
City Desk, Taj News | ठाकुर पवन सिंह | Friday, 6 February 2026, 09:00 AM IST
स्मार्ट सिटी आगरा की सड़कें इन दिनों यातायात अव्यवस्था के गंभीर संकट से जूझ रही हैं। एमजी रोड पर चल रहे मेट्रो कार्यों के चलते लगाए गए डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों पर व्याप्त अतिक्रमण ने शहरवासियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। बृहस्पतिवार को अवंतीबाई चौराहे से प्रतापपुरा के बीच बैरिकेडिंग लगने के बाद चार पहिया वाहनों और सिटी बसों की आवाजाही बाधित हो गई, जिससे नामनेर और प्रधान डाकघर मार्ग पर भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं, फतेहाबाद रोड पर नमामि गंगे परियोजना का सुस्त काम और रावली में मेट्रो पिलर की खुदाई ने समस्या को और विकराल बना दिया है।

एमजी रोड बंद, वैकल्पिक मार्ग भी जाम: दो मिनट का सफर बना 20 मिनट का सफर
शहर की धमनी कही जाने वाली एमजी रोड पर मेट्रो कार्यों के चलते बुधवार रात से ही बैरिकेडिंग का काम शुरू हो गया था। इसके परिणामस्वरूप, अवंतीबाई चौराहा-प्रतापपुरा खंड पर केवल दोपहिया वाहन ही निकल पा रहे हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा चार पहिया वाहनों के लिए साईं का तकिया से कैंट चौराहे होते हुए नामनेर का मार्ग और प्रतापपुरा से सदर जाने के लिए प्रधान डाकघर होते हुए माल रोड का मार्ग निर्धारित किया गया है। हालांकि, इन वैकल्पिक मार्गों पर दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण रास्ते संकरे पड़ गए हैं, जिससे वाहनों को रेंग-रेंग कर चलना पड़ रहा है। नतीजतन, दो मिनट के सफर में 15 से 20 मिनट तक का समय लग रहा है।

फतेहाबाद रोड पर नमामि गंगे की सुस्त चाल: डेढ़ महीने से खोदी पड़ी सड़क
शहर के एक अन्य प्रमुख मार्ग फतेहाबाद रोड पर भी हालात बेहतर नहीं हैं। नमामि गंगे परियोजना के तहत सीवर लाइन डालने के नाम पर डेढ़ महीने पहले खोदी गई सड़क आज भी वैसी की वैसी पड़ी है। मुगल की पुलिया से शहीद शुभम गुप्ता मेट्रो स्टेशन तक के इस खंड में काम की सुस्त गति ने यातायात को प्रभावित किया है। शाम के समय होटलों और मैरिज होम में शादी समारोहों के कारण वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे रात 8 से 12 बजे तक लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका असर इनर रिंग रोड तक देखने को मिल रहा है।

रावली और नालबंद क्षेत्र में भी मेट्रो कार्यों ने बढ़ाई मुश्किलें
यातायात संकट सिर्फ एमजी रोड और फतेहाबाद रोड तक सीमित नहीं है। रावली क्षेत्र में मेट्रो के पिलर की खुदाई शुरू होने के साथ ही एक तरफ बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इससे साईं का तकिया और छीपीटोला से आने-जाने वाले वाहनों के लिए रास्ता संकरा हो गया है, खासकर पीक आवर्स में यहाँ भी वाहन फंसने लगते हैं। इसी तरह, नालबंद से आगरा कॉलेज की ओर का रास्ता भी काम के चलते सिमट गया है, जहाँ लगातार वाहनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। इन हालातों से निपटने के लिए यातायात पुलिस के साथ-साथ स्थानीय थाना पुलिस को भी तैनात करना पड़ रहा है।

नागरिकों की पीड़ा: स्मार्ट सिटी का सपना, अतिक्रमण की हकीकत
पुलिस प्रशासन द्वारा पहले से ही लोगों से वैकल्पिक मार्गों के इस्तेमाल की अपील की गई थी। मगर बोदला, शाहगंज, लोहामंडी और तोता का ताल जैसे इलाकों में दुकानदारों के अतिक्रमण ने इन रास्तों को भी दुर्गम बना दिया है। नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम का प्रवर्तन दल इन अतिक्रमणों को हटाने के प्रति गंभीर नहीं दिखता। स्कूल छुट्टी के समय तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब वाहन चालकों और अभिभावकों को रास्ता तलाशने में ही काफी समय बर्बाद करना पड़ता है। स्मार्ट सिटी के तमाम दावों के बीच, बुनियादी यातायात व्यवस्था का यह संकट शहर की तस्वीर पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
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