Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 27 Feb 2026, 01:30 pm IST
Taj News Crime & City Desk
अपराध, कानून-व्यवस्था और शहर की बड़ी खबरें
आगरा (Agra): ताजनगरी आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। रामस्वरूप कॉलोनी में वैवाहिक विवाद और धोखेबाजी ने एक ऐसा हिंसक और खौफनाक मोड़ ले लिया, जिसकी शहर में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। यहां एक मेहनतकश युवक को उसकी ही पत्नी और सालों ने सरेराह मौत के घाट उतारने की गहरी साजिश रची। इस दिल दहला देने वाली वारदात में ऑटो चालक को जिंदा जलाने का बेरहम प्रयास किया गया है। बेखबर युवक पर बीच रास्ते में पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया गया। बुरी तरह झुलसा हुआ पीड़ित इस समय अस्पताल में अपनी जिंदगी और मौत के बीच एक बेहद खौफनाक जंग लड़ रहा है। इस पूरी घटना के पीछे एक बड़ी आपराधिक साजिश की बू आ रही है, जो सीधे तौर पर बिना तलाक लिए दूसरी शादी रचाने और इसका विरोध करने वाले पति को रास्ते से हमेशा के लिए हटाने की ओर इशारा करती है। ऑटो चालक को जिंदा जलाने की इस दुस्साहसिक घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और शहर की कानून-व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दो साल का निकाह और धोखे की खूनी दास्तान
इस खूनी वारदात की जड़ें करीब दो साल पुरानी हैं। मौत से जंग लड़ रहे पीड़ित ऑटो चालक की बहन निशा ने पुलिस और मीडिया को जो जानकारी दी है, वह बेहद चौंकाने वाली है। निशा के अनुसार, उसके भाई चांद का निकाह लगभग दो साल पहले आजमपाड़ा निवासी शबनम के साथ बड़े ही अरमानों के साथ हुआ था। शुरुआत में सब कुछ ठीक प्रतीत हो रहा था, लेकिन समय के साथ शबनम के व्यवहार में बदलाव आने लगा। रिश्तों में दरार तब और गहरी हो गई जब शबनम की नीयत में खोट आ गया और उसके अवैध संबंधों की भनक चांद को लग गई।
आरोप है कि शबनम ने इसी महीने, अपने कानूनी पति चांद को बिना कोई तलाक (Talaq) दिए, किसी दूसरे व्यक्ति के साथ गुपचुप तरीके से शादी कर ली। एक ओर जहां शबनम का यह कदम कानूनी रूप से पूरी तरह अमान्य और एक गंभीर अपराध है, वहीं दूसरी ओर चांद के लिए यह एक बहुत बड़ा मानसिक और भावनात्मक आघात था। स्वाभाविक रूप से, जब चांद को इस दूसरे रिश्ते के बारे में पता चला, तो उसने इसका कड़ा विरोध किया। वह अपनी पत्नी को इस गैर-कानूनी और अनैतिक संबंध से बाहर आने के लिए कह रहा था। लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसका यह विरोध उसकी जान पर बन आएगा और जल्द ही इसी विवाद के चलते ऑटो चालक को जिंदा जलाने की यह खौफनाक साजिश रची जाएगी।
शबनम के पहले पति की संदिग्ध मौत: क्या है खौफनाक सच?
इस पूरे मामले का सबसे खौफनाक और जांच का अहम पहलू शबनम का अतीत है। चांद शबनम का पहला पति नहीं था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शबनम के पहले पति की भी कुछ वर्षों पहले बेहद ‘संदिग्ध परिस्थितियों’ में मौत हो चुकी है। उस समय उस मौत को शायद नियति या अचानक हुआ हादसा मानकर पुलिस फाइल बंद कर दी गई हो, लेकिन अब जब चांद के साथ यह जानलेवा वारदात हुई है, तो पहले पति की मौत पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
क्या पहले पति की मौत सच में प्राकृतिक थी या वह भी शबनम और उसके परिजनों की किसी गहरी साजिश का शिकार हुआ था? यह एक ऐसा अहम सवाल है जिसकी नए सिरे से गहन जांच होनी चाहिए। स्थानीय लोगों का दबी जुबान में कहना है कि अगर पुलिस ने उस समय गहराई से पड़ताल की होती, तो शायद आज आगरा के शाहगंज में इस ऑटो चालक को जिंदा जलाने की नौबत ही नहीं आती। यह एक शातिर ‘क्रिमिनल माइंडसेट’ की ओर बहुत बड़ा इशारा है, जिसे पुलिस को अपनी तफ्तीश का मुख्य आधार बनाना चाहिए।
गुरूवार की रात: रास्ते में रोका, पेट्रोल डाला और लगा दी आग
इस खूनी साजिश को अंजाम देने के लिए गुरुवार रात का समय चुना गया। चांद रोजमर्रा की तरह अपनी रोजी-रोटी कमाने के बाद, ऑटो से सवारी छोड़कर वापस अपने घर लौट रहा था। वह बिल्कुल निहत्था और बेखबर था। रास्ते में शबनम, उसका भाई और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति घात लगाए बैठे थे। उन्होंने बीच रास्ते में चांद के ऑटो को रोक लिया। इससे पहले कि चांद कुछ समझ पाता, तीनों ने मिलकर उसे जबरन ऑटो से बाहर खींच लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
इसके बाद जो हुआ, वह मानवता को शर्मसार कर देने वाला था। आरोप है कि शबनम और उसके साथियों ने पहले से तैयार रखा हुआ पेट्रोल चांद के शरीर पर उड़ेल दिया और बिना किसी रहम के उसे आग लगा दी। चंद सेकंडों में ही ऑटो चालक को जिंदा जलाने का उनका क्रूर मंसूबा पूरा होता दिखा। चांद का शरीर आग के एक दहकते हुए गोले में तब्दील हो गया। उसकी दर्दनाक चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और दौड़ पड़े। जब तक लोग वहां पहुंचे और आग बुझाई, तब तक चांद का शरीर बुरी तरह से झुलस चुका था। परिजनों ने आनन-फानन में उसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) में भर्ती कराया। लेकिन वहां उसकी हालत अत्यधिक नाजुक होने के कारण, बेहतर इलाज की आस में उसे एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहां वह मौत से लड़ रहा है।
शाहगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते गंभीर सवाल
इतनी बड़ी और खौफनाक वारदात के बाद आगरा पुलिस, विशेषकर शाहगंज थाने की भूमिका पर सबसे बड़े सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। पीड़ित चांद के परिवार का सीधा आरोप है कि उन्होंने थाना शाहगंज में नामजद तहरीर दे दी है, घटना के सारे साक्ष्य मौजूद हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। जब सरेआम एक ऑटो चालक को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया हो, तो यह स्पष्ट रूप से हत्या के प्रयास (Attempt to Murder – Section 307) का संगीन मामला बनता है। ऐसे में पुलिस की यह सुस्ती और ढिलाई कई बड़े संदेह पैदा करती है।
घटना के बाद से स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। उनकी स्पष्ट मांग है कि पुलिस तुरंत शबनम, उसके भाई और अन्य अज्ञात आरोपी को गिरफ्तार करे। यह मामला अब केवल एक पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था, वैवाहिक अधिकारों के हनन और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा एक बेहद गंभीर प्रश्न बन गया है। आगरा पुलिस के आला अधिकारियों को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऑटो चालक को जिंदा जलाने वाले दरिंदों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए और पीड़ित को न्याय मिल सके।
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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