क्रिकेट डेस्क, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Monday, 19 Jan 2026 00:06 AM IST
इंदौर/नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट इतिहास में 18 जनवरी 2026 की तारीख एक ‘काले अध्याय’ के रूप में दर्ज हो गई है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए निर्णायक मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से धूल चटाकर 3 मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यह पिछले 52 वर्षों के इतिहास में पहला मौका है जब कीवी टीम ने भारतीय सरजमीं पर कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती है। 1975 से शुरू हुए दोनों देशों के क्रिकेट सफर में जो काम रिचर्ड हैडली या स्टीफन फ्लेमिंग जैसे दिग्गज नहीं कर सके, वह आज की कीवी टीम ने कर दिखाया है।

जख्मों पर छिड़का नमक: इंदौर में टूटा फैंस का दिल
नवंबर 2024 में जब न्यूजीलैंड ने भारत का टेस्ट सीरीज में 3-0 से सफाया किया था, तब प्रशंसकों को लगा था कि वह एक बुरा सपना था। लेकिन रविवार को इंदौर में मिली हार ने उन जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। न्यूजीलैंड की टीम अपने दो सबसे बड़े मैच विनर—केन विलियमसन और मिचेल सेंटनर—के बिना मैदान पर उतरी थी। इसके बावजूद भारतीय टीम न तो उनके रनों पर अंकुश लगा सकी और न ही लक्ष्य का पीछा करते हुए टिक सकी। यह हार केवल 41 रनों की नहीं है, बल्कि उस भरोसे की हार है जो करोड़ों फैंस अपनी टीम पर करते हैं।
कोच गौतम गंभीर: पावरफुल कुर्सी, पर परिणाम शून्य?
जब गंभीर कोच बने थे, तब तर्क दिया गया था कि वे नए हैं। अब उन्हें पद पर आए डेढ़ साल का समय बीत चुका है। बीसीसीआई ने गंभीर को भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे पावरफुल कोच बनाया—मनपसंद सपोर्ट स्टाफ दिया, चयन में दखल की छूट दी और सीनियर खिलाड़ियों के लिए कड़े नियम बनाए। हालांकि गंभीर के मार्गदर्शन में भारत ने पिछले साल दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी जीती, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने जीत का श्रेय रवि शास्त्री द्वारा तैयार किए गए ‘वर्क कल्चर’ को दिया था। अब सवाल यह है कि गंभीर के खुद के ‘गंभीर’ फैसलों का असर टीम की जीत में कब दिखेगा?
पसंदीदा खिलाड़ी और स्पेशल प्रोटोकॉल, फिर भी कमी कहाँ?
टीम में स्टार खिलाड़ियों की फौज है, घरेलू क्रिकेट खेलने का अनिवार्य नियम है, फिर भी टीम इंडिया अपने ही घर की पिचों को नहीं पढ़ पा रही है। कीवी गेंदबाजों ने जिस तरह से भारतीय बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया, उसने तकनीकी खामियों को उजागर कर दिया है। क्या खिलाड़ियों का ध्यान केवल आईपीएल और विज्ञापन पर है? या टीम प्रबंधन भविष्य की योजना बनाने में विफल रहा है?
2027 विश्व कप की डगर अब और भी कठिन
जैसे-जैसे 2027 विश्व कप करीब आ रहा है, भारतीय टीम के प्रदर्शन में स्थिरता की कमी चिंता का विषय है। यदि हम अपने घर में न्यूजीलैंड की ‘बी’ टीम (सितारों के बिना) से हार रहे हैं, तो विदेशी दौरों और आईसीसी इवेंट्स में क्या उम्मीद की जा सकती है? बीसीसीआई और कोच गंभीर को अब उन तीखे सवालों के जवाब ढूंढने होंगे, जो इस शर्मनाक हार के बाद देश का हर क्रिकेट प्रेमी पूछ रहा है।
IND vs NZ: ‘हिटमैन’ का धमाका, रोहित शर्मा ने तोड़ा क्रिस गेल का महा-रिकॉर्ड; बने दुनिया के नंबर-1 ‘सिक्सर किंग’
#IndvsNZ #TeamIndia #CricketNews #Gautam Gambhir #IndoreODI #ShamefulLoss #TajNews #CricketAnalysis #BCCI
📧 pawansingh@tajnews.in
📱 अपनी खबर सीधे WhatsApp पर भेजें: 7579990777
👉 TajNews WhatsApp Channel
👉 Join WhatsApp Group
🌐 tajnews.in






[…] […]