Sun, 12 Oct 2025 10:20 PM IST, आगरा, भारत।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित UPPCS (यूपीपीसीएस) और फॉरेस्ट ऑफिसर (FO) की प्रारंभिक परीक्षा 2025 में गाजियाबाद जिले में अभ्यर्थियों की भारी अनुपस्थिति ने सभी को हैरान कर दिया है। गाजियाबाद में कुल 19,200 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन केवल 6,896 अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। इसका मतलब है कि लगभग 64% उम्मीदवारों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का न पहुंचना आयोग के सामने नए सवाल खड़े करता है, साथ ही यह उम्मीदवारों के उत्साह और परीक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल उठाता है।

21 केंद्रों पर पसरा सन्नाटा: 12,304 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) व फॉरेस्ट ऑफिसर (FO) की प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए गाजियाबाद जिले में कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और निगरानी टीमों के पुख्ता इंतजाम किए थे। इसके बावजूद, परीक्षा केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में कुल 19,200 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन उपस्थित होने वालों की संख्या मात्र 6,896 रही। इस तरह दोनों पालियों को मिलाकर कुल 12,304 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी, जो अनुपस्थिति का एक बहुत बड़ा आंकड़ा है।
पहली और दूसरी पाली: दोनों में अनुपस्थिति 64% के पार
परीक्षा की दोनों पालियों में लगभग एक जैसी और चौंकाने वाली अनुपस्थिति दर्ज की गई:
| पाली | कुल अभ्यर्थी | उपस्थित अभ्यर्थी | अनुपस्थित अभ्यर्थी | अनुपस्थिति प्रतिशत (लगभग) |
| पहली पाली | 9,600 | 3,446 | 6,134 | 64% |
| दूसरी पाली | 9,600 | 3,430 | 6,170 | 64.2% |
| कुल योग | 19,200 | 6,896 | 12,304 | ~64% |
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पहली पाली में 9,600 में से मात्र 3,446 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। दूसरी पाली में भी स्थिति पहली जैसी ही रही, जहाँ 9,600 में से केवल 3,430 अभ्यर्थी ही पहुंचे। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि हर तीन में से लगभग दो उम्मीदवारों ने परीक्षा छोड़ दी।
भारी अनुपस्थिति के पीछे संभावित कारण
परीक्षा में अभ्यर्थियों की इतनी बड़ी अनुपस्थिति के पीछे कई संभावित कारण माने जा रहे हैं, जिन पर परीक्षा विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं:
- परीक्षा केंद्र की दूरी: कुछ उम्मीदवारों ने केंद्र दूर होने की वजह बताई। बड़े शहरों में परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण अंतिम समय में यात्रा करना कई बार मुश्किल होता है।
- मुख्य परीक्षा पर फोकस: कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि वे मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं और प्रारंभिक परीक्षा को केवल एक अभ्यास के तौर पर नहीं देना चाहते थे।
- कठिनाई का स्तर: कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा की कठिनाई और प्रतिस्पर्धा के उच्च स्तर को देखते हुए भी कई उम्मीदवारों ने तैयारी पूरी न होने पर परीक्षा से दूरी बनाए रखी।
- अंतिम समय में उत्साह की कमी: विशेषज्ञों का कहना है कि आवेदन तो बड़ी संख्या में होते हैं, लेकिन वास्तविक परीक्षा में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों का आंकड़ा लगातार घटता जा रहा है, जो उम्मीदवारों के उत्साह और तैयारी की गंभीरता पर सवाल उठाता है।
गाजियाबाद में दर्ज की गई यह भारी अनुपस्थिति, परीक्षा की व्यवस्था और उम्मीदवारों के रुझान दोनों के लिए एक नया सवाल खड़ा करती है।
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संपादन: ठाकुर पवन सिंह | pawansingh@tajnews.in
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