क्राइम/सिटी डेस्क, Taj News | Updated: Tuesday, 20 Jan 2026 11:30 PM IST
ग्रेटर नोएडा: इंसानियत और फर्ज की मिसाल पेश करने वाले एक डिलीवरी बॉय को सिस्टम की लापरवाही उजागर करना भारी पड़ गया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में जहां इंजीनियर युवराज मेहता की जान चली गई, वहीं उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले ‘रियल हीरो’ मुनेंद्र सिंह (Munendra Singh) अब पुलिस और प्रशासन के निशाने पर हैं। मुनेंद्र का आरोप है कि प्रशासन के पास नाव, रस्सी और जैकेट होने के बावजूद कोई बचाव कर्मी पानी में नहीं उतरा। जब मुनेंद्र ने यह सच मीडिया को बताया, तो पुलिस ने उनके परिवार को धमकाना शुरू कर दिया है।

40 मिनट तक मौत से जंग: मुनेंद्र की दिलेरी
फ्लिपकार्ट कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करने वाले समस्तीपुर (बिहार) निवासी मुनेंद्र सिंह इस घटना के मुख्य प्रत्यक्षदर्शी हैं। उन्होंने बताया कि रात करीब 1:45 बजे जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो वहां पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ की टीमें मौजूद थीं। हैरानी की बात यह थी कि बचाव कर्मियों के पास सेफ्टी जैकेट, रस्सा और नाव सब कुछ उपलब्ध था, लेकिन कड़ाके की ठंड और गहरे पानी के डर से कोई भी नीचे उतरने को तैयार नहीं था।
मुनेंद्र ने पुलिस अधिकारियों से कहा, “मेरे गांव के पास से यमुना बहती है, मुझे बचपन से तैरना आता है। मुझे कोशिश करने दीजिए।” अनुमति मिलते ही मुनेंद्र ने अपनी जान की परवाह किए बिना बर्फीले पानी में छलांग लगा दी। लगभग 40 मिनट तक उन्होंने 50 फीट गहरे पानी में युवराज मेहता को तलाशने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मुनेंद्र का कहना है, “अगर बचाव दल समय रहते अंदर चला जाता, तो शायद युवराज को बचाया जा सकता था।”
पुलिस की धमकी: ‘लड़के को गायब कर दो’
सिस्टम की इस नाकामी को उजागर करना मुनेंद्र को महंगा पड़ रहा है। मुनेंद्र ने मीडिया के सामने रोते हुए बताया कि पुलिस वाले उनके परिवार पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरे स्वजन से पुलिस ने कहा है कि अपने लड़के को कुछ दिन के लिए गायब कर दो। केस समाप्त होने के बाद ही वापस आना।” मुनेंद्र को डर है कि बिल्डर लॉबी और प्रशासन की मिलीभगत उनके परिवार को नुकसान पहुँचा सकती है।
‘150 लोग थे, सब वीडियो बना रहे थे’
मुनेंद्र ने कड़वी सच्चाई बताते हुए कहा कि जब वे पहुंचे, तो वहां करीब 150 लोग मौजूद थे, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। सब अपने मोबाइल से फोटो खींचने और वीडियो बनाने में व्यस्त थे। मुनेंद्र ने बताया कि इसी जगह पर 15 दिन पहले एक ट्रक ड्राइवर भी गिरा था, जिसे उन्होंने ही बचाया था। इसलिए उन्हें बेसमेंट की गहराई का अंदाजा था।
हीरो का जज्बा: ‘युवराज की आत्मा देख रही है’
तमाम धमकियों के बावजूद मुनेंद्र ने सच का साथ न छोड़ने की कसम खाई है। उन्होंने भावुक होकर कहा, “भविष्य में इसका खामियाजा मेरे परिवार को भुगतना पड़ सकता है, लेकिन यदि मैंने सच्चाई का साथ न दिया तो युवराज की आत्मा ऊपर से देख रही होगी और वह मुझे कभी माफ नहीं करेगी।”
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