Edited by: Pawan Singh | tajnews.in | 12 March 2026, 06:45 PM IST
नई दिल्ली (New Delhi): ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को रोका तो पश्चिम एशिया में एक बहुत बड़ा रणनीतिक संकट खड़ा हो गया है। इजरायल-अमेरिकी हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इसी बीच ईरान ने दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा रूट हॉर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों के गुजरने पर अचानक पाबंदी लगा दी है। इससे भारत के कच्चे तेल की सप्लाई चैन पर सीधा और गंभीर असर पड़ा है।
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हॉर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों की नो-एंट्री, कूटनीतिक और सुरक्षा प्रक्रिया हुई सक्रिय
न्यूज एजेंसी राइटर्स के सूत्रों के अनुसार ईरान ने गुरुवार को इस अहम समुद्री मार्ग से भारतीय टैंकरों को गुजरने देने से साफ इनकार कर दिया। भारत के कुल कच्चे तेल और एलपीजी आयात का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। इस इलाके में फंसे दर्जनों भारतीय जहाजों और सैकड़ों नाविकों की सुरक्षा को देखते हुए नई दिल्ली ने अपनी कूटनीतिक और सुरक्षा प्रक्रिया तुरंत सक्रिय कर दी है।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर कर रहे हैं लगातार बातचीत, अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से भी संपर्क
हालांकि ईरान की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। भारत सरकार लगातार कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस गंभीर मसले को सुलझाने में जुटी है। हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की बातचीत के बाद दो जहाजों को सुरक्षित निकाला गया था। भारत सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि रूस और फ्रांस के विदेश मंत्रियों सहित यूरोपीय संघ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी लगातार संपर्क में है।
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अरब सागर में नौसेना के युद्धपोत तैनात, ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत जहाजों को मिलेगी सुरक्षा
भारत सरकार अब केवल कूटनीति के भरोसे नहीं बैठी है। भारतीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए अरब सागर और ओमान की खाड़ी में ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत नौसेना के जंगी युद्धपोत तैनात कर दिए गए हैं। ये गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक और फ्रिगेट किसी भी आपात स्थिति या हमले का तुरंत मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। नौसेना जहाजों को कड़ी सुरक्षा के घेरे में निकालने के विकल्प पर गहराई से विचार कर रही है।
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रूस और अमेरिका जैसे देशों से तेल आयात बढ़ा रहा भारत, रणनीतिक भंडार खोलने की तैयारी
भारत पिछले कई सालों से मिडिल ईस्ट के कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता लगातार कम कर रहा है। अब रूस, अमेरिका, ब्राजील और नाइजीरिया जैसे देशों से तेल की बंपर खरीद की जा रही है। भारतीय नौसेना (Indian Navy) की कड़ी निगरानी के बीच स्थिति ज्यादा बिगड़ने पर सरकार अपने रणनीतिक तेल भंडार भी खोल सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि जब ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को रोका है, तो आने वाले दिनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका कितना भयानक असर पड़ेगा।
Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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