अखण्ड और विकसित भारत की परिकल्पना में सामाजिक समरसता: आंबेडकर और आरएसएस के साझा वैचारिक आधार

b760MVi4TO23Q57GDhY2adgVSMuenek1FMZ6QzG5 TxIGAXdDc6ADu ix lcPMlzhdTKyiyOc1MUmpMO6 d1LDbxVDd7uv1S hWosf6kUA4

Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 29 January 2026, 08:10 PM IST “अखण्ड और विकसित भारत” की परिकल्पना केवल आर्थिक प्रगति या भौगोलिक एकता तक सीमित नहीं है, और लेखक डॉ प्रमोद कुमार इस लेख में तर्क देते हैं कि सामाजिक समरसता, समानता और न्याय के बिना राष्ट्र-निर्माण अधूरा है, क्योंकि आंबेडकर के सामाजिक … Read more

आरएसएस का गुप्त साम्राज्य: 2500 संगठनों का वैश्विक नेटवर्क बेनकाब

WhatsApp Image 2026 01 01 at 3.31.36 PM

नई दिल्ली: पहली बार, शोधकर्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विशाल और जटिल नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पेरिस के सेरी-साइंसेज पो और दिल्ली की द कारवां मैगज़ीन के छह साल के संयुक्त शोध में 2500 से अधिक संगठनों के एक ऐसे जाल का खुलासा हुआ है जो संघ से वैचारिक, संगठनात्मक और वित्तीय … Read more