Fri, 28 Nov 2025 06:58 PM IST, Lucknow, Uttar Pradesh.
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक अहम प्रशासनिक बदलाव करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड को जन्म तिथि साबित करने वाले दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि आधार कार्ड में दर्ज जन्म तिथि किसी प्रमाणित रिकॉर्ड या सत्यापित दस्तावेज़ के आधार पर नहीं होती, इसलिए इसे उम्र का आधिकारिक प्रमाण नहीं माना जा सकता।

नियोजन विभाग ने जारी किए निर्देश, UIDAI का हवाला
नियोजन विभाग के विशेष सचिव अमित सिंह बंसल ने सभी विभागों को पत्र जारी करते हुए बताया कि
- आधार कार्ड सिर्फ पहचान और सत्यापन का साधन है
- UIDAI भी यह स्पष्ट कर चुका है कि आधार में दर्ज जन्म तिथि प्रमाणित दस्तावेज़ के रूप में मान्य नहीं
- जन्म तिथि के निर्धारण के लिए अन्य अधिकृत दस्तावेज़ों को ही स्वीकार किया जाए
यह निर्देश UIDAI लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय के उप निदेशक द्वारा भेजे गए आधिकारिक पत्र के आधार पर जारी किया गया है।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
सरकारी अभिलेखों के अनुसार:
- आधार बनवाते समय जन्म तिथि के लिए किसी अनिवार्य दस्तावेज़ की जरूरत नहीं होती
- कई मामलों में लोग अनुमानित जन्म तिथि दर्ज करा देते हैं
- कुछ विभाग सरकारी भर्तियों, पेंशन, छात्रवृत्ति, आयु सत्यापन जैसे कामों में आधार को “Age Proof” मान रहे थे
- यह प्रक्रिया नियमों और UIDAI के दिशानिर्देशों के खिलाफ है
सरकार ने स्पष्ट किया कि अब ये सभी विभाग आधार कार्ड को उम्र सत्यापन के लिए उपयोग नहीं कर पाएंगे।
किन दस्तावेज़ों को माना जाएगा जन्म तिथि का प्रमाण?
सरकार के अनुसार अब केवल ये वैध दस्तावेज़ ही जन्म तिथि प्रमाणित कर सकेंगे:
- जन्म प्रमाण पत्र
- हाई स्कूल/इंटरमीडिएट का प्रमाण पत्र
- सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज DOB
- पासपोर्ट
- कानूनी रूप से सत्यापित अन्य दस्तावेज़
आधार कार्ड को केवल “Identity Verification” के लिए ही उपयोग किया जा सकेगा।
किन क्षेत्रों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
- सरकारी नौकरियां:
आवेदन करते समय उम्र प्रमाणित करने के लिए आधार का उपयोग मान्य नहीं होगा। - पेंशन और सामाजिक सुरक्षा:
पेंशन की पात्रता उम्र से जुड़ी होती है, इसलिए वैध DOB दस्तावेज़ अनिवार्य होगा। - छात्रवृत्ति एवं शिक्षा योजनाएं:
छात्र आयु सत्यापन आधार से नहीं करा सकेंगे। - अन्य सरकारी सुविधाएं:
कई विभाग अब पुनः आयु से संबंधित दस्तावेज़ों की जांच करेंगे।
क्या बोले अधिकारी?
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा—
“आधार पहचान का साधन है, जन्म तिथि प्रमाण का नहीं। विभागों को यह नियम सख्ती से लागू करना होगा।”
आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- कई लोगों को अब जन्म प्रमाण पत्र या हाई स्कूल प्रमाण पत्र को अपडेट कराना पड़ सकता है
- जहां केवल आधार पर उम्र माना जा रहा था, वहां नई प्रक्रियाएं अपनानी होंगी
- सरकारी कागजी कार्रवाई में पारदर्शिता बढ़ेगी
- जन्म तिथि से संबंधित विवाद कम होंगे
संपादन: ठाकुर पवन सिंह | ताज न्यूज – आईना सच का
ईमेल: pawansingh@tajnews.in
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