स्टेट डेस्क, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Monday, 26 Jan 2026 09:30 PM IST
प्रयागराज/बरेली: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) के इस्तीफे ने उत्तर प्रदेश की सियासत और धर्म संसद दोनों में भूचाल ला दिया है। सोमवार को जैसे ही Bareilly City Magistrate Resignation की खबर आई, प्रयागराज माघ मेले में धरने पर बैठे ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने खुलकर उनका समर्थन कर दिया। शंकराचार्य ने अलंकार अग्निहोत्री की तारीफ करते हुए कहा, “इस घोर कलिकाल में कोई तो ऐसा अधिकारी निकला, जो वास्तव में हिंदू धर्म का सच्चा ‘अलंकार’ (आभूषण) साबित हुआ है। जिसने पद और लालच को ठुकराकर धर्म के सम्मान को चुना।”

Bareilly City Magistrate Resignation: ‘पद छोटा, लेकिन कद बड़ा कर गए’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले में अपने शिविर से जारी बयान में कहा कि आज के समय में जब अधिकारी सत्ता की जी-हुजूरी में लगे हैं, ऐसे में Bareilly City Magistrate Resignation एक ऐतिहासिक घटना है। उन्होंने कहा, “अलंकार अग्निहोत्री ने सिद्ध कर दिया कि एक ब्राह्मण के लिए उसका स्वाभिमान और धर्म, किसी भी सरकारी कुर्सी से बड़ा है। उन्होंने हमारे (संतों के) अपमान और यूजीसी के काले कानून के विरोध में जो साहस दिखाया है, वह प्रशंसनीय है।” शंकराचार्य ने आगे कहा कि अलंकार ने अपने नाम को सार्थक किया है। वे प्रशासन के लिए भले ही बागी हों, लेकिन सनातन धर्म के लिए वे आज एक उदाहरण बन गए हैं।
संतों के अपमान पर भड़के थे अलंकार
गौरतलब है कि Bareilly City Magistrate Resignation का मुख्य कारण प्रयागराज में संतों के साथ हुआ दुर्व्यवहार था। मौनी अमावस्या (18 जनवरी) को पुलिस ने शंकराचार्य के शिष्यों और बटुकों की शिखा (चोटी) पकड़कर उन्हें घसीटा था। अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में लिखा था कि “मैं एक ब्राह्मण हूं और शिखा हमारा धार्मिक प्रतीक है। प्रशासन द्वारा संतों का यह अपमान मेरी अंतरात्मा को कचोट रहा है।” शंकराचार्य ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब सत्ता में बैठे लोग धर्म के रक्षक भक्षक बन जाएं, तो ऐसे ही अधिकारियों की जरूरत होती है जो आईना दिखा सकें।
UGC बिल को लेकर भी मिला संतों का साथ
शंकराचार्य ने अलंकार अग्निहोत्री द्वारा उठाए गए यूजीसी (UGC) बिल के मुद्दे का भी समर्थन किया। Bareilly City Magistrate Resignation में अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों को ‘सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ साजिश’ बताया था। शंकराचार्य ने कहा कि शिक्षा में भेदभाव करने वाले किसी भी कानून का विरोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अलंकार ने सिर्फ ब्राह्मणों की नहीं, बल्कि सर्वसमाज के प्रतिभावान छात्रों की आवाज उठाई है।
सरकार के लिए असहज स्थिति
गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर एक पीसीएस अधिकारी का इस्तीफा और उस पर शंकराचार्य का खुला समर्थन योगी सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। Bareilly City Magistrate Resignation के बाद सोशल मीडिया पर ‘आई स्टैंड विद अलंकार’ (#IStandWithAlankar) ट्रेंड कर रहा है। ब्राह्मण महासभा और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने भी अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार ने संतों से माफी नहीं मांगी और यूजीसी बिल वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने सरकारी आवास के बाहर हाथ में पोस्टर लेकर इस्तीफा दे दिया था। पोस्टर पर लिखा था- “UGC Roll Back… काला कानून वापस लो।” उन्होंने अपने त्यागपत्र में लिखा कि वे संतों के अपमान और सरकार की ‘ब्राह्मण विरोधी नीतियों’ से आहत होकर पद छोड़ रहे हैं। इस Bareilly City Magistrate Resignation ने प्रशासनिक अमले में खलबली मचा दी है।
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