Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 9 March 2026, 07:35 AM IST
आगरा मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर सराहनीय कार्य करते हुए ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक कुल 133 बच्चों को सुरक्षित बचाया है। यह अभियान भारतीय रेलवे के उन विशेष मानवीय अभियानों में से एक है जिसका उद्देश्य रेलवे परिसरों और ट्रेनों में भटकने वाले, लापता या संकट में फंसे बच्चों को सुरक्षित बचाना और उन्हें उनके परिवार या संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाना है।
आगरा मंडल आरपीएफ द्वारा ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत बच्चों को सुरक्षित बचाने का अभियान
आगरा मंडल आरपीएफ का ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते अभियान
मंडल रेल प्रबंधक आगरा श्री गगन गोयल के निर्देशन तथा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री पी. राज मोहन के मार्गदर्शन में आगरा मंडल आरपीएफ द्वारा ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ अभियान को लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में ऐसे बच्चों की पहचान करना है जो किसी कारणवश अपने परिवार से दूर हो गए हैं या संकट की स्थिति में हैं।
रेलवे सुरक्षा बल की टीम नियमित रूप से प्लेटफॉर्म, रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेनों में गश्त करती है। इस दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाता है।
133 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया
आगरा मंडल आरपीएफ द्वारा संचालित ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल 133 बच्चों को बचाया गया। इनमें 69 लड़के और 64 लड़कियां शामिल हैं। इन बच्चों में कई ऐसे थे जो घर से लापता थे, कुछ अपहरण या भटकाव की स्थिति में पाए गए, जबकि कुछ मानसिक रूप से अस्वस्थ या बेघर स्थिति में रेलवे परिसरों में घूमते हुए मिले।
आरपीएफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण इन बच्चों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया और उन्हें बाल संरक्षण संस्थाओं तथा उनके परिवारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
बच्चों के लिए जीवन रेखा बन रहा अभियान
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ भारतीय रेलवे का एक मानवीय मिशन है जो उन बच्चों के लिए जीवन रेखा बन रहा है जो अनिश्चित परिस्थितियों में रेलवे स्टेशनों तक पहुंच जाते हैं। रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि कई बच्चे घर से भागकर या रास्ता भटक कर रेलवे स्टेशन पहुंच जाते हैं, जहां वे शोषण या अपराध का शिकार भी हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति में आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई इन बच्चों को सुरक्षित भविष्य की ओर वापस ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ट्रैक चाइल्ड पोर्टल से मिलती है मदद
आरपीएफ द्वारा बचाए गए बच्चों की जानकारी ट्रैक चाइल्ड पोर्टल पर दर्ज की जाती है। यह पोर्टल लापता बच्चों की पहचान और पुनर्वास की प्रक्रिया को आसान बनाता है। कई मामलों में इस पोर्टल की मदद से बच्चों को जल्दी उनके परिवार तक पहुंचाने में सफलता मिली है।
रेलवे स्टेशनों को सुरक्षित बनाने की पहल
रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते का उद्देश्य केवल बच्चों को बचाना ही नहीं बल्कि रेलवे नेटवर्क को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाना भी है। आरपीएफ टीम लगातार जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को भी प्रेरित करती है कि यदि किसी बच्चे को संदिग्ध स्थिति में देखें तो तुरंत रेलवे पुलिस या आरपीएफ को सूचना दें।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में भी यह अभियान जारी रहेगा और रेलवे परिसरों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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