RBS college Protest

Thursday, 04 December 2025, 07:12:44 PM. Agra, Uttar Pradesh

बिचपुरी में बलवंत एजुकेशनल सोसाइटी की अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और कथित मनमानी के खिलाफ उठी आवाज अब एक व्यापक जन-आंदोलन में बदलती जा रही है। बृहस्पतिवार को धरने का सातवां दिन रहा और भीड़ पहले से कहीं अधिक उमड़ी—किसान, मजदूर, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और पूर्व प्रधान बड़ी संख्या में धरना स्थल पर एकत्र हुए। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक अमरीश पाल की तानाशाही समाप्त नहीं होती और जनहित से जुड़ी सभी मांगें पूरी नहीं की जातीं, धरना दिन-रात निरंतर जारी रहेगा।

किसान–मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह और ब्लॉक प्रधान संगठन के अध्यक्ष हाकिम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में यह आंदोलन न केवल तेज़ होता जा रहा है, बल्कि आसपास के कई क्षेत्रों में भी इसका असर महसूस किया जा रहा है।

RBS College Protest

सातवें दिन का धरना — भीड़ बढ़ी, दबाव हुआ तीखा

धरने के सातवें दिन माहौल शुरू से ही उग्र दिखा। दोपहर बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक से धरना स्थल पर पहुंचे। नेताओं ने आरोप लगाया कि सोसाइटी में चल रहा भ्रष्टाचार वर्षों से दबा हुआ था, लेकिन अब जनता हर कीमत पर न्याय लेकर रहेगी।

मुख्य वक्ताओं ने कहा कि:

सोसाइटी में नियुक्तियों से लेकर आर्थिक लेनदेन तक खुलेआम अनियमितताएँ हुईं

छात्रों और शिक्षकों के अधिकारों का हनन हुआ

पारदर्शिता शून्य और जवाबदेही बिल्कुल खत्म

ग्रामीणों की आवाज दबाने के लिए लगातार डराने-धमकाने की कोशिश

हाकिम सिंह सोलंकी ने मंच से कहा, “यह लड़ाई अब केवल बिचपुरी की नहीं रही, बल्कि यह न्याय और सम्मान की लड़ाई है। जब तक युवराज अमरीश पाल को हटाया नहीं जाता, आंदोलन नहीं रुकेगा।”


अमरीश पाल पर क्या हैं मुख्य आरोप?

धरने में कई बार यह बात सामने आई कि सोसाइटी में पद का दुरुपयोग करके निर्णय मनमाने ढंग से लिए जा रहे हैं। ग्रामीणों और पूर्व प्रधानों ने आरोप लगाया कि—

पद का राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल

कर्मचारियों और ग्रामीणों का उत्पीड़न

सोसाइटी के फंड में पारदर्शिता की कमी

समिति की बैठकों को दरकिनार करना

छात्रों से संबंधित फैसलों में मनमानी

धरने में शामिल इंद्रेश प्रताप सिंह ने कहा, “यह आंदोलन सिर्फ एक व्यक्ति के हटने का नहीं, बल्कि सोसाइटी में व्यवस्था बहाल करने का संघर्ष है।”


प्रशासन तक पहुँची आवाज, निगरानी बढ़ी

धरने के सात दिन लगातार जारी रहने के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। अधिकारियों ने कई बार आंदोलनकारियों से बातचीत की, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

सूत्रों के अनुसार जिलास्तरीय प्रशासन सोसाइटी के दस्तावेज़ों की जांच करने पर विचार कर रहा है।


धरने में बढ़ती भागीदारी — ग्रामीणों में गुस्सा

धरना स्थल पर माहौल काफी भावनात्मक रहा। कई ग्रामीणों ने मंच पर आकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उनका कहना है कि सोसाइटी से जुड़े फैसलों में आम लोगों को कभी भरोसे में नहीं लिया गया। क्षेत्र के विकास में सोसाइटी की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन कथित भ्रष्टाचार ने वर्षों का भरोसा तोड़ दिया है।

आज धरना स्थल पर मौजूद प्रमुख चेहरे:

पूर्व प्रधान कृष्णवीर सिंह अंगूठी

राकेश राजपूत मलपुरा

पूर्व प्रधान कृपाल सिंह लड़ामदा

प्रदीप राना, वेद प्रकाश, उम्मेद सिंह

सतपाल सोलंकी, शिशुपाल सोलंकी

करणवीर सिंह, बाबूलाल बाल्मीकि

बॉबी गोला, ममता सोलंकी

ग्रामीणों ने कहा कि यह आंदोलन लंबे समय से जमा हुआ आक्रोश है, जिसे अब शांत करना आसान नहीं होगा।


दिन-रात “संघर्ष रहेगा” — आंदोलन का अगला चरण तेज़

नेताओं ने घोषणा की कि आंदोलन अब और तेज किया जाएगा:

धरना दिन-रात जारी रहेगा

ब्लॉक और जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे

आगामी दिनों में बड़े प्रदर्शन की तैयारी

कानूनी कार्रवाई पर भी विचार

चौधरी दिलीप सिंह ने कहा,
“संघर्ष रहेगा—धरना दिन-रात जारी रहेगा। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, बिचपुरी की जनता नहीं झुकेगी।”

✍️ संपादन: ठाकुर पवन सिंह
📧 pawansingh@tajnews.in
📱 अपनी खबर सीधे WhatsApp पर भेजें: 7579990777
👉 TajNews WhatsApp Channel
🌐 tajnews.in

Also 📖: मंत्री ने किया श्मशान सौंदर्यीकरण का उद्घाटन, आरबीएस कॉलेज पर चल रहे धरने ने सौंपा ज्ञापन — समाधान तक दिन-रात धरना जारी

बिचपुरी कैंपस का आंदोलन भड़का: ग्रामीणों ने किया ‘बुद्धि–शुद्धि’ यज्ञ, आरबीएस कॉलेज प्रबंधन पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप


#BichpuriDharna #AgraNews #BalwantSociety #AmreeshPal #TajNews





By Thakur Pawan Singh

✍️ संपादन: ठाकुर पवन सिंह 📧 pawansingh@tajnews.in 📱 अपनी खबर सीधे WhatsApp पर भेजें: 7579990777 👉 Taj News WhatsApp Channel

One thought on “बिचपुरी में सातवें दिन भी उबाल — अमरीश पाल को हटाने तक जारी रहेगा आंदोलन”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *