Taj News Bureau | Edited by: Pawan Singh | tajnews.in | 16 March 2026, 09:30 AM IS
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुए जघन्य दोहरे हत्याकांड ने न केवल जिले को बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अब अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मुख्य आरोपी साजिद के भाई और इस पूरी साजिश के संदिग्ध अजय प्रताप के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है। राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने जांच के बाद पाया कि आरोपी ने शहर के बेशकीमती इलाके में सरकारी जमीन पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण कराया था। सोमवार सुबह प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इन अवैध दुकानों पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया है।
सरकारी नाले को दबाकर खड़ी की थी मार्केट: राजस्व पैमाइश में हुआ खुलासा
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, मासूम बच्चों की निर्मम हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अपराधियों के मददगारों और उनके अवैध व्यापारों को पूरी तरह नष्ट किया जाए। इसी क्रम में जिला अधिकारी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने जब आरोपी अजय प्रताप की संपत्तियों की पैमाइश की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सरकारी कागजात और नक्शों के मिलान से पता चला कि आरोपी ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम यानी मुख्य नाले के ऊपर ही स्लैब डालकर दुकानों का निर्माण कर लिया था। इसके अलावा, पीछे की कुछ सरकारी जमीन को भी दुकानों के दायरे में ले लिया गया था।
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प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि यह निर्माण ‘उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम’ और ‘अतिक्रमण निरोधक कानूनों’ का खुला उल्लंघन है। सोमवार को जब तहसीलदार और नगर पालिका के अधिकारी नोटिस चिपकाने पहुंचे, तो वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। तनाव की स्थिति को देखते हुए तीन थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया। प्रशासन ने घोषणा की है कि यदि आरोपी पक्ष स्वयं इन दुकानों को खाली कर निर्माण नहीं हटाता है, तो सरकारी खर्च पर बुलडोजर चलाकर इसे जमींदोज कर दिया जाएगा और इसका खर्च भी आरोपी से ही वसूला जाएगा।
परिजनों का विरोध और प्रशासनिक मुस्तैदी: इलाके में तनावपूर्ण शांति
नोटिस चस्पा करने की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं रही। जैसे ही अधिकारियों की गाड़ी मोहल्ले में दाखिल हुई, आरोपी अजय प्रताप के परिजनों और कुछ समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने सरकारी टीम के काम में बाधा डालने की कोशिश की और कुछ अराजक तत्वों ने नोटिस को फाड़ने का प्रयास भी किया। हालांकि, पुलिस कप्तान द्वारा पहले ही भारी बल की तैनाती की गई थी, जिसके चलते किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं हो सकी। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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