Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 23 February 2026, 03:30 PM IST
Taj News City Desk
विशेष स्थानीय ग्राउंड रिपोर्ट
आगरा (Agra): शहर के खेरिया मोड़ चौराहे से लेकर नरपुरा के नगर निगम सीमा तक चलाया गया ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ एक बार फिर पूरी तरह से सवालों के घेरे में आ गया है। निगम की इस बड़ी कार्रवाई को हुए अभी कुछ घंटे ही बीते थे कि मौके पर दोबारा डग्गेमार वाहनों, ठेलों और अवैध कब्जों की वापसी हो गई है। स्मार्ट सिटी के नाम पर हुई इस रातों-रात लौटी पुरानी स्थिति से यह बात बिल्कुल साफ हो गई है कि नगर निगम की कार्रवाई ज़मीनी स्तर पर कितनी खोखली और अप्रभावी है।
- अभियान की खुली पोल: खेरिया मोड़ पर नगर निगम की कार्रवाई के कुछ घंटों के भीतर ही अतिक्रमण की वापसी।
- डग्गेमार वाहनों का कब्जा: सड़क पर फिर से खड़े हुए डग्गेमार वाहन और अवैध ठेले, राहगीरों को हो रही भारी परेशानी।
- पुलिस चौकी के पास अतिक्रमण: महज 50 कदम दूर सरायका पुलिस चौकी होने के बावजूद बेखौफ चल रही अवैध पार्किंग।
- स्थानीय लोगों की मांग: सिर्फ दिखावे की कार्रवाई न हो, ठेले वालों के लिए वेंडिंग जोन और डग्गेमारों पर हो सख्त एक्शन।
(Video Report by: Javed Khan & Usman Ali | Taj News)
दिखावे की कार्रवाई, कुछ ही घंटों में लौटी पुरानी स्थिति
जानकारी के अनुसार, नगर निगम की टीम ने खेरिया मोड़ पर सड़क किनारे लगे ठेले, अवैध स्टैंड और बेतरतीब खड़े डग्गेमार वाहनों को हटाने के लिए टास्क फोर्स के साथ एक बड़ा अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान कुछ घंटों के लिए यातायात व्यवस्था सुधरी और सड़क चौड़ी भी नजर आई। लेकिन जैसे ही निगम की टीम वहां से हटी, हालात फिर पहले जैसे हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार ऐसी दिखावटी कार्रवाई हुई है। डग्गेमार वाहन फिर से सड़कों पर सवारियां भरने लगते हैं, जिससे भयंकर जाम की समस्या और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
व्यापारियों और नागरिकों ने उठाए प्रशासन पर सवाल
ताज न्यूज़ संवाददाता जावेद खान की ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय लोगों का दर्द साफ झलका। अजीत नगर बाजार कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि जब प्रशासन अभियान चलाता है, तो व्यापारी पूरा सहयोग करते हैं, लेबर लगाकर सफाई कराते हैं। लेकिन प्रशासन की कार्रवाई में निरंतरता नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कहीं न कहीं सेटिंग का खेल है, जिसके चलते दोबारा अतिक्रमण हो जाता है। वहीं, स्थानीय निवासी संजू कुमार चौहान ने सवाल उठाया कि जब महज 50 कदम की दूरी पर खेरिया मोड़ सरायका पुलिस चौकी है, तो क्या यह अतिक्रमण पुलिस की अनदेखी या संलिप्तता में हो रहा है?
सितंबर में इसी मार्ग से जुड़े सिविल एनक्लेव (डोमेस्टिक एयरपोर्ट) का उद्घाटन होना है, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर के टर्मिनल वाले इस मार्ग का यही हाल रहा, तो स्मार्ट सिटी का सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा।
स्थायी समाधान की मांग, गरीबों के रोजगार का भी उठे मुद्दा
क्षेत्रीय निवासी मुबीना ने एक अहम पहलू की ओर ध्यान खींचते हुए कहा कि जो लोग ठेलों पर अपना सामान बेचते हैं, वे गरीब हैं और अपनी रोजी-रोटी कमाने आते हैं। अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ सरकार और नगर निगम को इनकी व्यवस्था भी करनी चाहिए। इन्हें सड़क से हटाकर ऐसी जगह दी जाए जहां ये अपना रोजगार कर सकें।
कुल मिलाकर, खेरिया मोड़ पर एक दिन में ही फेल होता दिखा नगर निगम का यह अतिक्रमण अभियान यह बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या सिर्फ अस्थायी खानापूर्ति से आगरा शहर की यातायात और अतिक्रमण की समस्या सुलझ पाएगी, या फिर इसके लिए एक स्पष्ट और सख्त रणनीति की जरूरत है।
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
Reported by: Javed Khan
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