Crime Desk, Taj News | Updated: Friday, 13 March 2026, 11:58 PM IST
आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में 9 वर्षीय छात्रा नैना की स्कूल बस से गिरकर मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हादसे के बाद पुलिस ने स्कूल प्रबंधक और बस चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्कूल के प्रबंधक नरेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बच्ची की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और मां व दादी का रो-रोकर बुरा हाल है।
आगरा में स्कूल बस से गिरकर जान गंवाने वाली छात्रा नैना से जुड़ा घटनास्थल।
बस से गिरने के बाद पहिये के नीचे आई छात्रा
थाना एत्मादपुर क्षेत्र के नगला लाले गांव निवासी ब्रह्मजीत की 9 वर्षीय बेटी नैना भागूपुर स्थित आरबीएस स्कूल में कक्षा एक की छात्रा थी। उसकी बड़ी बहन परी भी उसी स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ती है। परिजनों के अनुसार दोनों बहनें रोज की तरह स्कूल बस से स्कूल गई थीं और दोपहर करीब तीन बजे छुट्टी के बाद बस से घर लौट रही थीं।
इसी दौरान रास्ते में अचानक नैना चलती स्कूल बस से नीचे गिर गई और बस का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। बस में बैठे बच्चों ने जोर-जोर से शोर मचाया, जिसके बाद चालक ने कुछ दूरी पर जाकर बस रोकी। जब तक बस रुकी तब तक नैना गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।
चचेरी बहन ने बताई पूरी घटना
मृतका की चचेरी बहन शिवानी भी उसी बस में मौजूद थी। उसने बताया कि बस को स्कूल के मैनेजर नरेंद्र ही चला रहे थे। नैना अपनी बहन परी के साथ सीट पर बैठी हुई थी। अचानक परी ने चिल्लाकर कहा कि नैना नीचे गिर गई है।
इसके बाद शिवानी ने चालक से बस रोकने के लिए कहा। कुछ दूरी पर बस रोकी गई और वह भागकर नैना के पास पहुंची। उसने बताया कि नैना खून से लथपथ सड़क पर पड़ी थी और गंभीर हालत में थी। थोड़ी देर बाद नरेंद्र भी वहां पहुंच गए।
इलाज के बजाय बच्चों को स्कूल ले गया चालक
परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधक नरेंद्र ने बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के बजाय बच्चों को बस में बैठाकर स्कूल ले जाना ज्यादा जरूरी समझा। उन्होंने बच्चों से कहा कि पहले उन्हें स्कूल पहुंचाना होगा। इसके बाद वे बाइक से वापस आएंगे।
परिजनों का कहना है कि इस दौरान करीब आधे घंटे तक नैना सड़क पर घायल अवस्था में पड़ी रही। यदि उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। इस बात को लेकर परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
बस की हालत बेहद खराब
हादसे के बाद पुलिस ने स्कूल बस को कब्जे में ले लिया। जांच के दौरान बस की हालत बेहद खराब पाई गई। बस पर स्कूल का नाम भी नहीं था और नंबर प्लेट भी स्पष्ट नहीं थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस काफी पुरानी और जर्जर हालत में थी।
सूत्रों के अनुसार हादसे के बाद रात में बस पर पेंट करके स्कूल का नाम छिपाने की कोशिश भी की गई। इससे मामले में लापरवाही और साक्ष्य छिपाने की आशंका भी जताई जा रही है।
प्रबंधक के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधक और बस चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी नरेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में और लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार में मातम का माहौल
इस दर्दनाक हादसे के बाद नैना के परिवार में गहरा शोक है। उसकी मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से स्कूल वाहनों की जांच और सख्त नियम लागू करने की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। इस हादसे ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Chief Editor, Taj News
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