आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन

आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन: हास्य-व्यंग्य और गीतों से गूंजा शहर, कपिल शर्मा शो फेम अजहर ने बांधा समां

आगरा समाचार

Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 07 March 2026, 09:15 pm IST

आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन

Taj News City & Culture Desk

आगरा के साहित्य, संस्कृति और शहर के हर बड़े आयोजन की खबर

आगरा (Agra): आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन ने शहर के सभी साहित्य प्रेमियों का पूरा दिल जीत लिया है। दरअसल, शनिवार को लेमन ट्री होटल में यह भव्य आयोजन बहुत ही शानदार तरीके से हुआ। ताज न्यूज़ (Taj News) की कल्चर डेस्क के अनुसार, इस कार्यक्रम में हास्य-व्यंग्य, गीत और ग़ज़ल की एक बहुत खूबसूरत त्रिवेणी बही। इसके परिणामस्वरूप, वहां मौजूद भारी संख्या में लोगों ने कवियों की रचनाओं का खूब आनंद लिया। सृजन दीप्ति ने यह बेहतरीन आयोजन किया। इसलिए, शहर में इस साहित्यिक शाम की बहुत ही ज्यादा और भारी चर्चा हो रही है। अंततः, कपिल शर्मा शो फेम अजहर इकबाल ने अपनी गज़लों से पूरा समां बांध दिया।

HIGHLIGHTS
  • भव्य आयोजन: आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन लेमन ट्री होटल में बहुत ही शानदार तरीके से संपन्न हुआ।
  • कवियों का जमावड़ा: अजहर इकबाल, डा. अनुज त्यागी और पवन आगरी ने अपनी बेहतरीन रचनाएं मंच पर सुनाईं।
  • साहित्य और समाज: मुख्य अतिथियों ने कहा कि कविता और हास्य हमारे समाज को जोड़ने का एक बहुत सशक्त माध्यम हैं।
  • 8 सालों का सफर: सृजन दीप्ति संस्था विगत 8 वर्षों से लगातार इस तरह के शानदार आयोजन कर रही है।
आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन

▲ दीप प्रज्वलित कर के इस भव्य कवि सम्मेलन का बहुत ही शानदार और विधिवत शुभारंभ किया गया।

दिग्गज हस्तियों ने दीप जलाकर किया इस भव्य आयोजन का सीधा शुभारंभ

मुख्य रूप से, समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर के बहुत ही शानदार तरीके से हुआ। इसके अलावा, भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के चेयरमैन पूरन डावर ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। दूसरी ओर, डॉ. एमपीएस ग्रुप के चेयरपर्सन स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतः, ज्योतिषाचार्य दीदी डॉ. सरस्वती देवी और राजेश गर्ग ने भी संयुक्त रूप से दीप जलाया। इसलिए, अतिथियों के आगमन से इस पूरे साहित्यिक समारोह की शोभा बहुत ही ज्यादा बढ़ गई। अंततः, संयोजक अभिषेक शर्मा और सतीश देव त्यागी ने सभी खास मेहमानों का जोरदार स्वागत किया।

कविता और हास्य समाज को जोड़ने का एक बहुत ही सशक्त और बड़ा माध्यम

दरअसल, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूरन डावर ने अपने विचार रखे। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने कहा कि कविता और हास्य समाज को जोड़ने का एक बहुत सशक्त माध्यम हैं। साथ ही, ऐसे आयोजन हमारी पुरानी साहित्यिक परंपराओं को जीवित रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः, विशिष्ट अतिथि ए.के. सिंह ने कहा कि साहित्यिक गतिविधियां युवाओं में रचनात्मकता को हमेशा प्रोत्साहित करती हैं। इसलिए, दीदी डॉ. सरस्वती देवी ने कहा कि कवि सम्मेलन हमारी भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक बहुत अभिन्न हिस्सा हैं। अंततः, इन सभी वक्ताओं ने साहित्य को समाज का एक सच्चा आईना बताया।

आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन

▲ देश के मशहूर कवियों ने अपनी बेहतरीन रचनाओं से श्रोताओं को हास्य और साहित्य के रंगों में सराबोर कर दिया।

आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन में कपिल शर्मा शो फेम अजहर इकबाल छाए

मुख्य रूप से, मुजफ्फरनगर से आए मशहूर शायर अजहर इकबाल ने मंच पर अपना बहुत भारी जादू चलाया। इसके अलावा, कपिल शर्मा शो फेम अजहर ने अपनी बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली पंक्तियों से पूरा समां बांध दिया। दूसरी ओर, उन्होंने कहा, ‘हज़ारों साल से प्रतीक्षारत थी ये धरती धाम हो जाने से पहले। समंदर भी कहां देता है रस्ता किसी को राम हो जाने से पहले।’ अतः, उनकी इस बेहतरीन रचना पर पूरे ऑडिटोरियम में बहुत जोरदार तालियां तुरंत बज उठीं। इसलिए, उनकी गज़लों ने वहां बैठे हर एक श्रोता को अपना भारी और सीधा दीवाना बना दिया। अंततः, वे इस पूरे कवि सम्मेलन की एक बहुत ही बड़ी और खास जान बन गए।

मेरठ के डा. अनुज त्यागी ने जीवन के कड़े संघर्ष को दिए अपने बहुत गहरे शब्द

दरअसल, मेरठ के डॉ. अनुज त्यागी ने जीवन के भारी संघर्ष पर अपनी बहुत अच्छी कविता पढ़ी। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने कहा, ‘बर्बाद सब लगे कभी कभी लगे अबाद है, कशमकश है दे रही जिंदगी में स्वाद है।’ साथ ही, उन्होंने अपनी अगली लाइन में कहा, ‘गिरे तो थे गिर के फिर उठ के हम खड़े हुए, हुए जो उठ खड़े तो फिर जरा जरा बड़े हुए।’ अतः, उनके इन शब्दों ने लोगों को जिंदगी जीने की एक बहुत नई और गहरी प्रेरणा दी। इसलिए, श्रोताओं ने खड़े होकर उनकी इस सुंदर रचना का बहुत भारी स्वागत किया। अंततः, उनकी कविता ने हर निराश व्यक्ति के मन में एक नया जोश भर दिया।

हास्य कवि पवन आगरी ने समसामयिक व्यंग्य से श्रोताओं को बहुत खूब गुदगुदाया

मुख्य रूप से, हास्य कवि पवन आगरी ने अपने व्यंग्य से वहां बहुत ही शानदार और भारी ठहाके लगवाए। इसके अलावा, उन्होंने सोने-चांदी के बढ़ते दामों पर अपना एक बहुत ही तीखा और सीधा तंज कसा। दूसरी ओर, उन्होंने कहा, ‘महबूब के नखरों की तरह सोने की कीमत बढ़ गई, उधर सियासी पारे की तरह चांदी भी ऊपर चढ़ गई।’ अतः, उन्होंने अमेरिका के नए टैरिफ नियमों पर भी अपनी एक बहुत शानदार हास्य कविता पूरी तरह सुनाई। इसलिए, उनके इन चुटीले व्यंग्यों को सुनकर लोग अपनी भारी हंसी बिल्कुल भी नहीं रोक पाए। अंततः, पवन आगरी ने अपनी हास्य कला का एक बहुत ही शानदार और बेहतरीन नमूना पेश किया।

दिल्ली के उपेन्द्र पांडेय ने राष्ट्रभक्ति से पूरे माहौल को बहुत भावुक कर दिया

दरअसल, दिल्ली से आए उपेन्द्र पांडेय ने देश प्रेम की अपनी एक बहुत ही सुंदर और गहरी कविता पढ़ी। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने कहा, ‘निगाहें झुकती सजदें में वहाँ सम्मान क्या होगा? वतन पर जाँ लुटाने से बड़ा बलिदान क्या होगा?’ साथ ही, उन्होंने कहा, ‘सरहदों पर न्योछावर कर के खुद को बस कहा इतना, तिरंगा खुद लिपटकर नेह दे आराम क्या होगा?’ अतः, उनकी इस राष्ट्रभक्ति की कविता ने ऑडिटोरियम में बैठे हर इंसान को बहुत भावुक कर दिया। इसलिए, उनकी इस रचना के बाद पूरे हॉल में भारत माता की जय के बहुत भारी और ऊंचे नारे लगे। अंततः, उनकी कविता ने सैनिकों के भारी बलिदान को एक बहुत ही सच्ची और गहरी श्रद्धांजलि दी।

कवयित्री सलोनी राणा ने मानवीय संवेदनाओं को मंच से बहुत ही खुलकर व्यक्त किया

मुख्य रूप से, कवयित्री सलोनी राणा ने भी अपनी एक बहुत ही भावुक और सुंदर कविता पूरी तरह पढ़ी। इसके अलावा, उन्होंने इंसान के भारी गुरूर पर अपना एक बहुत सीधा और तीखा तंज कसा। दूसरी ओर, उन्होंने कहा, ‘कल की कुछ भी ख़बर कुछ पता तो नहीं, तू भी सबकी तरह है जुदा तो नहीं।’ अतः, उन्होंने इंसान को उसकी असली और सच्ची हैसियत की बहुत ही गहरी याद दिलाई। इसलिए, उन्होंने कहा, ‘चाहे कितना भी ख़ुद को बड़ा मान लें, आदमी आदमी (Human) है ख़ुदा तो नहीं।’ अंततः, उनकी इस रचना ने सभी श्रोताओं को आत्ममंथन करने पर बहुत ही ज्यादा मजबूर कर दिया।

गीतकार अभिषेक शर्मा ने अपनी भावपूर्ण रचना से श्रोताओं का भारी ध्यान खींचा

दरअसल, आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन में गीतकार अभिषेक शर्मा ने भी अपना एक बहुत ही सुंदर गीत सुनाया। इसके परिणामस्वरूप, उनकी भावपूर्ण रचना ने सीधे श्रोताओं के दिल में अपनी बहुत गहरी जगह बना ली। साथ ही, उन्होंने कहा, ‘जिसे हमदर्द हम समझे वजह वो दर्द की निकला, था जिसका हौसला हमको यकीं वो खोखला निकला।’ अतः, उनके इस गीत ने प्यार में मिले धोखे को बहुत ही सुंदर शब्दों में सीधे पिरोया। इसलिए, युवा वर्ग ने उनकी इस बेहतरीन रचना को बहुत ही ज्यादा और भारी पसंद किया। अंततः, उनका गीत इस पूरी संगीतमय शाम की एक बहुत ही मधुर और सुरीली याद बन गया।

आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन में शहर के कई बड़े और नामी लोग मौजूद रहे

मुख्य रूप से, इस भव्य और शानदार आयोजन में शहर की कई बड़ी और नामी हस्तियां पूरी तरह शामिल हुईं। इसके अलावा, एफमेक के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता और उपाध्यक्ष राजेश सहगल वहां सीधे मौजूद रहे। दूसरी ओर, डॉ. सीपी राय, डॉ. गिरधर शर्मा और राममोहन कपूर ने भी इस कार्यक्रम की शोभा को बहुत बढ़ाया। अतः, शहर के कई बड़े अधिकारी और शिक्षाविद भी इस कवि सम्मेलन का आनंद लेने वहां भारी संख्या में पहुंचे। इसलिए, यह कार्यक्रम आगरा के बौद्धिक वर्ग का एक बहुत ही बड़ा और शानदार जमावड़ा बन गया। अंततः, इतने बड़े लोगों की भारी उपस्थिति ने इस आयोजन को बहुत ही ज्यादा सफल और ऐतिहासिक बना दिया।

सृजन दीप्ति संस्था विगत 8 वर्षों से निरंतर कर रही है ऐसे कई शानदार आयोजन

दरअसल, आगरा फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन के अंत में सतीश देव त्यागी ने अपना भारी धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने बताया कि सृजन दीप्ति संस्था पिछले 8 सालों से बहुत ही अच्छा काम कर रही है। साथ ही, यह संस्था लगातार ऐसे शानदार कवि सम्मेलनों का अपना सफल और बड़ा आयोजन करती है। अतः, यह संस्था कई तरह के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों में भी अपनी पूरी तरह सक्रिय रहती है। इसलिए, उन्होंने कहा कि यह आयोजन हिंदी साहित्य को एक बहुत ही नई समृद्धि और बड़ी पहचान देता है। अंततः, उन्होंने सभी कवियों और श्रोताओं का इस कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए अपना आभार जताया।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News

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