🩺 भारत में मेडिकल शिक्षा संकट: आतंकवाद, मुनाफेखोरी और लचर प्रशिक्षण

🩺 भारत में मेडिकल शिक्षा संकट: आतंकवाद, मुनाफेखोरी और लचर प्रशिक्षण

Mon, 24 Nov 2025 01:55 PM IST, आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत। स्टेथेस्कोप की जगह बम हाथ में लिए डॉक्टर। यह दृश्य समाज को झकझोरने वाला है। हिपोक्रेटीज की शपथ लेने वाला डॉक्टर अगर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होता है, तो समाज की दिशा क्या होगी? इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। भारत में मेडिकल शिक्षा […]

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Akbaar

अकबर की जयंती क्यों मनानी चाहिए? आगरा की पहचान ताजमहल से नहीं, सम्राट की सोच से होनी चाहिए

🕰️ आगरा | शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 | दोपहर 2:54 बजे IST भारत के बहुलवादी इतिहास की नींव रखने वाले मुगल सम्राट अकबर की जयंती 15 अक्टूबर को आई और बिना किसी सरकारी आयोजन के चली गई। आगरा, जिसे कभी अकबराबाद कहा जाता था, आज ताजमहल के संगमरमर में सिमट गया है, लेकिन अकबर की […]

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सितंबर–अक्टूबर में भारत में जन्मदिनों की बाढ़ आ जाती है

📰 भारत के बेबी बूमर्स का सीज़न: क्यों सितंबर–अक्टूबर में जन्मदिनों की बाढ़ आती है?

📅 शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 | नई दिल्ली | सुबह 10:52 बजे IST सितंबर–अक्टूबर में भारत में जन्मदिनों की बाढ़ आ जाती है। ज्योतिषीय आंकड़ों से लेकर वैज्ञानिक सर्वेक्षण तक, हर स्रोत यही कहता है कि ये दो महीने सबसे अधिक जन्मों के लिए प्रसिद्ध हैं। 10 अक्टूबर जैसी तारीखें तो “डिफ़ॉल्ट बर्थडे” बन चुकी […]

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मथुरा में यमुना नदी की प्रदूषित धारा, जिसमें प्लास्टिक और रासायनिक झाग तैर रहे हैं

संकट में जीवनरेखा: भारत की नदियाँ मदद के लिए पुकार रही हैं — क्या हम सुनेंगे, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए?

Sun, 21 Sep 2025 02:30 PM IST, आगरा, भारत। मथुरा में यमुना किनारे शाम ढल रही है। आरती की घंटियाँ बज रही हैं, अगरबत्तियाँ जल रही हैं, पुजारी मंत्रोच्चार कर रहे हैं, और सैकड़ों श्रद्धालु पवित्रता व मोक्ष की कामना में एकत्र हैं। लेकिन गेंदा फूलों की महक के उस पार एक कड़वी हक़ीक़त है—प्लास्टिक […]

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एक डाकिया ख़ाकी वर्दी पहने साइकिल पर है, और उसके हाथ में चिट्ठियों का बंडल है, जो बीते ज़माने में संचार के भावनात्मक महत्व को दर्शाता है।

‘डाकिया डाक लाया’ की घंटी जब मोहब्बत जगाती थी: ख़त, जज़्बात और एक भूला-बिसरा दौर

Sun, 21 Sep 2025 02:30 PM IST, आगरा, भारत। जब ‘डाकिया डाक लाया’ की घंटी मोहब्बत जगाती थी… “वो ख़त जो ज़िंदगी थे…” बृज खंडेलवाल कभी वो दिन थे जब डाकिए की साइकिल की घंटी पूरे मोहल्ले में उम्मीद जगाती हर घर में कोई न कोई बेसब्री से उस ख़ाकी कपड़ों वाले फ़रिश्ते का इंतज़ार […]

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भारतीय मीडिया के वर्तमान परिदृश्य को दर्शाती छवि

भारतीय मीडिया का पतन: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से सत्ता के सेवक तक का डरावना सफ़र

Sun, 21 Sep 2025 02:30 PM IST, आगरा, भारत। भारत में पिछले दो दशकों में मीडिया ने जबरदस्त आर्थिक और तकनीकी विस्तार देखा है। 2023 में यह क्षेत्र 2,450 अरब रुपये के राजस्व तक पहुँचा और 2028 तक 3,450 अरब रुपये तक पहुँचने का अनुमान है। देश में 1.55 लाख से अधिक पंजीकृत प्रकाशन, 936 […]

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भारतीय रसोई के ऐतिहासिक विकास को दर्शाने वाली छवि, जिसमें पुराने चूल्हे से लेकर आधुनिक मॉड्यूलर किचन और डिजिटल उपकरणों को दिखाया गया है।

भारतीय रसोई का अद्भुत सफ़र: धुएँ से लेकर ‘Alexa, Preheat the Oven’ तक

Mon, 13 Oct 2025 01:02 PM IST, आगरा, भारत। भारतीय रसोई की कहानी सदियों पुरानी है—एक ऐसी कहानी जिसने चूल्हे के धुएँ से लेकर आज के डिजिटल टच-स्क्रीन उपकरणों तक का लंबा सफर तय किया है। आज भले ही कुछ बुजुर्ग डींगें हाँकते हुए चूल्हे की सिकी रोटी और अंगीठी पर घंटों पकती दाल की […]

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Love Marriages

🎯 भारत का नया इश्क़: प्यार जो तोड़ रहा है जात-पात की दीवारें

📅 रविवार, 12 अक्टूबर 2025 | सुबह 11:41 बजे | आगरा / दिल्ली / पटना किसी छोटे शहर की गली में जब एक लड़की किसी दूसरी जाति के लड़के का हाथ थाम लेती है, उसके साथ कॉफ़ी पीने चली जाती है — तो समझ लीजिए, यह सिर्फ़ मोहब्बत नहीं, बग़ावत है। यह वो इश्क़ है […]

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🎯 बलात्कारी व्यवस्था: मरे जमीर की खौफनाक दास्तां

📅 शनिवार, 11 अक्टूबर 2025 | भारत जब भी किसी मासूम निर्भया की चीख़ हवा में गूंजती है, या किसी लड़की की लाश समाज की शर्म पर आईना रखती है — तब सवाल उठता है: क्या हम अब भी इंसान हैं? क्या आज के भारत में स्त्रियां अपनी मर्जी से जी सकती हैं? क्या फैमिलीज, […]

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Gandgi Near Lal Qila and Taj Mahal

🎯 ताजमहल बनाम डेवलपमेंट: जब आगरा की सांसें धुएं और धरोहर के बीच अटक गईं

आगरा की हवा में आज सिर्फ़ धूल नहीं, एक सुलगता हुआ सवाल घुला है: क्या जीवनयापन की ज़रूरत, जीवन की गुणवत्ता से ऊपर है? एक तरफ़ वो आवाज़ें हैं जो चीख़-चीख़ कर कहती हैं — “बिना उद्योग के पेट नहीं भरता।” दूसरी ओर वो चिंतित फुसफुसाहट — “बिना ताज के पहचान मिट जाएगी।” यह टकराव […]

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आओ परिवार नियोजन अभियान

🎯 आओ परिवार नियोजन अभियान की सफलता का जश्न मनाएं — जनसंख्या संतुलन से भारत को मिली विकास की नई गति

📅 गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025 | दोपहर 02:37 बजे IST | आगरा, उत्तर प्रदेश भारत ने जब 1952 में विश्व का पहला राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू किया, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह पहल एक दिन सामाजिक सुधार का सबसे बड़ा स्तंभ बन जाएगी। आज, जब भारत की जनसंख्या 146 करोड़ […]

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IAS

आईएएस बनाम भारत: जब ‘सेवा’ के नाम पर सत्ता की भूख पलने लगी

बृज खंडेलवाल आज के भारत में अगर किसी बेरोजगार युवक से पूछो कि “क्या कर रहे हो?”, तो ज्यादातर जवाब आता है — “आईएएस की तैयारी कर रहा हूं।” जैसे दुनिया में समाज सेवा करने का बस एक ही रास्ता बचा है — कलेक्टर बनो!। राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में ऐसे “उड़ान” के सपने […]

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