उत्तर और दक्षिण भारत में महिलाओं की स्थिति का अंतर, सामाजिक विश्लेषण

जब एक बयान आईना बन जाए, सुबह की दो तस्वीरें, एक देश

आगरा डेस्क, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Friday, 16 January 2026 08:55 AM IST वरिष्ठ स्तंभकार बृज खंडेलवाल लिखते हैं कि भारत की राजनीति कई बार किसी बयान पर नहीं, बल्कि उस बयान में दिखाए गए आईने पर भड़क उठती है। हालिया विवाद ने भी यही किया—देश को खुद की […]

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माता सावित्रीबाई फुले का मानवतावादी नारीवाद और शिक्षा संघर्ष

स्त्री-अधिकार से मानवता की आवाज तक: माता सावित्रीबाई फुले का व्यापक नारीवाद

Friday, 03 January 2026, 6:45:00 AM. Agra, Uttar Pradesh भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले को केवल स्त्री-अधिकारों की प्रतीक मानना उनके संघर्ष की व्यापकता को सीमित करना होगा। सावित्रीबाई फुले का नारीवाद स्त्रियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह शोषित, वंचित और दलित मानवता की सामूहिक मुक्ति का विचार था। […]

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