Agra News Desk, tajnews.in | Thursday, March 19, 2026, 01:31:50 AM IST
आगरा: ब्रज मंडल की जीवनरेखा यमुना नदी के अस्तित्व पर मंडराते खतरे को देखते हुए रिवर कनेक्ट कैंपेन ने निर्णायक कदम उठाया है। रिपोर्ट के अनुसार, अभियान के सदस्यों ने महामहिम राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित कर मथुरा, वृंदावन और आगरा क्षेत्र में नदी की दयनीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, ज्ञापन में यमुना के तत्काल पुनरुद्धार और ब्रज की पारिस्थितिकीय-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की गई है। वक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यमुना केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि एक जीवंत सभ्यता की पहचान है, जो वर्तमान में दिल्ली से लेकर आगरा तक विषैली जलधारा में तब्दील हो चुकी है। परिणामस्वरूप, कार्यकर्ताओं ने महामहिम की आगामी ब्रज यात्रा को इस संकट के समाधान हेतु एक ऐतिहासिक अवसर बताया है।
- सभ्यतागत संकट: यमुना का ह्रास मात्र पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि ब्रज की आत्मा पर प्रहार है।
- खतरनाक प्रदूषण स्तर: नदी में अमोनिया 27.4 mg/L और BOD 70 mg/L तक पहुँचा, जो जीवन के लिए घातक है।
- आगरा बैराज की मांग: ज्ञापन में आगरा में यमुना बैराज के निर्माण हेतु त्वरित स्वीकृति और कार्य शुरू करने पर जोर।
- राष्ट्रपति से उम्मीद: महामहिम की तीन दिवसीय ब्रज यात्रा से यमुना के जीर्णोद्धार हेतु निर्णायक निर्देशों की प्रतीक्षा।
विषैले फोम और जहरीले जल का तांडव: आस्था की डगर पर स्वास्थ्य का जोखिम
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, रिवर कनेक्ट अभियान ने ज्ञापन में यमुना के भयावह आंकड़ों को उजागर किया है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली से आगरा तक अनुपचारित सीवेज और औद्योगिक कचरे ने नदी को एक गंदे नाले में बदल दिया है। तुलनात्मक रूप से, जहाँ जीवन के लिए BOD 3 mg/L से कम होना चाहिए, वहीं यमुना में यह 70 mg/L तक पहुँच गया है। परिणामस्वरूप, जहरीला फोम नदी की सतह पर तैर रहा है और फेकल कोलीफॉर्म का स्तर सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक है। इसी तरह, श्रद्धालु इसी प्रदूषित जल में स्नान और आचमन करने को विवश हैं, जिससे जलजनित रोगों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।
इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में जल शक्ति, पर्यावरण और शहरी कार्य मंत्रालयों को त्वरित निर्देश देने की अपील की गई है। संक्षेप में कहें तो, कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि आगरा में यमुना बैराज का निर्माण युद्ध स्तर पर कराया जाए और नदी में अबाधित पर्यावरणीय प्रवाह (e-flow) सुनिश्चित किया जाए। इसी तरह, ब्रज के पारंपरिक कुंडों, आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) और वन क्षेत्रों के पुनरुद्धार हेतु समयबद्ध योजना लागू करने का अनुरोध किया गया है। परिणामस्वरूप, नदी बेसिन की नदियों और संबद्ध जल चैनलों की डीसिल्टिंग (गाद सफाई) को भी प्राथमिकता देने की मांग उठी है।
इन प्रमुख सेनानियों ने उठाई आवाज़: नामों की लंबी सूची से गूँजा शासन
यमुना की मुक्ति के लिए रिवर कनेक्ट अभियान के तहत ब्रज के प्रबुद्ध नागरिकों ने सामूहिक हस्ताक्षर कर महामहिम को अपनी व्यथा सुनाई है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, इस मुहिम का नेतृत्व वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल और डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य कर रहे हैं। उनके साथ ही गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, पंडित जुगल किशोर और अभिनव ने नदी की सांस्कृतिक पवित्रता को बचाने पर जोर दिया। परिणामस्वरूप, यह ज्ञापन शासन के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इसके अतिरिक्त, अभियान से जुड़े सक्रिय सदस्य चतुर्भुज तिवारी, राहुल, दीपक राजपूत और पद्मिनी अय्यर ने भी यमुना की बदहाली पर कड़ा रोष जताया है। इसी तरह, मुकेश चौधरी, ज्योति, विशाल झा और शाश्वत गौतम ने भी इस ज्ञापन के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। संक्षेप में कहें तो, राज कुमार माहेश्वरी, निधि पाठक, दिनेश शर्मा और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी एक स्वर में यमुना को उसके निष्कलंक और प्रवाहमान गौरव की पुनः प्राप्ति हेतु राष्ट्रपति से ऐतिहासिक निर्णय लेने की अपील की है। परिणामस्वरूप, ब्रज की जनता अब महामहिम के करुणामयी नेतृत्व की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है।
Pawan Singh
Chief Editor, Taj News













