क्राइम डेस्क, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Thursday, 29 Jan 2026 12:45 PM IST
आगरा (Agra): ताजनगरी में पुलिस ने एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए Agra Fake Liquor Factory (नकली शराब की फैक्टरी) का भंडाफोड़ किया है। कागारौल थाना क्षेत्र के अकोला गांव में आरओ (RO) प्लांट की आड़ में मौत का सामान तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बड़े पैमाने पर नकली शराब बनाकर बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सप्लाई करने की फिराक में थे। इस Agra Fake Liquor Factory से भारी मात्रा में बनी हुई नकली शराब, स्प्रिट और ब्रांडेड कंपनियों के रैपर बरामद किए गए हैं।

Agra Fake Liquor Factory: कार से सप्लाई के दौरान पकड़े गए तस्कर
इस Agra Fake Liquor Factory का खुलासा तब हुआ जब एडीसीपी सिटी आदित्य कुमार (ADCP City Aditya Kumar) को मुखबिर से सटीक सूचना मिली। सूचना थी कि कुछ तस्कर नकली शराब की बड़ी खेप लेकर निकलने वाले हैं। पुलिस ने जाल बिछाया और अकोला के लालऊ पुल के पास एक बिना नंबर की काले रंग की कार को रोका। तलाशी लेने पर पुलिस की आंखें फटी रह गईं। कार के अंदर से ‘इंपीरियल ब्लू’ (Imperial Blue) ब्रांड की नकली शराब के 3552 क्वार्टर (74 पेटियां) बरामद हुईं। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों- नरेश (निवासी मंगुर्रा, अछनेरा), उम्मेद सिंह (नरेश का भाई) और प्रशांत (निवासी नगलापदी, न्यू आगरा) को गिरफ्तार कर लिया।
Agra Fake Liquor Factory: सबूत मिटाने के लिए स्प्रिट में लगाई आग
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अकोला गांव में सत्यप्रकाश के घर पर छापा मारा, जहां यह Agra Fake Liquor Factory संचालित हो रही थी। पुलिस को अपनी ओर आता देख आरोपी सत्यप्रकाश ने खुद को बचाने के लिए एक खतरनाक कदम उठाया। उसने वहां रखे स्प्रिट के ड्रमों में आग लगा दी ताकि सबूत नष्ट हो जाएं। हालांकि, पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया और सत्यप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 50 लीटर स्प्रिट, 89 खाली बोतलें, ढक्कन और पैकिंग का सामान बरामद किया गया। यह Agra Fake Liquor Factory इतनी शातिर तरीके से चलाई जा रही थी कि बाहर से देखने पर यह एक साधारण आरओ वॉटर प्लांट लगता था, ताकि किसी को शक न हो।
Agra Fake Liquor Factory: ऐसे तैयार होती थी ‘मौत की कॉकटेल’
पूछताछ में मुख्य आरोपी नरेश ने Agra Fake Liquor Factory के काले राज उगले। उसने बताया कि वह पहले भी राजस्थान में नकली शराब बनाने के आरोप में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने हरियाणा के पलवल निवासी धर्मवीर से संपर्क किया। धर्मवीर ने उन्हें ब्रांडेड शराब की खाली बोतलें, ढक्कन, सील और लेबल उपलब्ध कराए। बनाने का तरीका: नरेश ने बताया कि वे 1 लीटर स्प्रिट में 1 बोतल (750 मिली) असली शराब मिलाते थे। इसके बाद उसमें पानी और केमिकल वाला रंग मिलाकर मात्रा बढ़ा देते थे। इस जहरीले मिश्रण को ब्रांडेड बोतलों में भरकर नई सील लगा दी जाती थी। यह मिलावटी शराब इतनी खतरनाक थी कि इसे पीने से लीवर डैमेज, कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती थीं।
बिहार और एमपी के ‘ड्राई स्टेट’ मार्केट पर थी नजर
इस Agra Fake Liquor Factory का मकसद सिर्फ आगरा में शराब बेचना नहीं था। आरोपियों ने बताया कि सत्यप्रकाश ने अपने बेटे सौरभ को बिहार (जहां शराबबंदी है) और दूसरे बेटे शिवशंकर को मध्य प्रदेश भेजा था ताकि वहां बड़े ग्राहक मिल सकें। उन्होंने बताया कि आरओ प्लांट उन्होंने सिर्फ दिखावे के लिए लगवाया था ताकि गांव वालों को लगे कि यहां पानी का कारोबार होता है। पिछले 7 दिनों से वे यहां शराब बना रहे थे और आसपास के गांवों में छोटे स्तर पर सप्लाई कर रहे थे।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
सर्विलांस, एसओजी (SOG) और कागारौल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस Agra Fake Liquor Factory का भंडाफोड़ हुआ है। एडीसीपी सिटी आदित्य कुमार ने बताया कि फरार साथियों की तलाश की जा रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हरियाणा से जो रॉ मैटेरियल आ रहा था, उसके पीछे और कौन से बड़े माफिया जुड़े हैं।
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