पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश

पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश: जुलाई 2025 से मानदेय न मिलने पर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

उत्तर प्रदेश

Reported by: Tahseem Ahmad Khan | tajnews.in | 10 March 2026, 11:30 PM IST

पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश

Taj News Mahoba Desk

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महोबा (Mahoba): पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश अब पूरी तरह से चरम पर पहुंच गया है। विकासखंड पनवाड़ी में काम करने वाले सभी कर्मचारी बहुत परेशान हैं। ताज न्यूज़ (Taj News) की रपट के अनुसार, लंबे समय से इन कर्मचारियों का मानदेय भुगतान बिल्कुल नहीं हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने प्रशासन के सामने अपनी बड़ी नाराजगी जाहिर की है। अतः, कर्मचारियों ने शीघ्र भुगतान की अपनी कड़ाई से मांग रखी है। इसलिए, प्रशासन को इनकी बात तुरंत सुननी चाहिए。

HIGHLIGHTS
  • बड़ा प्रदर्शन: पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश मानदेय न मिलने के कारण भड़क गया है।
  • सौंपा ज्ञापन: कर्मचारियों ने सहायक विकास अधिकारी कमलेश अनुरागी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है।
  • लंबित भुगतान: जुलाई 2025 से इन कर्मचारियों को अपना मानदेय और ईपीएफ बिल्कुल नहीं मिला है।
  • आंदोलन की चेतावनी: मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों ने एक बड़े और चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश

▲ मानदेय न मिलने से परेशान मनरेगा कर्मचारियों ने अधिकारियों को अपना ज्ञापन सौंपा।

सहायक विकास अधिकारी कमलेश अनुरागी को सौंपा अपना कड़ा ज्ञापन

मुख्य रूप से, कर्मचारियों ने अधिकारियों को अपना एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इसके अलावा, उन्होंने यह ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी कमलेश अनुरागी को दिया। दूसरी ओर, यह ज्ञापन जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी संबोधित है। अतः, पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतरने लगा है। इसलिए, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार तक भी उनकी यह बात पहुंच गई है। अंततः, प्रशासनिक अधिकारियों को इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देना चाहिए。

ग्राम रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक कर रहे हैं अपना लगातार काम

दरअसल, ज्ञापन में कर्मचारियों ने अपनी कई बड़ी और अहम बातें बताई हैं। इसके परिणामस्वरूप, ग्राम रोजगार सेवक और कंप्यूटर ऑपरेटर अपना लगातार काम कर रहे हैं। साथ ही, तकनीकी सहायक भी जनपद के लक्ष्यों को पूरी निष्ठा से पूरा कर रहे हैं। अतः, पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश उनकी इस कड़ी मेहनत का ही नतीजा है। अंततः, उन्होंने क्रॉप सर्वे जैसे अन्य विभागीय कार्यों में भी अपनी बड़ी भूमिका निभाई है。

पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश

▲ कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

जुलाई 2025 से अब तक कर्मचारियों को नहीं मिला है उनका मानदेय

मुख्य रूप से, विभागीय शिथिलता के कारण कर्मचारियों को बहुत बड़ी परेशानी हो रही है। इसके अलावा, जुलाई 2025 से अब तक उनका मानदेय बिल्कुल नहीं मिला है। दूसरी ओर, कर्मचारियों की ईपीएफ की देयता भी काफी समय से लंबित है। अतः, पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश अब एक बड़ी मजबूरी बन गया है। इसलिए, दीपावली के बाद अब होली पर भी वेतन न मिलने से वे बहुत दुखी हैं। अंततः, सरकार को इनकी इस दयनीय स्थिति पर गौर करना चाहिए。

आर्थिक संकट के कारण कर्मचारी नहीं उठा पा रहे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां

दरअसल, मानदेय न मिलने से इन कर्मचारियों का आर्थिक संकट बहुत बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप, वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां सही से नहीं उठा पा रहे हैं। साथ ही, प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कर्मचारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। अतः, पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश जीवन के अधिकार का एक बहुत बड़ा मुद्दा है। अंततः, कुछ स्थानों पर आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं。

संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने रोजगार गारंटी आयुक्त से मिलकर दी थी जानकारी

मुख्य रूप से, संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने पहले भी अपनी पूरी बात शांति से रखी थी। इसके अलावा, उन्होंने 23 फरवरी 2026 को आयुक्त से मिलकर स्थिति की जानकारी दी। दूसरी ओर, उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित होने पर प्रशंसा की थी। अतः, पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश इस प्रशासनिक लापरवाही पर सीधा सवाल है। इसलिए, प्रशासनिक मद होने के बावजूद भुगतान न होना एक बहुत बड़ी चिंता का विषय है। अंततः, अधिकारियों को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी。

लंबित मानदेय नहीं मिला तो कर्मचारी करेंगे अपना एक बड़ा चरणबद्ध आंदोलन

दरअसल, कर्मचारियों ने प्रशासन (Administration) को अपनी एक बहुत ही सख्त चेतावनी दी है। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने जल्द भुगतान न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की बात कही है। साथ ही, 6 मार्च से काली पट्टी बांधकर उन्होंने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। अतः, पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश अब एक बहुत बड़े आंदोलन का रूप लेगा। अंततः, 9 मार्च को उन्होंने उप मुख्यमंत्री को भी अपना ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है。

मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचकर अपनी समस्या रखेंगे सभी परेशान कर्मचारी

मुख्य रूप से, कर्मचारी अब 10 से 15 मार्च तक अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिलेंगे। इसके अलावा, वे क्षेत्र के विधायक, विधान परिषद सदस्य और सांसद को अपनी स्थिति बताएंगे। दूसरी ओर, 16 मार्च को वे मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में भी सीधे पहुंचेंगे। अतः, पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश अब लखनऊ दरबार तक आसानी से पहुंचेगा। इसलिए, राज्य सरकार को इनकी बड़ी और गंभीर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए। अंततः, मेहनत करने वाले कर्मियों को उनका हक जरूर मिलना चाहिए。

इस अवसर पर सुशील कुमार, जितेश कुमार सहित कई अन्य कर्मचारी रहे उपस्थित

दरअसल, ज्ञापन सौंपते समय वहां बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके परिणामस्वरूप, सुशील कुमार, जितेश कुमार और रियाज अहमद ने अपना नेतृत्व किया। साथ ही, संतोष कुमार, अनिल कुमार और मैयादीन ने भी अपनी बात रखी। अतः, पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश उनकी इस बड़ी एकजुटता को साफ दिखाता है। अंततः, देवेश, पुष्पेंद्र, प्रभु दयाल, देवकरन, अमित, अमर सिंह और कृष्ण कुमार सहित अन्य कई कर्मचारी भी वहां मौजूद रहे。

पनवाड़ी में मनरेगा कर्मियों का आक्रोश

Tahseem Ahmad Khan

Reporter (Mahoba), Taj News

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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