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रेलवे भूमि की नीलामी के विरोध में ज्ञापन, सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की मांग

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आगरा, 19 दिसंबर 2024:

पर्यावरण संरक्षण और शहर के हरित क्षेत्र के विस्तार की दिशा में, रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्यों ने आज ताज ट्रेपजियम ज़ोन (टीटीजेड) की चेयरपर्सन और मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गधा पड़ा मलगोदाम में स्थित रेलवे की विवादित भूमि पर सिटी फॉरेस्ट (ग्रीन लंग) विकसित करने की मांग की गई।

इस ज्ञापन में आगरा शहर के पर्यावरणविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहर के लिए एक स्थायी और पर्यावरण अनुकूल समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, जो इस अभियान के अग्रणी सदस्य हैं, ने मंडलायुक्त को बताया कि रेलवे की इस भूमि पर एक निजी बिल्डर द्वारा टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव पर्यावरण और शहरी संतुलन के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने परियोजना की समीक्षा और स्थायी विकास के लिए वैकल्पिक योजना की मांग की।

ज्ञापन में मुख्य मांगें और तर्क:

  1. सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की मांग:
    ज्ञापन में मांग की गई कि बेलनगंज गधा पड़ा मलगोदाम क्षेत्र को एक मेगा आवासीय परियोजना में बदलने के बजाय इसे सिटी फॉरेस्ट या सार्वजनिक पार्क में तब्दील किया जाए। पर्यावरणविदों ने कहा कि यह क्षेत्र शहर के “ग्रीन लंग” के रूप में काम करेगा, जो आगरा जैसे प्रदूषणग्रस्त शहर को स्वच्छ हवा और हरित क्षेत्र प्रदान करेगा।
  2. रेलवे भूमि की नीलामी का विरोध:
    ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यह भूमि पिछले 50 वर्षों से खाली पड़ी है, क्योंकि मालगोदाम को यमुना ब्रिज स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया था। इसे अब नीलाम करने के बजाय, जनहित में सार्वजनिक उपयोग के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए।
  3. पर्यावरणीय प्रभाव अध्ययन (EIA) की मांग:
    मेगा टाउनशिप परियोजना के निर्माण से पहले पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) की सिफारिश की गई। साथ ही, आगरा विकास प्राधिकरण से इस परियोजना की व्यवहार्यता और संभावित प्रभावों पर गहन अध्ययन की मांग की गई।
  4. यातायात और जनसंख्या घनत्व पर प्रभाव:
    ज्ञापन में बताया गया कि इस परियोजना से यमुना किनारा रोड, जीवनी मंडी और मोतीलाल नेहरू रोड के चौराहे पर यातायात की स्थिति और जनसंख्या घनत्व पर गंभीर दबाव पड़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए यातायात गतिशीलता अध्ययन की आवश्यकता जताई गई।
  5. शहर के हरित क्षेत्र में कमी का हवाला:
    रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्यों ने आगरा के हरित क्षेत्र में लगातार हो रही कमी पर चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि मेट्रो परियोजना के कारण शहर के कई खेल के मैदान और हरे-भरे क्षेत्र समाप्त हो गए हैं। ऐसे में गधा पड़ा मलगोदाम की भूमि को ग्रीन स्पेस के रूप में संरक्षित करना जरूरी है।

समुदाय और पर्यावरण पर संभावित प्रभाव:

ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया कि अगर यह भूमि टाउनशिप के लिए नीलाम की जाती है, तो इससे शहर के पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, स्थानीय निवासियों के लिए पहले से मौजूद संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा।

डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा:
“शहर के बीचोंबीच स्थित इस महत्वपूर्ण भूखंड का उपयोग हरित क्षेत्र के रूप में किया जाना चाहिए। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि यह आगरा के बच्चों और निवासियों के लिए एक मनोरंजक स्थल भी बनेगा।”

रिवर कनेक्ट अभियान के बृज खंडेलवाल ने कहा:
“ताज ट्रेपजियम ज़ोन अथॉरिटी को इस परियोजना के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह शहर के पर्यावरण और लोगों के हित में हो।”

ज्ञापन पर हस्ताक्षरकर्ता:

इस ज्ञापन पर रिवर कनेक्ट अभियान के प्रमुख सदस्यों और पर्यावरणविदों ने हस्ताक्षर किए। इनमें डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, श्री बृज खंडेलवाल, महंत नंदन श्रोत्रिय, जुगल श्रोत्रिय, निधि पाठक, शहतोष गौतम, दिलीप जैन, शशिकांत उपाध्याय, ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा और पद्मिनी अय्यर सहित कई अन्य लोग शामिल थे।

आवश्यक कदम:

ज्ञापन के अंत में, मंडलायुक्त से इस भूमि पर निर्माण रोकने और एक स्थायी समाधान के लिए सभी हितधारकों के साथ चर्चा करने का अनुरोध किया गया। साथ ही, पर्यावरणीय प्रभाव को प्राथमिकता देते हुए परियोजना की मंजूरी पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया।

पर्यावरण संरक्षण के लिए बढ़ा कदम:

रिवर कनेक्ट अभियान का यह प्रयास आगरा के पर्यावरणीय संतुलन और निवासियों की भलाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। ज्ञापन ने स्थानीय प्रशासन को न केवल इस विवादित भूमि का संरक्षण सुनिश्चित करने, बल्कि शहर को अधिक हरित और टिकाऊ बनाने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया है।


गधा पड़ा मलगोदाम क्षेत्र में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की मांग आगरा जैसे शहर के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हो सकती है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी, बल्कि शहर के निवासियों के लिए एक बहुउद्देश्यीय स्थान भी प्रदान करेगी। उम्मीद है कि प्रशासन इन सुझावों पर अमल करते हुए आगरा के विकास में हरित पहलुओं को प्राथमिकता देगा।

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