Thu, 27 Nov 2025 12:55 PM IST, दिल्ली–फरीदाबाद।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर नबी के सहयोगी शोएब को गिरफ्तार कर लिया है। शोएब फरीदाबाद के धौज गांव का रहने वाला है और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में वार्ड बॉय के रूप में काम करता था। जांच में सामने आया है कि उसने उमर नबी को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया, कमरा दिलवाया और आने-जाने में मदद की।
इस गिरफ्तारी के साथ दिल्ली ब्लास्ट केस में अब तक कुल 7 आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। NIA इस मॉड्यूल में शामिल डॉक्टरों को एक–एक करके सामने लाकर पूछताछ कर रही है, जिससे पूरे नेटवर्क के तार खुलते जा रहे हैं।

शोएब ने उमर को नूंह में किराए पर कमरा दिलाया
NIA की जांच में यह बात पक्की हुई है कि शोएब ने ही नूंह के फतेहपुर तगा क्षेत्र में अपनी साली अफसाना के घर में उमर को कमरा किराए पर दिलवाया था।
सूत्रों के अनुसार:
- उमर नबी ब्लास्ट से 10 दिन पहले इसी घर में रुका था
- वह 10 नवंबर की सुबह यहीं से दिल्ली के लिए निकला
- शोएब लगातार उससे संपर्क में था
NIA का मानना है कि शोएब ने न केवल ठिकाना दिलाया, बल्कि विस्फोटक सामग्री लाने–ले जाने में भी भूमिका निभाई।
NIA अब डॉ. आदिल और डॉ. शाहीन को यूनिवर्सिटी लेकर आएगी
ताजा जानकारी यह है कि आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. मुजम्मिल शकील की निशानदेही के बाद अब NIA डॉ. आदिल अहमद और डॉ. शाहीन सईद को अल-फलाह यूनिवर्सिटी लेकर आएगी।
जांच में पता चला है:
- आदिल और उमर नबी कई वर्षों से दोस्त थे
- आदिल कई बार यूनिवर्सिटी आया और उमर के हॉस्टल फ्लैट में ही रुका
- यहीं उसकी मुलाकात मुजम्मिल और शाहीन सईद से हुई
NIA यह पता लगा रही है कि आदिल के यूनिवर्सिटी में आने-जाने का पैटर्न क्या था और किस–किस से उसने मुलाकात की।
विस्फोटक जुटाने का आइडिया आदिल ने दिया था
जांच अधिकारियों के अनुसार, आदिल अहमद ने ही फतेहपुर तगा और धौज गांव को विस्फोटक इकट्ठा करने की जगह बताया।
कारण:
- यहां मुस्लिम आबादी ज्यादा
- बिना कागजी औपचारिकता के कमरे आसानी से किराए पर मिल जाते हैं
- संदिग्ध गतिविधियों पर कम संदेह होता है
जांच एजेंसी अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आदिल ने किन-किन जगहों पर जाकर मीटिंग की और किससे संपर्क में रहा।
आदिल की गिरफ्तारी से खुला बड़ा नेटवर्क
26 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर और यूपी पुलिस ने सहारनपुर से आदिल अहमद को पकड़ा था। उसके कश्मीर स्थित घर से AK–47 राइफल मिली थी।
पूछताछ में:
- आदिल टूट गया
- उसने बाकी डॉक्टरों के नाम बताए
- फतेहपुर तगा और धौज गांव में विस्फोटक होने की जानकारी दी
यही जानकारी आगे चलकर फरीदाबाद में कई ठिकानों का खुलासा करने में मददगार साबित हुई।
मुजम्मिल शकील की निशानदेही से मिला बड़ा सुराग
NIA ने 24 नवंबर की रात मुजम्मिल शकील को फरीदाबाद, सोहना और फतेहपुर तगा में ले जाकर 4 घंटे तक विभिन्न लोकेशन की जांच करवाई।
इस दौरान:
- उसने दो कृषि दुकानों—लक्ष्मी बीज भंडार और मदान बीज भंडार—की पहचान की
- बताया कि जनवरी–फरवरी 2023 में उसने इन्हीं से अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था
- टीम ने उसके मेडिकल केबिन, हॉस्टल कमरे और यूनिवर्सिटी में संपर्कों की जांच की
यह जांच बताती है कि विस्फोटक सामग्री जुटाने की प्रक्रिया कई महीनों से चल रही थी।
शाहीन सईद की भूमिका पर अब NIA का फोकस
NIA अब डॉ. शाहीन सईद को यूनिवर्सिटी लेकर जाकर उनकी निशानदेही कराएगी।
जांच एजेंसी मानती है कि शाहीन नेटवर्क की “ब्रेन ऑपरेटर” थी।
उनकी भूमिका:
- करिकुलम कमेटी में तीसरे नंबर पर
- नए लोगों को मॉड्यूल में शामिल करने की रणनीति तैयार करना
- ब्रेनवॉश और मोटिवेशन देना
- मीटिंग्स का संचालन और लोकेशन बदलना
NIA यह जानना चाहती है:
- शाहीन यूनिवर्सिटी में किन–किन स्थानों पर मिलती थी
- मीटिंग में कौन शामिल होता था
- उसकी नई ब्रेजा गाड़ी में हथियार कैसे लाए गए और कहां छिपाए गए
जांच इससे पूरे नेटवर्क की संरचना समझना चाहती है।
विदेशी हैंडलर के 42 वीडियो सबसे बड़ा खतरा
NIA को पता चला है कि मुजम्मिल शकील को एक विदेशी हैंडलर ने कुल 42 वीडियो भेजे थे।
इन वीडियो में:
- विस्फोटक बनाने की विधि
- कैमिकल संयोजन
- डिवाइस असेंबल करने के तरीके
- गुप्त संचार तकनीक
- सुरक्षा एजेंसियों से बचने के उपाय
यह मॉड्यूल सिर्फ स्थानीय नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय लिंक से जुड़ा हुआ था।
आदिल और उमर की दोस्ती कैसे बनी थी?
दोनों की मुलाकात अनंतनाग के एक सरकारी अस्पताल में हुई थी, जहां वे डॉक्टर के रूप में काम करते थे।
बाद में:
- आदिल ने सहारनपुर में जॉब शुरू की
- उमर नबी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बन गया
- लेकिन दोनों का संपर्क लगातार बना रहा
आतंकी नेटवर्क में उनकी भूमिका को NIA बेहद गंभीरता से ले रही है।
आदिल का परिवार भी प्रोफेशनल बैकग्राउंड वाला
जांच में पता चला है:
- आदिल के पिता सरकारी अधिकारी
- भाई भी डॉक्टर
- पत्नी रुकैया मनोचिकित्सक
- खुद ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से MBBS किया
- सहारनपुर के फेमस मेडिकेयर अस्पताल में हाई पैकेज पर कार्यरत था
यह तथ्य एजेंसी को यह समझने में मदद कर रहा है कि मॉड्यूल में शिक्षित और प्रोफेशनल लोग कैसे शामिल थे।
यूनिवर्सिटी नेटवर्क की तह तक जाएगी NIA
अब NIA यह पता लगा रही है कि:
- उमर और आदिल ने कितने छात्रों को प्रभावित किया
- आतंक से जुड़े कितने लोग यूनिवर्सिटी आते-जाते थे
- मीटिंग्स कितनी बार और कहां हुईं
- हथियार और विस्फोटक कैसे कैम्पस में लाए गए
अगले 48 घंटे इस जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं।
निष्कर्ष: दिल्ली ब्लास्ट नेटवर्क का बड़ा हिस्सा खुला, लेकिन जांच अभी बाकी
अब तक 7 आतंकी गिरफ्तार हो चुके हैं और NIA ने कई बड़े लिंक exposé किए हैं।
लेकिन एजेंसी का मानना है कि:
- नेटवर्क का मास्टरमाइंड अभी बाहर हो सकता है
- कुछ विदेशी लिंक अभी सामने नहीं आए
- यूनिवर्सिटी के कुछ लोग अभी भी संदिग्ध श्रेणी में हैं
आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
Also Read : 🇮🇳 चीन सीमा पर महिला योद्धा: 14 हजार फीट पर संभालेंगी 10 चौकियों की कमान
संपादन: ठाकुर पवन सिंह | ताज न्यूज – आईना सच का
ईमेल: pawansingh@tajnews.in
#DelhiBlast #NIA #TerrorModule #Faridabad #UmarNabi #AlFalahUniversity #IndiaNews #TajNews
दिल्ली: कमला पसंद पान मसाला ग्रुप के मालिक की बहू का सुसाइड, कमरे में फंदे से लटका मिला शव









