
Friday, 02 January 2026, 8:00:00 PM. Farrukhabad, Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है, जहां अमृतपुर और राजेपुर क्षेत्र के सात गांवों को अब ‘यूपी का जामताड़ा’ कहा जाने लगा है। जस्ट डायल ऐप के जरिए फर्जी ट्रांसपोर्ट दस्तावेज बनाकर लाखों रुपये की ठगी की जा रही है। इस गिरोह पर राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा की पुलिस छापेमारी कर चुकी है।

खबर की मुख्य बातें
- फर्रुखाबाद के अमृतपुर व राजेपुर क्षेत्र के सात गांव बने साइबर ठगी का केंद्र
- जस्ट डायल ऐप से फर्जी ट्रांसपोर्ट दस्तावेज बनाकर लाखों की धोखाधड़ी
- चार राज्यों की पुलिस छापेमारी कर चुकी, आठ आरोपी जेल भेजे गए
कैसे बना फर्रुखाबाद ‘यूपी का जामताड़ा’
झारखंड का जामताड़ा लंबे समय से साइबर अपराध के लिए कुख्यात रहा है, लेकिन अब वही पहचान फर्रुखाबाद के अमृतपुर और राजेपुर क्षेत्र के सात गांवों को मिलने लगी है। अमृतपुर का नगला हूसा और राजेपुर क्षेत्र के कमालुद्दीनपुर, राजेपुर राठौरी, हरिहरपुर, सतरा, दहेलिया और वीरपुर गांव साइबर ठगी के गढ़ बन चुके हैं।
इन गांवों में कई युवक संगठित रूप से साइबर फ्रॉड के नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। इस रैकेट में महिलाएं और युवतियां भी शामिल बताई जा रही हैं। गांवों में ऐसे युवक देखे गए हैं जिनके पक्के मकान तक नहीं हैं, लेकिन उनके पास लग्जरी कारें, महंगे मोबाइल फोन और नकद भुगतान से खरीदी गई बाइकें मौजूद हैं।
जस्ट डायल ऐप से ऐसे करते हैं ठगी
गिरोह के सदस्य घर बैठे जस्ट डायल ऐप के माध्यम से ट्रांसपोर्ट कंपनियों के नाम से फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करते हैं। इन दस्तावेजों को व्हाट्सएप के जरिए व्यापारियों और ग्राहकों को भेजा जाता है और फिर ट्रेडिंग या माल ढुलाई के नाम पर अंतरजनपदीय स्तर पर ठगी की जाती है। यह साइबर फ्रॉड काफी समय से चल रहा था।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं मुकदमे
विगत वर्ष साइबर थाना पुलिस ने नगला हूसा गांव के आशीष कुमार यादव, गोविंद कश्यप, आकाश यादव, प्रदीप शर्मा, मोहित यादव, पवनीश यादव और सचिन सिंह के खिलाफ साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज किया था।
5 अप्रैल 2024 को राजेपुर के अंबरपुर निवासी जयनेंद्र सिंह, अमृतपुर के मिया पट्टी निवासी संजीव कुमार उर्फ सनी और फतेहगढ़ के नेकपुर चौरासी निवासी गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, फर्जी बिल-वाउचर, पैन कार्ड, विभिन्न क्यूआर कोड और नकदी बरामद हुई थी।
सात गांव पुलिस की रडार पर
30 दिसंबर 2025 को राजेपुर के भुड़िया भेड़ा निवासी विशाल त्रिवेदी उर्फ सुभनीत को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। साइबर थानाध्यक्ष राजेश कुमार के अनुसार, सातों गांवों के संदिग्ध लोग पुलिस की रडार पर हैं। अब तक आठ ठगों को जेल भेजा जा चुका है और पूरे रैकेट को ध्वस्त करने की कार्रवाई लगातार जारी है।
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