आगरा: होम्योपैथी दवा विक्रेताओं ने मनाई डॉ. हैनीमैन की जयंती, सरकार से की ऑनलाइन लाइसेंस और 0% टैक्स की मांग

Agra Desk, tajnews.in | Monday, April 13, 2026, 09:25:30 PM IST

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आगरा: चिकित्सा जगत में होम्योपैथी (Homoeopathy) का एक बहुत बड़ा और अहम स्थान है। दरअसल, यह पद्धति बिना किसी साइड इफेक्ट के गंभीर बीमारियों का जड़ से इलाज करती है। इसलिए, दुनिया भर में करोड़ों लोग इस पर अपना गहरा विश्वास जताते हैं। सोमवार को आगरा शहर में इसी पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन (Dr. Samuel Hahnemann) की जयंती बहुत ही धूमधाम से मनाई गई। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, होम्योपैथी केमिस्ट फेडरेशन ने इस शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया था। आगरा के समस्त होम्योपैथी दवा विक्रेताओं ने इस मौके पर पूरे हर्ष और उल्लास के साथ भाग लिया। यह भव्य आयोजन कारगिल पेट्रोल पंप के समीप स्थित ‘होटल जेल’ में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में चिकित्सा जगत की कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान दवा विक्रेताओं ने अपनी कई अहम समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से लाइसेंस प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की बहुत जोरदार मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने होम्योपैथिक दवाओं पर टैक्स को शून्य (Zero Percent) करने की भी सख्त अपील की है। निश्चित रूप से, यह मांग गरीब मरीजों के सीधे हित से जुड़ी हुई है।

HIGHLIGHTS
  1. आगरा में मनी डॉ. हैनीमैन की जयंती: होम्योपैथी केमिस्ट फेडरेशन ने कारगिल पेट्रोल पंप के पास होटल जेल में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया।
  2. अतिथियों ने अर्पित किए पुष्प: मुख्य अतिथि डॉ. सीमा गुप्ता और डॉ. पीके कुलश्रेष्ठ ने डॉ. हैनीमैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
  3. ऑनलाइन लाइसेंस की उठी मांग: केमिस्ट फेडरेशन ने सरकार से होम्योपैथिक ड्रग लाइसेंस की मैन्युअल प्रक्रिया को तुरंत ऑनलाइन करने की अपील की।
  4. दवाओं पर 0% टैक्स का प्रस्ताव: चूँकि यह गरीबों की चिकित्सा पद्धति है, इसलिए दवाओं को कर मुक्त करने की जोरदार वकालत की गई।

डॉ. सैमुअल हैनीमैन को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत एक बेहद पवित्र और सम्मानजनक तरीके से हुई। दरअसल, आयोजकों ने सबसे पहले होम्योपैथी के महान जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन को याद किया। इस भव्य बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सीमा गुप्ता उपस्थित थीं। इसके अलावा, डिस्ट्रिक्ट होम्योपैथिक ऑफिसर (DHO) डॉ. पीके कुलश्रेष्ठ ने भी इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इन दोनों मुख्य अतिथियों ने सबसे पहले डॉ. हैनीमैन की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण किया। उन्होंने महान चिकित्सक के अद्भुत योगदान को विस्तार से याद किया।

इसके तुरंत बाद, शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केदार नाथ जैन ने मंच संभाला। उनके साथ डॉ. राम कुमार अग्रवाल ने भी डॉ. हैनीमैन की प्रतिमा पर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। गौरतलब है कि, डॉ. हैनीमैन ने ही दुनिया को यह सुरक्षित और सस्ती चिकित्सा पद्धति दी थी। इसलिए, आज पूरा विश्व उनके इस महान और अनमोल योगदान का ऋणी है। आगरा के सभी दवा विक्रेताओं ने उनके बताए हुए सेवा भाव के मार्ग पर चलने का एक कड़ा संकल्प लिया। वहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर इस पद्धति के प्रति एक गहरा गर्व साफ दिखाई दे रहा था।

मैन्युअल लाइसेंस प्रक्रिया से केमिस्टों को भारी परेशानी

श्रद्धांजलि सभा के बाद इस बैठक ने एक बहुत ही गंभीर और वैचारिक रूप ले लिया। फेडरेशन के सदस्यों ने व्यापारिक चुनौतियों पर बहुत विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान डॉ. आशीष ब्रह्मभट्ट ने प्रशासन और राज्य सरकार के सामने एक बेहद अहम अपील रखी। उन्होंने होम्योपैथिक ड्रग लाइसेंस जारी करने की मौजूदा व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े किए। दरअसल, आज के इस आधुनिक और डिजिटल युग में भी ये लाइसेंस मैन्युअल (Manually) तरीके से ही जारी होते हैं।

चूंकि, लाइसेंस की यह प्रक्रिया पूरी तरह से कागजी है, इसलिए इसमें बहुत ज्यादा समय बर्बाद होता है। इसके परिणामस्वरूप, नए दवा विक्रेताओं और पुराने दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। डॉ. आशीष ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार को तुरंत इस प्रक्रिया को ऑनलाइन (Online) कर देना चाहिए। ऑनलाइन सिस्टम से पूरी कार्यप्रणाली में एक बहुत बड़ी और आवश्यक पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा, बाबूशाही और भ्रष्टाचार पर भी पूरी तरह से कड़ा अंकुश लग सकेगा। सभी उपस्थित सदस्यों ने मेज थपथपाकर इस बेहद उचित और जायज मांग का भारी समर्थन किया।

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गरीबों की पैथी, इसलिए 0% टैक्स की उठी जोरदार मांग

बैठक का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा मुद्दा दवाओं पर लगने वाले टैक्स (Tax) से जुड़ा हुआ था। वक्ताओं ने सरकार का ध्यान इस एक बहुत ही व्यावहारिक और जमीनी हकीकत की ओर खींचा। दरअसल, देश में होम्योपैथी को हमेशा से ही ‘गरीबों की पैथी’ (Medicine of the Poor) माना जाता है। चूंकि, इसकी दवाएं एलोपैथी के मुकाबले काफी सस्ती होती हैं, इसलिए आम आदमी आसानी से अपना इलाज करवा सकता है। यही कारण है कि ग्रामीण और गरीब तबके के लोग इस पद्धति पर सबसे ज्यादा निर्भर रहते हैं।

इस बैठक में सरकार से एक बहुत ही नेक और तार्किक अपील की गई। वक्ताओं ने मांग की कि होम्योपैथिक दवाओं और इस पूरी पैथी को जीरो परसेंट (0%) टैक्स के दायरे में लाया जाना चाहिए। अगर सरकार इन दवाओं से टैक्स हटा देती है, तो इसका सीधा और बहुत बड़ा फायदा गरीब मरीजों को मिलेगा। दवाएं और भी ज्यादा सस्ती हो जाएंगी। इस जायज मांग को सुनकर मंच पर बैठे दोनों मुख्य अतिथियों ने अपना सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने सभी दवा विक्रेताओं को पूरी तरह से आश्वस्त किया कि वे इस गंभीर मुद्दे पर शीघ्र ही अपने उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।

एकजुटता का संदेश: फेडरेशन के पदाधिकारियों ने लिया संकल्प

यह कार्यक्रम न केवल डॉ. हैनीमैन की जयंती का जश्न था, बल्कि यह स्थानीय दवा विक्रेताओं की एकजुटता का भी एक बहुत बड़ा प्रतीक बना। इस बैठक में फेडरेशन के कई वरिष्ठ और सक्रिय पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर अपना हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता फेडरेशन के सम्मानित अध्यक्ष डॉ. विवेक जैन ने की। इसके अलावा, महामंत्री गर्ग, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश और उपाध्यक्ष भीकम सिंह ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में संगठन की मजबूती पर भारी जोर दिया।

इनके अलावा, इस भव्य आयोजन में डॉ. भारत भूषण, गोपाल, आशीष अग्रवाल और गौतम वर्मा जैसे कई अन्य प्रमुख केमिस्ट भी उपस्थित रहे। इन सभी लोगों ने होम्योपैथी के प्रचार-प्रसार और मरीजों की भलाई के लिए लगातार काम करने का एक पक्का संकल्प लिया। अंततः, यह पूरा कार्यक्रम एक बहुत ही सकारात्मक और ऊर्जावान माहौल में संपन्न हुआ। दवा विक्रेताओं को अब इस बात की पूरी उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही उनकी ऑनलाइन लाइसेंस वाली जायज मांग को पूरा करेगा। निश्चित रूप से, यह आगरा के होम्योपैथी जगत के लिए एक बहुत ही सफल और यादगार दिन साबित हुआ है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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