प्रणाली का अंतिम डिज़ाइन जुलाई 2024 में स्वीकृत किया गया। इससे पहले इस तकनीक पर कई वर्षों तक अनुसंधान, विकास और परीक्षण किए गए। वर्ष 2016 में इसके विकास की प्रक्रिया शुरू हुई थी और 2019 में इसका पहला संस्करण लॉन्च किया गया।
शुरुआती चरण में इसे कुछ चुनिंदा रेलमार्गों पर परीक्षण के रूप में लागू किया गया। परीक्षण के दौरान प्राप्त अनुभवों के आधार पर तकनीक में कई सुधार किए गए। इसके बाद इसे बड़े पैमाने पर लागू करने का निर्णय लिया गया।
रेल सुरक्षा के लिए बड़ा कदम
रेल मंत्री ने कहा कि यदि इस प्रकार की उन्नत तकनीक कई दशक पहले लागू हो जाती तो रेल दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता था। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेल ने सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
कवच प्रणाली को उसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है। रेलवे का मानना है कि इस तकनीक के व्यापक उपयोग से ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित होगा और यात्रियों का विश्वास भी बढ़ेगा।
Chief Editor, Taj News
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